निर्माण श्रमिक कल्याण उपकर नियम
भारत सरकार ने सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों पर 1 प्रतिशत उपकर लगाने की अधिसूचना जारी की है। यह अधिसूचना सामाजिक सुरक्षा संहिता की धारा 100(1) के अंतर्गत जारी की गई है और इसने 26 सितंबर 1996 की पुरानी अधिसूचना का स्थान लिया है। इस कदम का उद्देश्य निर्माण श्रमिकों के कल्याण के लिए स्थायी वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है।
निर्माण कल्याण उपकर क्या है
निर्माण कल्याण उपकर वह राशि है जो भवन और अन्य निर्माण कार्य कराने वाले नियोक्ताओं से वसूली जाती है। सरकार ने निर्माण लागत के कुल खर्च पर 1 प्रतिशत की दर से यह उपकर तय किया है। यह व्यवस्था व्यावसायिक भवनों और अन्य निर्माण परियोजनाओं पर लागू होती है। यह उपकर निर्माण क्षेत्र में कार्यरत श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रमों को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा और सुविधाएं मिल सकेंगी।
छूट और नई व्यवस्था
नई श्रम संहिताओं के अनुसार जिन व्यक्तियों द्वारा 50 लाख रुपये से कम लागत का मकान बनाया जा रहा है, उन्हें 21 नवंबर 2025 से भवन उपकर के भुगतान से छूट दी गई है। पहले यह सीमा 10 लाख रुपये या 100 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली संपत्तियों तक सीमित थी। इस बदलाव से छोटे और मध्यम स्तर के मकान निर्माण करने वाले लोगों को राहत मिलने की संभावना है, जबकि बड़े व्यावसायिक और संस्थागत निर्माण कार्यों पर उपकर जारी रहेगा।
उपकर राशि का उपयोग
उपकर से प्राप्त धनराशि का उपयोग निर्माण श्रमिकों के कल्याण कार्यक्रमों में किया जाता है। इसमें स्वास्थ्य सुविधाएं, वित्तीय सहायता, बीमा योजनाएं और श्रमिकों के बच्चों के लिए शिक्षा सहायता शामिल हैं। इन योजनाओं का संचालन भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्डों द्वारा किया जाता है। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ये बोर्ड असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए कार्य करते हैं।
सामाजिक सुरक्षा से जुड़ाव
केंद्र सरकार ने श्रम उपकर को औपचारिक सामाजिक सुरक्षा प्रणाली से जोड़ने की योजना भी बनाई है। इसके तहत श्रमिकों को पेंशन और कर्मचारी राज्य बीमा निगम की स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ देने की दिशा में काम किया जा रहा है। सामाजिक सुरक्षा संहिता (केंद्रीय) नियम, 2025 के मसौदे के नियम 42 में उपकर भुगतान के लिए स्व-मूल्यांकन प्रणाली का भी प्रावधान किया गया है। इसमें चार्टर्ड इंजीनियर द्वारा प्रमाणन की व्यवस्था रखी गई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 भारत के चार प्रमुख श्रम कानूनों में से एक है।
- धारा 100(1) निर्माण कल्याण उपकर लगाने का कानूनी आधार प्रदान करती है।
- भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड निर्माण श्रमिकों के लिए कल्याण योजनाओं का संचालन करते हैं।
- पश्चिम बंगाल भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को 14 जनवरी 2026 को आयकर अधिनियम की धारा 10(46) के तहत छूट प्रदान की गई थी।
निर्माण कल्याण उपकर व्यवस्था भारत के निर्माण क्षेत्र में कार्यरत लाखों श्रमिकों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार और सामाजिक सुरक्षा कवरेज बढ़ाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।