कर्नाटक KAAMS अटेंडेंस सिस्टम

कर्नाटक KAAMS अटेंडेंस सिस्टम

कर्नाटक सरकार ने सरकारी शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए कर्नाटक एडवांस्ड अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम यानी KAAMS लागू किया है। इसे कार्तव्य-KAAMS मोबाइल एप्लिकेशन के रूप में शुरू किया गया है। यह व्यवस्था 2026-27 शैक्षणिक वर्ष से सरकारी शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों, समकक्ष अधिकारियों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की उपस्थिति निगरानी के लिए लागू की गई है।

KAAMS प्रणाली की मुख्य विशेषताएं

कार्तव्य-KAAMS ऐप में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस रिकग्निशन और जियो-फेंसिंग जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया है। कर्मचारी अपनी आधिकारिक जानकारी से पंजीकरण करते हैं और एचआरएमएस से जुड़े मोबाइल नंबर का सत्यापन करते हैं। इसके बाद चेहरे की पहचान और लोकेशन अनुमति के आधार पर उपस्थिति दर्ज की जाती है। इस तकनीक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कर्मचारी वास्तविक कार्यस्थल से ही उपस्थिति दर्ज करें। जियो-फेंसिंग के कारण स्कूल, कार्यालय या निर्धारित ड्यूटी स्थान के बाहर से उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं होता।

उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया

इस प्रणाली के तहत कर्मचारियों को दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज करनी होती है। पहली बार कार्यस्थल पर पहुंचने के बाद “इन टाइम” दर्ज किया जाता है और दूसरी बार कार्यस्थल छोड़ने से पहले “आउट टाइम” दर्ज किया जाता है। इससे दैनिक उपस्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होता है। सरकार ने 1 मई 2026 से पुराने बायोमेट्रिक सिस्टम की जगह इस नई मोबाइल आधारित उपस्थिति प्रणाली को लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। यह व्यवस्था सरकारी विभागों, बोर्डों और निगमों तक विस्तारित की जा रही है।

प्रशासनिक उपयोग और डेटा एकीकरण

KAAMS को ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम और स्टूडेंट्स अचीवमेंट ट्रैकिंग सिस्टम से जोड़ा गया है। इससे उपस्थिति डेटा का उपयोग वेतन, स्थानांतरण, कर्मचारी प्रबंधन और प्रशासनिक निर्णयों में किया जा सकता है। इस ऐप को कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ई-गवर्नेंस विंग ने विकसित किया है। इसे शिक्षा, स्वास्थ्य और विधानसभा सचिवालय जैसे विभागों में पायलट आधार पर भी इस्तेमाल किया गया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • KAAMS का पूरा नाम कर्नाटक एडवांस्ड अटेंडेंस मैनेजमेंट सिस्टम है।
  • यह ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस रिकग्निशन और जियो-फेंसिंग तकनीक पर आधारित है।
  • इसके तहत कर्मचारियों को दिन में दो बार उपस्थिति दर्ज करनी होती है।
  • KAAMS को एचआरएमएस और एसएटीएस जैसे सरकारी डेटा सिस्टम से जोड़ा गया है।

KAAMS कर्नाटक में डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे सरकारी संस्थानों में उपस्थिति व्यवस्था अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और जवाबदेह बनने की उम्मीद है। तकनीक आधारित यह प्रणाली शिक्षा विभाग सहित अन्य सरकारी इकाइयों में कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने में सहायक साबित हो सकती है।

Originally written on May 12, 2026 and last modified on May 12, 2026.

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