ओडिशा ने सरकारी संस्थानों में केजी से पीजी तक निःशुल्क शिक्षा देने की घोषणा की

ओडिशा ने सरकारी संस्थानों में केजी से पीजी तक निःशुल्क शिक्षा देने की घोषणा की

ओडिशा सरकार ने 12 जून 2026 को राज्य के सभी सरकारी शिक्षण संस्थानों में किंडरगार्टन (केजी) से लेकर स्नातकोत्तर (पीजी) स्तर तक निःशुल्क शिक्षा प्रदान करने की योजना की घोषणा की। यह प्रस्ताव स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग तथा उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले सरकारी संस्थानों पर लागू होगा। इस पहल का उद्देश्य राज्य में शिक्षा को अधिक सुलभ बनाना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करना है। यदि यह योजना अंतिम रूप से लागू होती है, तो ओडिशा सरकारी संस्थानों में केजी से पीजी तक निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने वाला भारत का पहला राज्य बन सकता है।

शिक्षा नीति का दायरा

ओडिशा में पहले से ही सरकारी संस्थानों में कक्षा 10 तक शिक्षा निःशुल्क उपलब्ध है। नई योजना के तहत इस सुविधा का विस्तार उच्च माध्यमिक, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर तक किया जाएगा। राज्य सरकार के अनुसार, इस नीति से 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की संभावना है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।

प्रशासनिक प्रक्रिया और वित्तीय प्रावधान

सरकार इस योजना की विस्तृत कार्यप्रणाली तैयार कर रही है। मंत्रिमंडल की स्वीकृति और आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद इसे लागू किया जाएगा। यह योजना केवल सरकारी शिक्षण संस्थानों पर लागू होगी और निजी विद्यालयों तथा निजी उच्च शिक्षण संस्थानों को इसके दायरे में शामिल नहीं किया जाएगा। उच्च शिक्षा स्तर पर निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार को प्रतिवर्ष लगभग 30 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय वहन करना पड़ सकता है।

मुख्यमंत्री ने की घोषणा

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने यह घोषणा राज्य में भाजपा सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर आयोजित एक प्रेस वार्ता में की। उन्होंने इस पहल को राज्य के व्यापक विकास और मानव संसाधन सशक्तिकरण कार्यक्रम का हिस्सा बताया। सरकार का मानना है कि शिक्षा में निवेश राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास को गति देगा।

शिक्षक भर्ती और संस्थागत विस्तार

राज्य सरकार ने अगले तीन वर्षों में 45,000 अतिरिक्त शिक्षकों की भर्ती करने की योजना भी घोषित की है। इससे विद्यालयों और महाविद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ेगी और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा। पिछले दो वर्षों के दौरान राज्य में 26,615 शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त सरकार ओडिशा में चार नए विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी कार्य कर रही है।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का क्रियान्वयन

ओडिशा सरकार ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को लागू किया है और प्राथमिक शिक्षा के क्षेत्र में भी कई नई पहलें शुरू की हैं। इसी क्रम में राज्य की प्रत्येक पंचायत में गोदाबरिश मिश्रा आदर्श प्राथमिक विद्यालय स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है।

शिक्षा क्षेत्र में संभावित प्रभाव

विशेषज्ञों का मानना है कि केजी से पीजी तक निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था उच्च शिक्षा में नामांकन दर बढ़ाने और शिक्षा छोड़ने की समस्या को कम करने में मदद कर सकती है। इसके साथ ही यह नीति सामाजिक समानता को बढ़ावा देने और युवाओं को बेहतर रोजगार अवसरों के लिए तैयार करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • ओडिशा ने 12 जून 2026 को सरकारी संस्थानों में केजी से पीजी तक निःशुल्क शिक्षा की योजना की घोषणा की।
  • राज्य में पहले से सरकारी संस्थानों में कक्षा 10 तक शिक्षा निःशुल्क है।
  • प्रस्तावित योजना से 10 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की संभावना है।
  • उच्च शिक्षा स्तर पर इस योजना का वार्षिक व्यय लगभग 30 करोड़ रुपये आंका गया है।
  • ओडिशा सरकार अगले तीन वर्षों में 45,000 नए शिक्षकों की भर्ती करने की योजना बना रही है।
  • राज्य में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू की जा चुकी है।

ओडिशा की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। केजी से पीजी तक निःशुल्क शिक्षा की व्यवस्था लाखों विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा के नए अवसर खोल सकती है और राज्य के मानव संसाधन विकास को नई दिशा दे सकती है। यदि योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो यह अन्य राज्यों के लिए भी एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकती है।

Originally written on June 13, 2026 and last modified on June 13, 2026.

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