काल भैरव एआई कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का निर्माण पुर्तगाल में होगा

काल भैरव एआई कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का निर्माण पुर्तगाल में होगा

भारतीय रक्षा क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में फ्लाइंग वेज डिफेंस एंड एयरोस्पेस ने घोषणा की है कि उसके “काल भैरव” एआई कॉम्बैट एयरक्राफ्ट का निर्माण अब पुर्तगाल में किया जाएगा। 14 मई 2026 को घोषित इस परियोजना को भारतीय मूल के स्वायत्त लड़ाकू विमान के पहले विदेशी उत्पादन केंद्र के रूप में देखा जा रहा है। इस पहल में यूरोपीय कंपनी स्केचपिक्सेल एलडीए भी शामिल है, जो फाइटर जेट सिमुलेशन सिस्टम पर कार्य करती है।

काल भैरव प्लेटफॉर्म की विशेषताएं

काल भैरव एक मीडियम-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस यानी MALE श्रेणी का स्वायत्त कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है। इसकी घोषित उड़ान सीमा लगभग 3,000 किलोमीटर है और यह 30 घंटे से अधिक समय तक लगातार उड़ान भर सकता है। इस विमान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित टारगेट पहचान प्रणाली, स्वॉर्म कोऑर्डिनेशन और एन्क्रिप्टेड संचार तकनीक जैसी आधुनिक सुविधाएं शामिल हैं। ये क्षमताएं इसे आधुनिक युद्ध परिस्थितियों में अधिक प्रभावी बनाती हैं।

यूरोप में निर्माण साझेदारी

फ्लाइंग वेज डिफेंस एंड एयरोस्पेस और स्केचपिक्सेल एलडीए के बीच हुए समझौते के तहत यूरोपीय कंपनी सिमुलेशन टेक्नोलॉजी, एआई इंटीग्रेशन, संचार प्रणाली और इंटरऑपरेबिलिटी क्षमताएं प्रदान करेगी। हालांकि, मुख्य स्वायत्त प्रणालियों और एयरफ्रेम डिजाइन के बौद्धिक संपदा अधिकार भारतीय कंपनी के पास ही रहेंगे। पुर्तगाल इस परियोजना के लिए घोषित पहला यूरोपीय निर्माण केंद्र है, जिससे भारतीय रक्षा तकनीक की वैश्विक पहुंच को नई मजबूती मिलने की संभावना है।

ऑपरेशन 777 की रणनीति

यह परियोजना “ऑपरेशन 777” का हिस्सा है, जिसे वर्ष 2025 में शुरू किया गया था। इस रणनीतिक योजना का उद्देश्य भारतीय मूल की स्वायत्त युद्ध प्रणालियों के निर्माण, एकीकरण और तैनाती के लिए वैश्विक साझेदारियां विकसित करना है। योजना के तहत सात महाद्वीपों और 77 देशों में सहयोग नेटवर्क बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • MALE का अर्थ मीडियम-एल्टीट्यूड लॉन्ग-एंड्योरेंस होता है, जो लंबी अवधि तक उड़ान भरने वाले मानवरहित विमानों की श्रेणी है।
  • पुर्तगाल नाटो और यूरोपीय संघ दोनों का सदस्य देश है।
  • स्वॉर्म कोऑर्डिनेशन तकनीक में कई स्वायत्त प्लेटफॉर्म एक साथ समन्वित तरीके से कार्य करते हैं।
  • बौद्धिक संपदा अधिकार किसी डिजाइन, तकनीक या प्रणाली के कानूनी स्वामित्व को दर्शाते हैं।

काल भैरव परियोजना भारत की रक्षा तकनीक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सैन्य प्रणालियों के क्षेत्र में बढ़ती क्षमता को प्रदर्शित करती है। यह पहल भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण और स्वायत्त युद्ध तकनीक के क्षेत्र में एक उभरती शक्ति के रूप में स्थापित कर सकती है।

Originally written on May 15, 2026 and last modified on May 15, 2026.

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