राजस्थान का पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर भिवाड़ी में शुरू
राजस्थान ने इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए 15 मई 2026 को अपना पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर शुरू किया। यह परियोजना अलवर जिले के भिवाड़ी स्थित सालारपुर-खुशखेड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर में स्थापित की गई है। इस इकाई को सहस्रा सेमीकंडक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड ने विकसित किया है। उद्घाटन केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से किया। यह परियोजना भारत के सेमीकंडक्टर विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करने और राजस्थान को इलेक्ट्रॉनिक्स हब के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्या होते हैं सेमीकंडक्टर?
सेमीकंडक्टर ऐसे पदार्थ होते हैं जिनका उपयोग विद्युत धारा को नियंत्रित करने के लिए किया जाता है। ये कंप्यूटर, मोबाइल फोन, ऑटोमोबाइल, औद्योगिक मशीनों और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में इस्तेमाल होने वाली चिप्स का मुख्य आधार हैं। भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग डिजाइन, फैब्रिकेशन, असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग जैसे कई चरणों में कार्य करता है। इनमें एटीएमपी और ओसैट इकाइयां डाउनस्ट्रीम मैन्युफैक्चरिंग चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।
एटीएमपी और ओसैट सुविधा की विशेषताएं
भिवाड़ी स्थित यह इकाई एटीएमपी यानी असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग तथा ओसैट यानी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट कार्यों में विशेषज्ञता रखती है। यह सुविधा वेफर फैब्रिकेशन के बाद चिप्स की अंतिम असेंबली, परीक्षण और पैकेजिंग का काम करती है। यहां मेमोरी उत्पादों का निर्माण भी किया जाएगा और इसकी वार्षिक पैकेजिंग क्षमता लगभग 6 करोड़ यूनिट है। रिपोर्ट के अनुसार इस इकाई के 60 प्रतिशत से अधिक उत्पाद पहले ही अमेरिका, जर्मनी, फ्रांस, पूर्वी यूरोप, चीन और नेपाल जैसे देशों को निर्यात किए जा रहे हैं।
भिवाड़ी इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
भिवाड़ी का इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर दिल्ली-एनसीआर से जुड़ी औद्योगिक पट्टी में स्थित है। यहां 20 कंपनियों द्वारा 1,200 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना बनाई गई है। इस क्लस्टर से लगभग 2,500 से 2,700 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर ऐसे औद्योगिक क्षेत्र होते हैं, जहां साझा आधारभूत संरचना, लॉजिस्टिक्स और फैक्ट्री विकास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।
राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति 2026
राजस्थान सरकार ने मार्च 2026 में राजस्थान सेमीकंडक्टर नीति लागू की थी। इस नीति का उद्देश्य राज्य में सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना और दिल्ली-एनसीआर से जुड़े औद्योगिक क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करना है। भारत के विभिन्न राज्य सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए भूमि सहायता, पूंजी प्रोत्साहन, कौशल विकास और बुनियादी ढांचे से जुड़ी नीतियां बना रहे हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एटीएमपी का पूरा नाम असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग है।
- ओसैट का अर्थ आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट होता है।
- राजस्थान का पहला सेमीकंडक्टर क्लस्टर अलवर जिले के भिवाड़ी में स्थित है।
- इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योगों के लिए विकसित विशेष औद्योगिक क्षेत्र होते हैं।
भिवाड़ी में शुरू हुआ यह सेमीकंडक्टर क्लस्टर भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे न केवल रोजगार और निवेश बढ़ेगा, बल्कि भारत की वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में भागीदारी भी मजबूत होगी।