कर्नाटक का ग्राम पंचायत स्तर पर जलवायु कार्ययोजना अभियान
कर्नाटक सरकार ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। राज्य की 5,994 ग्राम पंचायतों और 340 शहरी स्थानीय निकायों के लिए अलग-अलग जलवायु कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं। यह कदम राज्य की संशोधित स्टेट एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज वर्जन-2 के तहत उठाया गया है, जिसे वर्ष 2024 में अपडेट किया गया था और जिसे पेरिस समझौते के लक्ष्यों के अनुरूप तैयार किया गया है।
ग्राम पंचायत स्तर पर जलवायु योजना
कर्नाटक का यह मॉडल जलवायु योजना को गांव स्तर तक पहुंचाने का प्रयास है। ग्राम पंचायत स्तरीय जलवायु योजना में स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार कई उपाय शामिल किए गए हैं। इनमें जल उपयोग दक्षता बढ़ाना, सूखा-रोधी फसलों और मोटे अनाजों की खेती को बढ़ावा देना, कृषि वानिकी, ऊर्जा दक्षता और वृक्षारोपण अभियान शामिल हैं। राज्य सरकार ने विभिन्न भूमि श्रेणियों में पांच करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य भी निर्धारित किया है। इसका उद्देश्य हरित आवरण बढ़ाने और पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखना है।
राज्य की जलवायु शासन व्यवस्था
कर्नाटक सरकार वर्ष 2025 से 2030 के बीच 15 विभागों में 105 जलवायु लक्ष्यों की निगरानी कर रही है। इन विभागों में कृषि, ऊर्जा, ग्रामीण विकास और शहरी विकास जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित एक शीर्ष समिति द्वारा हर महीने इन योजनाओं की समीक्षा की जाती है। इसके साथ ही वर्ष 2026 में सरकारी अधिकारियों, शैक्षणिक संस्थानों और उद्योग संगठनों के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं ताकि योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।
नवीकरणीय ऊर्जा और वित्तीय प्रावधान
कर्नाटक ने ऊर्जा क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य में 50 प्रतिशत से अधिक बिजली उत्पादन नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से हो रहा है। पर्यावरण प्रबंधन एवं नीति अनुसंधान संस्थान के निदेशक टी. महेश ने 14 मई 2026 को स्थानीय जलवायु योजनाओं के मसौदे की जानकारी दी थी। इसके अलावा, राज्य के वन, पारिस्थितिकी और पर्यावरण मंत्री ईश्वर खंड्रे ने अप्रैल 2026 में नई राज्यव्यापी जलवायु कार्ययोजना की घोषणा की थी। पांचवें राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट में भी जलवायु परिवर्तन संबंधी कार्यों के लिए अधिक बजटीय आवंटन की सिफारिश की गई है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- कर्नाटक में कुल 5,994 ग्राम पंचायतें और 340 शहरी स्थानीय निकाय हैं।
- स्टेट एक्शन प्लान ऑन क्लाइमेट चेंज वर्जन-2 को वर्ष 2024 में अपडेट किया गया था।
- राज्य सरकार 2025-2030 अवधि के लिए 15 विभागों में 105 जलवायु लक्ष्यों की निगरानी कर रही है।
- पेरिस समझौता वर्ष 2015 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा सम्मेलन के तहत अपनाया गया वैश्विक जलवायु समझौता है।
कर्नाटक की यह पहल भारत में स्थानीय स्तर पर जलवायु परिवर्तन से मुकाबले का एक महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था और सतत विकास को भी मजबूती मिलेगी।