आंध्र प्रदेश में एएमसीए परियोजना के बुनियादी ढांचे की शुरुआत
भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को नई मजबूती देने वाली एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी एएमसीए परियोजना के बुनियादी ढांचे की आधारशिला 15 मई 2026 को आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले के पुट्टपर्थी में रखी जा रही है। इस परियोजना पर लगभग 15,803 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा और इसका विस्तार करीब 650 एकड़ क्षेत्र में होगा।
एएमसीए कार्यक्रम क्या है
एएमसीए भारत का पहला स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान कार्यक्रम है। यह परियोजना रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी से जुड़ी हुई है। इसका उद्देश्य भारत को अत्याधुनिक स्टील्थ तकनीक और आधुनिक वायु युद्ध क्षमता से लैस करना है। यह लड़ाकू विमान उन्नत एवियोनिक्स, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित प्रणालियों और कम रडार दृश्यता जैसी तकनीकों से सुसज्जित होगा।
परियोजना से रोजगार और औद्योगिक विकास
एएमसीए परियोजना से लगभग 7,500 प्रत्यक्ष उच्च-कौशल रोजगार सृजित होने की संभावना है। यह परियोजना रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में भारत की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के साथ-साथ स्थानीय उद्योगों और तकनीकी विकास को भी प्रोत्साहित करेगी। मार्च 2024 में कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी द्वारा औपचारिक मंजूरी मिलने के बाद यह परियोजना प्रोटोटाइप विकास चरण से जुड़ गई थी। अब इसके बुनियादी ढांचे की स्थापना के साथ कार्यक्रम को नई गति मिलने की उम्मीद है।
अन्य रक्षा विनिर्माण परियोजनाएं
इस अवसर पर आंध्र प्रदेश में कई रक्षा, एयरोस्पेस और ड्रोन निर्माण परियोजनाओं की भी शुरुआत की जा रही है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह अनाकापल्ली जिले के टी सिरासापल्ली गांव में भारत डायनेमिक्स लिमिटेड की नई नौसैनिक प्रणाली निर्माण सुविधा की आधारशिला भी रखेंगे। इन परियोजनाओं से राज्य को रक्षा उत्पादन के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद मिल सकती है।
प्रदर्शनी और तकनीकी प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान एएमसीए प्रदर्शनी और तकनीकी शोकेस का भी आयोजन किया जा रहा है। इसमें विमान के स्केल मॉडल, मिशन सिमुलेशन और एवियोनिक्स डिस्प्ले प्रस्तुत किए जाएंगे। इससे आम लोगों और उद्योग विशेषज्ञों को भारत की उन्नत रक्षा तकनीकों की झलक देखने का अवसर मिलेगा।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एएमसीए का पूरा नाम एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट है।
- यह भारत का पहला स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ लड़ाकू विमान कार्यक्रम है।
- रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी इस परियोजना से जुड़े प्रमुख संस्थान हैं।
- कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी ने एएमसीए कार्यक्रम को मार्च 2024 में मंजूरी दी थी।
एएमसीए परियोजना भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और तकनीकी प्रगति की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। इससे देश की वायु शक्ति मजबूत होने के साथ-साथ स्वदेशी रक्षा उद्योग को भी वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलने की संभावना है।