कर्नाटक में नकली पनीर पर एक साल की रोक, उपभोक्ता सुरक्षा पर सख्ती
कर्नाटक सरकार ने राज्य में ‘पनीर’ के नाम पर बेचे जा रहे एनालॉग पनीर के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 17 अगस्त 2026 से 17 अगस्त 2027 तक लागू रहेगा। आदेश का मकसद उपभोक्ताओं को ऐसे गैर-डेयरी उत्पादों से बचाना है, जिन्हें पनीर जैसा दिखाकर बेचा जाता है, लेकिन जिनकी संरचना असली दूध-आधारित पनीर से अलग होती है।
एनालॉग पनीर क्या होता है
एनालॉग पनीर ऐसा खाद्य उत्पाद है जो दिखने, बनावट और उपयोग में पनीर जैसा होता है, लेकिन इसमें दूध की वसा या दूध के ठोस पदार्थों की जगह पूरी तरह या आंशिक रूप से वनस्पति तेल, वनस्पति वसा या अन्य गैर-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। इसी कारण इसे असली पनीर की श्रेणी में नहीं रखा जाता। राज्य के आदेश में ऐसे उत्पादों को विशेष रूप से चिन्हित किया गया है, जो डेयरी नाम से बेचे जाते हैं, लेकिन मानक पनीर की संरचना पर खरे नहीं उतरते।
कानूनी आधार और प्रशासनिक कार्रवाई
यह निर्देश खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(a), 18 और 29 के तहत जारी किया है। धारा 30 आयुक्त की शक्तियों से जुड़ी है, धारा 18 खाद्य सुरक्षा के सामान्य सिद्धांत तय करती है, जबकि धारा 29 खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और प्रवर्तन से संबंधित अधिकारों को परिभाषित करती है। राज्य सरकार की यह कार्रवाई खाद्य पदार्थों की शुद्धता और लेबलिंग में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त कदम मानी जा रही है।
किन उत्पादों पर असर नहीं पड़ेगा
अधिसूचना के अनुसार यह रोक उन डेयरी एनालॉग उत्पादों पर लागू होगी, जिनके लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने अलग से गुणवत्ता मानक तय नहीं किए हैं। हालांकि, यह प्रतिबंध प्रोसेस्ड चीज, फ्रोजन डेसर्ट और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे मानकीकृत खाद्य उत्पादों पर लागू नहीं होगा, क्योंकि वे अलग खाद्य श्रेणियों के तहत विनियमित हैं। राज्य के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री यू. टी. खादर ने कहा है कि होटल और रेस्टोरेंट में कृत्रिम पनीर के उपयोग पर कार्रवाई की जाएगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- पनीर भारत में आमतौर पर गाय या भैंस के दूध से बनने वाला ताजा, अम्ल-सेट चीज है।
- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 भारत में खाद्य नियमन का प्रमुख कानून है।
- भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण देश का शीर्ष खाद्य नियामक निकाय है।
- एनालॉग डेयरी उत्पाद अक्सर कम लागत वाले विकल्प के रूप में होटल, रेस्टोरेंट और फूड सर्विस सेक्टर में इस्तेमाल किए जाते हैं।
कर्नाटक अब उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने एनालॉग पनीर पर सख्ती दिखाई है। इससे साफ है कि खाद्य सुरक्षा के मामले में राज्य सरकारें उपभोक्ता हित और सही लेबलिंग को लेकर अधिक सक्रिय रुख अपना रही हैं।