लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के अगले प्रमुख

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ होंगे भारतीय सेना के अगले प्रमुख

भारत सरकार ने 13 जून 2026 को लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को भारतीय सेना का अगला थल सेनाध्यक्ष (Chief of the Army Staff – COAS) नियुक्त किया है। वह 30 जून 2026 को जनरल उपेंद्र द्विवेदी के सेवानिवृत्त होने के बाद पदभार ग्रहण करेंगे। उनका कार्यकाल 31 अगस्त 2028 तक रहने की संभावना है। लगभग चार दशकों की सैन्य सेवा और विभिन्न महत्वपूर्ण कमान एवं रणनीतिक नियुक्तियों का अनुभव रखने वाले लेफ्टिनेंट जनरल सेठ भारतीय सेना के सर्वोच्च पेशेवर पद की जिम्मेदारी संभालेंगे।

थल सेनाध्यक्ष का पद और महत्व

थल सेनाध्यक्ष भारतीय सेना का सर्वोच्च पेशेवर अधिकारी होता है और भारतीय सशस्त्र बलों के तीन सेवा प्रमुखों में से एक होता है। यह पद रक्षा मंत्रालय के अधीन कार्य करता है तथा इसे चार सितारा जनरल (Four-Star General) धारण करता है। थल सेनाध्यक्ष सेना की संचालनात्मक तैयारी, रणनीतिक योजना, सैन्य आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों में प्रमुख भूमिका निभाता है।

सैन्य करियर की शुरुआत

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA), खड़कवासला से प्रशिक्षण प्राप्त किया। इसके बाद दिसंबर 1986 में उन्हें भारतीय सेना की आर्मर्ड कोर में कमीशन प्रदान किया गया। आर्मर्ड कोर भारतीय सेना की प्रमुख लड़ाकू शाखाओं में से एक है, जो टैंकों और अन्य बख्तरबंद युद्धक वाहनों का संचालन करती है। सेना में उनकी नियुक्ति के साथ ही एक लंबी और सफल सैन्य यात्रा की शुरुआत हुई।

उप सेना प्रमुख से सेना प्रमुख तक

थल सेनाध्यक्ष नियुक्त किए जाने से पहले लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ 1 अप्रैल 2026 से भारतीय सेना के उप सेना प्रमुख (Vice Chief of the Army Staff) के रूप में कार्यरत थे। इस पद पर रहते हुए उन्होंने सेना की प्रशासनिक, रणनीतिक और संचालनात्मक गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके अनुभव और नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें सेना प्रमुख की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

महत्वपूर्ण सैन्य कमान का अनुभव

लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने सेना में कई महत्वपूर्ण कमानों का नेतृत्व किया है। उन्होंने पश्चिमी मोर्चे पर भारतीय सेना की दो प्रमुख परिचालन कमानों—दक्षिण-पश्चिमी कमान और दक्षिणी कमान—का नेतृत्व किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने एक आर्मर्ड रेजिमेंट तथा जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवाद-रोधी बल की भी कमान संभाली। विभिन्न भौगोलिक और सुरक्षा परिस्थितियों में कार्य करने का उनका अनुभव उन्हें एक अनुभवी सैन्य नेता बनाता है।

रणनीतिक और संचालनात्मक योगदान

अपने लगभग 40 वर्षों के सैन्य करियर में लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने संचालनात्मक, कमान और रणनीतिक स्तर की अनेक जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों, आतंकवाद प्रभावित क्षेत्रों और विभिन्न सैन्य अभियानों में नेतृत्व प्रदान किया है। उनके अनुभव में सैन्य योजना, युद्धक तैयारी और सुरक्षा प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं।

सैन्य सम्मान और उपलब्धियां

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए कई प्रतिष्ठित सैन्य सम्मान प्रदान किए जा चुके हैं। इनमें परम विशिष्ट सेवा पदक (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा पदक (UYSM) और अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) जैसे महत्वपूर्ण सम्मान शामिल हैं। ये पुरस्कार भारतीय सशस्त्र बलों में असाधारण और विशिष्ट सेवाओं के लिए प्रदान किए जाते हैं।

भविष्य की चुनौतियां और अपेक्षाएं

भारतीय सेना वर्तमान समय में तकनीकी आधुनिकीकरण, सीमा सुरक्षा, संयुक्त सैन्य संचालन और आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ऐसे समय में लेफ्टिनेंट जनरल सेठ का व्यापक अनुभव सेना के आधुनिकीकरण और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • थल सेनाध्यक्ष भारतीय सेना का सर्वोच्च पेशेवर अधिकारी होता है।
  • यह पद चार सितारा जनरल द्वारा संभाला जाता है।
  • राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) महाराष्ट्र के खड़कवासला में स्थित है।
  • आर्मर्ड कोर भारतीय सेना की वह शाखा है जो टैंक और बख्तरबंद युद्धक वाहनों का संचालन करती है।
  • परम विशिष्ट सेवा पदक, उत्तम युद्ध सेवा पदक और अति विशिष्ट सेवा पदक भारत के प्रमुख सैन्य सम्मान हैं।
  • लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने दिसंबर 1986 में भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त किया था।

लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ की नियुक्ति भारतीय सेना के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन का प्रतीक है। उनके व्यापक संचालनात्मक अनुभव, रणनीतिक दृष्टिकोण और नेतृत्व क्षमता से भारतीय सेना को भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने तथा आधुनिकीकरण की दिशा में आगे बढ़ने में नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है।

Originally written on June 13, 2026 and last modified on June 13, 2026.

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