केंद्र सरकार ने पुडुचेरी के 14,300 करोड़ रुपये के बजट को दी मंजूरी

केंद्र सरकार ने पुडुचेरी के 14,300 करोड़ रुपये के बजट को दी मंजूरी

केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने 12 जुलाई 2026 को केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी के वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 14,300 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी प्रदान कर दी। बजट मसौदे की समीक्षा वित्त मंत्रालय के साथ मिलकर की गई और राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त होने के बाद इसे पुडुचेरी विधानसभा में प्रस्तुत करने की अनुमति दी गई। यह बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 700 करोड़ रुपये अधिक है और इसमें राजस्व प्राप्तियों, केंद्रीय अनुदानों तथा पूंजीगत निवेश पर विशेष जोर दिया गया है।

पुडुचेरी की बजट व्यवस्था

पुडुचेरी भारतीय संविधान के अनुच्छेद 239A के तहत विधान सभा वाला एक केंद्र शासित प्रदेश है। यहां का वार्षिक बजट वार्षिक वित्तीय विवरण (एनुअल फाइनेंशियल स्टेटमेंट) के रूप में तैयार किया जाता है। इस बजट को पहले केंद्र सरकार की मंजूरी मिलती है, जिसके बाद इसे पुडुचेरी विधानसभा में विचार और अनुमोदन के लिए प्रस्तुत किया जाता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 का यह बजट भी इसी संवैधानिक प्रक्रिया के तहत तैयार किया गया है।

राजस्व प्राप्तियां और केंद्रीय सहायता

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पुडुचेरी की अनुमानित राजस्व प्राप्तियां 11,965.07 करोड़ रुपये निर्धारित की गई हैं। इनमें से 7,890.41 करोड़ रुपये पुडुचेरी के अपने कर और गैर-कर राजस्व स्रोतों से प्राप्त होने का अनुमान है, जबकि 4,074.66 करोड़ रुपये केंद्र सरकार से अनुदान के रूप में मिलेंगे। केंद्रीय सहायता के प्रमुख घटकों में 3,512.86 करोड़ रुपये सामान्य केंद्रीय सहायता, 531.80 करोड़ रुपये केंद्र प्रायोजित योजनाओं और प्रमुख कार्यक्रमों के लिए, 25 करोड़ रुपये केंद्रीय सड़क निधि तथा 5 करोड़ रुपये केंद्र शासित प्रदेश आपदा प्रतिक्रिया कोष के लिए निर्धारित किए गए हैं। केंद्रीय सड़क निधि का उपयोग सड़क निर्माण और रखरखाव के लिए किया जाता है, जबकि आपदा प्रतिक्रिया कोष का उपयोग प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों के लिए किया जाता है।

पूंजीगत प्राप्तियां और ऋण

वार्षिक वित्तीय विवरण के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए 2,334.93 करोड़ रुपये की पूंजीगत प्राप्तियों का अनुमान लगाया गया है। इसमें 186.24 करोड़ रुपये राज्यों के पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना के अंतर्गत शामिल हैं। इसके अतिरिक्त पुडुचेरी को 2,148.69 करोड़ रुपये तक का ऋण बाजार से और बातचीत के आधार पर लेने की अनुमति दी गई है। सरकारें आमतौर पर तब ऋण लेती हैं जब किसी वित्तीय वर्ष में व्यय, कुल प्राप्तियों से अधिक हो जाता है और राजकोषीय घाटे की पूर्ति करनी होती है।

पिछले वर्ष की तुलना में बड़ा बजट

वित्तीय वर्ष 2025-26 में पुडुचेरी का बजट 13,600 करोड़ रुपये था। वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत बजट इससे 700 करोड़ रुपये अधिक है। इस बजट को मुख्यमंत्री एन. रंगासामी द्वारा जुलाई 2026 के दौरान पुडुचेरी विधानसभा में प्रस्तुत किए जाने की संभावना है। बढ़ा हुआ बजट राज्य के विकास, आधारभूत संरचना और कल्याणकारी योजनाओं को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • पुडुचेरी भारत का एक ऐसा केंद्र शासित प्रदेश है, जहां अपनी विधान सभा है।
  • वार्षिक वित्तीय विवरण (Annual Financial Statement) संविधान के तहत वार्षिक बजट प्रस्तुत करने का आधिकारिक दस्तावेज होता है।
  • सामान्य केंद्रीय सहायता (Normal Central Assistance) राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को मिलने वाली प्रमुख केंद्रीय वित्तीय सहायता का हिस्सा है।
  • पूंजीगत निवेश हेतु विशेष सहायता योजना केंद्र सरकार द्वारा पूंजीगत परियोजनाओं को बढ़ावा देने के लिए संचालित की जाती है।

पुडुचेरी के लिए स्वीकृत 14,300 करोड़ रुपये का बजट वित्तीय वर्ष 2026-27 में विकास और सार्वजनिक सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। केंद्रीय सहायता, पूंजीगत निवेश और बढ़े हुए बजट आवंटन से आधारभूत संरचना, सामाजिक कल्याण और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

Originally written on July 14, 2026 and last modified on July 14, 2026.

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