चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप पर कड़ी पाबंदी

चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए कफ सिरप पर कड़ी पाबंदी

केंद्र सरकार ने छोटे बच्चों की दवा-सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए क्लोरफेनिरामाइन मेलिएट और फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड वाले फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन की निर्माण, बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। यह आदेश ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत जारी किया गया है और सिरप तथा ड्रॉप्स सहित सभी संबंधित फॉर्मुलेशनों पर लागू होगा।

किस दवा पर लगी रोक और क्यों

क्लोरफेनिरामाइन मेलिएट एक एंटीहिस्टामिन है, जिसका उपयोग एलर्जी के लक्षणों में किया जाता है, जबकि फिनाइलएफ्रिन हाइड्रोक्लोराइड नाक खोलने वाली दवा यानी डिकंजेस्टेंट के रूप में दी जाती है। ये दोनों घटक आम तौर पर सर्दी-खांसी की ओवर-द-काउंटर दवाओं में मिलते हैं। सरकार का यह फैसला खास तौर पर छोटे बच्चों में इनके उपयोग को लेकर सावधानी बढ़ाने के लिए लिया गया है।

आदेश के अनुसार, दवा पैक, लेबल, पैकेज इंसर्ट और प्रचार सामग्री पर स्पष्ट चेतावनी लिखनी होगी: “Fixed Dose Combination shall not be used in children below four years of age.” यह प्रतिबंध सभी कफ और कोल्ड दवाओं पर नहीं, बल्कि केवल इस विशेष संयोजन पर लागू है।

धारा 26A और दवा नियमन की भूमिका

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A केंद्र सरकार को जनहित में किसी दवा के निर्माण, बिक्री और वितरण को नियंत्रित करने या रोकने का अधिकार देती है। जब किसी दवा को किसी खास उपयोग के लिए असुरक्षित, अप्रभावी या तर्कहीन माना जाता है, तब इस प्रावधान का इस्तेमाल किया जाता है।

भारत में फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन यानी FDC ऐसी दवाएं हैं जिनमें दो या अधिक सक्रिय औषधीय घटक एक ही खुराक रूप में होते हैं। इन पर ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 और ड्रग्स रूल्स, 1945 के तहत सुरक्षा, प्रभावशीलता और तर्कसंगत उपयोग के आधार पर निगरानी की जाती है।

समीक्षा प्रक्रिया और नियामक ढांचा

यह निर्णय विशेषज्ञ समिति की समीक्षा और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड यानी DTAB की सलाह के बाद लिया गया। देश में दवाओं की मंजूरी, गुणवत्ता नियंत्रण और प्रवर्तन की जिम्मेदारी सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन यानी CDSCO की होती है।

यह आदेश 15 अप्रैल 2025 की उस अधिसूचना का विस्तार है, जिसमें इन्हीं घटकों वाली कुछ विशेष फॉर्मुलेशनों पर रोक लगाई गई थी। इससे पहले भी जून 2026 में मानव उपयोग के लिए 16 अन्य तर्कहीन फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन पर प्रतिबंध लगाया गया था।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A केंद्र सरकार को जनहित में दवा पर रोक लगाने का अधिकार देती है।
  • फिक्स्ड-डोज कॉम्बिनेशन (FDC) में दो या अधिक सक्रिय औषधीय घटक एक ही दवा में होते हैं।
  • DTAB का पूरा नाम Drugs Technical Advisory Board है, जो दवा मामलों पर तकनीकी सलाह देता है।
  • CDSCO भारत की राष्ट्रीय दवा नियामक संस्था है, जो दवा मंजूरी और गुणवत्ता नियंत्रण से जुड़ी है।

इस फैसले से छोटे बच्चों के लिए कफ और सर्दी की दवाओं के इस्तेमाल में अतिरिक्त सावधानी सुनिश्चित होगी। दवा पैकेजिंग पर चेतावनी को अनिवार्य बनाकर सरकार ने बाल-स्वास्थ्य सुरक्षा को नियामक प्राथमिकता दी है।

Originally written on August 22, 2026 and last modified on August 22, 2026.

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