केरल की डिजिटल स्क्वायर पहल से प्राथमिक शिक्षा में तकनीक का नया अध्याय
केरल ने सरकारी स्कूलों में तकनीक-आधारित पढ़ाई को मजबूत करने के लिए ‘डिजिटल स्क्वायर’ शिक्षा पहल शुरू की है। यह कार्यक्रम राज्य के शिक्षा क्षेत्र के 100-दिवसीय कार्ययोजना का हिस्सा है और इसका उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर डिजिटल लर्निंग को अधिक प्रभावी, समावेशी और उपयोगी बनाना है।
मलप्पुरम में हुआ शुभारंभ
इस पहल का उद्घाटन 26 जुलाई 2026 को केरल के मलप्पुरम में आयोजित राज्यव्यापी ओरिएंटेशन वर्कशॉप में सामान्य शिक्षा मंत्री एन. समसुदीन ने किया। कार्यक्रम में राज्य के सभी 14 जिलों से 4,000 से अधिक हेडमास्टर और हेडमिस्ट्रेस ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से भाग लिया। इससे स्पष्ट है कि सरकार इस योजना को बड़े पैमाने पर स्कूल प्रशासन से जोड़कर लागू करना चाहती है।
प्राथमिक कक्षाओं में डिजिटल पढ़ाई पर फोकस
डिजिटल स्क्वायर को केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन यानी KITE लागू कर रहा है। यह योजना सरकारी स्कूलों की लोअर प्राइमरी और अपर प्राइमरी कक्षाओं के लिए तैयार की गई है। इसमें फ्री एंड ओपन-सोर्स सॉफ्टवेयर (FOSS) आधारित शैक्षिक टूल्स का उपयोग किया जाएगा, ताकि कक्षा में डिजिटल सामग्री को सरल और सुलभ तरीके से इस्तेमाल किया जा सके।इसके साथ KITE के सीईओ के. अनवर सादात द्वारा विकसित एक एडुटेनमेंट पैकेज भी शामिल किया गया है। इसका मकसद पढ़ाई को केवल सूचना-आधारित न रखकर उसे रोचक और सहभागितापूर्ण बनाना है।
समावेशी शिक्षा के लिए विशेष सुविधाएँ
इस पहल की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी एक्सेसिबिलिटी है। इसमें दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अलग सुविधाएँ जोड़ी गई हैं। दृष्टिबाधित छात्रों के लिए ऑडियो सहायता और CWSN यानी Children with Special Needs के लिए हाई-कॉन्ट्रास्ट यूजर इंटरफेस उपलब्ध कराया गया है।ऐसी सुविधाएँ यह दिखाती हैं कि डिजिटल शिक्षा केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे सभी बच्चों के लिए समान रूप से उपयोगी बनाने की दिशा में भी काम हो रहा है। केरल की यह पहल समावेशी शिक्षा के मॉडल के रूप में देखी जा सकती है।
100-दिवसीय योजना के अन्य डिजिटल कदम
डिजिटल स्क्वायर के साथ राज्य ने शिक्षा क्षेत्र में कई अन्य डिजिटल परियोजनाएँ भी आगे बढ़ाई हैं। इनमें Cyber Safety Protocol 2026, Tharapadham डिजिटल अकादमिक मॉनिटरिंग प्लेटफॉर्म, School Wiki-thon अभियान, हाई स्कूलों के लिए ARISE परियोजना और Little KITEs IT क्लबों का अपर प्राइमरी तथा हाई स्कूल स्तर तक विस्तार शामिल है।इन पहलों से केरल यह संकेत दे रहा है कि स्कूल शिक्षा में डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा और अकादमिक निगरानी को एक साथ मजबूत किया जाएगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- KITE का पूरा नाम Kerala Infrastructure and Technology for Education है, जो केरल की डिजिटल शिक्षा पहलों से जुड़ी राज्य एजेंसी है।
- FOSS का अर्थ Free and Open-Source Software है, जिसमें उपयोगकर्ता स्रोत कोड को देख, बदल और साझा कर सकते हैं।
- CWSN का उपयोग स्कूलों में Children with Special Needs के लिए किया जाता है।
- Little KITEs केरल में स्कूल-स्तरीय डिजिटल साक्षरता और IT क्लब गतिविधियों से जुड़ी पहल है।
डिजिटल स्क्वायर के जरिए केरल ने प्राथमिक शिक्षा में तकनीक, समावेशन और नवाचार को एक साथ जोड़ने की कोशिश की है। यह पहल सरकारी स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई की दिशा को और मजबूत कर सकती है।