ऑस्ट्रेलिया में पहली बार मुख्य भूमि पर मिला एच5एन1 बर्ड फ्लू का मामला
ऑस्ट्रेलिया ने 20 जून 2026 को अपनी मुख्य भूमि पर अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा (एच5एन1) का पहला मामला दर्ज किया। यह संक्रमण दक्षिणी पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के एस्पेरेंस के निकट स्थित केप ले ग्रैंड नेशनल पार्क में मृत पाए गए एक ब्राउन स्कुआ पक्षी में पाया गया। जांच के बाद वैज्ञानिकों ने पुष्टि की कि यह वायरस एच5एन1 के क्लेड 2.3.4.4बी वंश से संबंधित है। इस घटना ने देश की जैव-सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव निगरानी प्रणाली को और अधिक सक्रिय कर दिया है।
एच5एन1 और अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा क्या है?
अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा (एचपीएआई) पक्षियों में फैलने वाला एक गंभीर वायरल रोग है, जो इन्फ्लूएंजा ए वायरस के कारण होता है। एच5एन1 इसी वायरस का एक उपप्रकार है, जो मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करता है, हालांकि कुछ स्तनधारियों में भी संक्रमण फैलाने की क्षमता रखता है। क्लेड 2.3.4.4बी एच5एन1 का एक ऐसा वंश है, जिसकी वैश्विक स्तर पर लगातार निगरानी की जाती है। हाल के वर्षों में यह वायरस दुनिया के कई क्षेत्रों में देखा गया है और वन्य पक्षियों के माध्यम से विभिन्न देशों तक पहुंचा है।
दक्षिणी पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में मिले मामले
ब्राउन स्कुआ पक्षी सबसे पहले 14 जून 2026 को केप ले ग्रैंड नेशनल पार्क में मृत अवस्था में मिला था। इसके बाद 18 जून को उसी क्षेत्र में एक उत्तरी जायंट पेट्रेल नामक प्रवासी पक्षी बीमार अवस्था में पाया गया। परीक्षण के दौरान दोनों पक्षियों में एच5एन1 संक्रमण की पुष्टि हुई। ये दोनों मामले ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि पर दर्ज किए गए, जिससे स्वास्थ्य और वन्यजीव अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। हालांकि अभी तक बड़े पैमाने पर वन्यजीवों की मृत्यु या पोल्ट्री उद्योग में संक्रमण फैलने के संकेत नहीं मिले हैं।
जैव-सुरक्षा और निगरानी उपायों को मिली मजबूती
मुख्य भूमि पर एच5एन1 की पुष्टि के बाद ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने कई एहतियाती कदम उठाए हैं। इनमें कृषि फार्मों पर जैव-सुरक्षा उपायों को सख्त करना, तटीय पक्षियों की नियमित जांच, संवेदनशील प्रजातियों का टीकाकरण तथा आपातकालीन प्रतिक्रिया अभ्यास शामिल हैं। गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में इससे पहले वर्ष 2025 के अंत में हर्ड द्वीप पर एच5एन1 का पता चला था, जो एक उप-अंटार्कटिक ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्र है। मुख्य भूमि पर संक्रमण मिलने के बाद सरकार और वैज्ञानिक एजेंसियां संभावित जोखिमों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एच5एन1 इन्फ्लूएंजा ए वायरस का एक उपप्रकार है, जो पक्षियों में बर्ड फ्लू का कारण बनता है।
- अत्यधिक रोगजनक एवियन इन्फ्लूएंजा को संक्षेप में एचपीएआई कहा जाता है।
- क्लेड 2.3.4.4बी एच5एन1 का एक प्रमुख वंश है, जिसकी वैश्विक स्तर पर निगरानी की जाती है।
- सीएसआईआरओ ऑस्ट्रेलिया की राष्ट्रीय वैज्ञानिक अनुसंधान एजेंसी है, जो संक्रामक रोगों की प्रयोगशाला जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
- हर्ड द्वीप वह पहला ऑस्ट्रेलियाई क्षेत्र था जहां मुख्य भूमि से पहले एच5एन1 संक्रमण दर्ज किया गया था।
ऑस्ट्रेलिया की मुख्य भूमि पर एच5एन1 का पहला मामला देश की वन्यजीव और जैव-सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी माना जा रहा है। हालांकि अभी तक पोल्ट्री उद्योग या बड़े पैमाने पर वन्यजीवों में संक्रमण के प्रमाण नहीं मिले हैं, फिर भी सरकार और वैज्ञानिक संस्थान सतर्कता के साथ स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। यह घटना वैश्विक स्तर पर फैल रहे बर्ड फ्लू के खतरे और प्रभावी निगरानी तंत्र की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है।