CAA आवेदनों की प्रक्रिया अब जिला स्तर पर, प्रशासनिक ढांचा बदला
केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA), 2019 के तहत लंबित नागरिकता आवेदनों की प्रक्रिया को अब जिला कलेक्टरों के स्तर पर स्थानांतरित कर दिया है। गृह मंत्रालय के इस फैसले से पहले जो काम केंद्रीय समिति-आधारित व्यवस्था के तहत होता था, वह अब आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में जिला प्रशासन के माध्यम से किया जाएगा।
क्या बदला और किन क्षेत्रों पर लागू होगा
नई व्यवस्था Citizenship (Third Amendment) Rules, 2026 के तहत लागू की गई है। इसके दायरे में गुजरात, राजस्थान, पंजाब, पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, तथा असम और त्रिपुरा के गैर-जनजातीय क्षेत्र शामिल हैं। इन क्षेत्रों में जिला कलेक्टर अब आवेदनों की प्रारंभिक जांच, दस्तावेजों का सत्यापन, आवश्यक पूछताछ और पात्र पाए जाने पर नागरिकता प्रदान करने की प्रक्रिया संभालेंगे।
इस बदलाव का मतलब है कि नागरिकता आवेदन की पहली और महत्वपूर्ण प्रशासनिक परत अब सीधे जिला स्तर पर होगी। इससे प्रक्रिया अधिक स्थानीय और प्रशासनिक रूप से सुलभ होने की उम्मीद की जा रही है।
CAA और नागरिकता कानून का कानूनी आधार
नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 ने Citizenship Act, 1955 में Section 6B जोड़ा था। यही प्रावधान CAA के तहत पात्र व्यक्तियों को निर्धारित शर्तों और सत्यापन के बाद नागरिकता देने का कानूनी आधार बनाता है।
1955 का नागरिकता अधिनियम भारत में नागरिकता प्राप्त करने और समाप्त होने से जुड़ा मुख्य कानून है। इसमें जन्म, वंश, पंजीकरण, प्राकृतिककरण और क्षेत्र के विलय के माध्यम से नागरिकता प्राप्त करने के प्रावधान शामिल हैं। इसलिए CAA से जुड़ी प्रक्रिया इसी व्यापक कानूनी ढांचे के भीतर संचालित होती है।
पुरानी समिति व्यवस्था क्यों हटाई गई
इससे पहले 11 मार्च 2024 को लागू व्यवस्था में Empowered Committees और District Level Committees के जरिए आवेदन निपटाए जाते थे। इन समितियों में जनगणना, खुफिया ब्यूरो और डाक विभाग के अधिकारी शामिल थे।
नई अधिसूचना के साथ 20 फरवरी 2026 और 2 मार्च 2026 के दो प्रशासनिक आदेश भी निरस्त कर दिए गए हैं। हालांकि, उन आदेशों के तहत पहले से पूरी हो चुकी कार्रवाइयों को वैध माना जाएगा। यह प्रावधान प्रशासनिक निरंतरता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- CAA 2019 ने नागरिकता अधिनियम, 1955 में Section 6B जोड़ा था।
- District Collector जिले का शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी होता है और कई सरकारी प्रक्रियाओं का समन्वय करता है।
- Intelligence Bureau (IB) भारत की आंतरिक खुफिया एजेंसी है, जो गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है।
- नागरिकता अधिनियम, 1955 भारत में नागरिकता से जुड़े मूल प्रावधानों का आधार कानून है।
इस फैसले से CAA से जुड़ी लंबित प्रक्रियाओं का संचालन अब केंद्र से हटकर जिला प्रशासन के स्तर पर होगा। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि नई व्यवस्था आवेदन निपटान की गति और प्रशासनिक समन्वय पर क्या असर डालती है।