एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी निर्माण के लिए 10 जीडब्ल्यूएच क्षमता पर वैश्विक निविदाएं आमंत्रित
भारत सरकार के भारी उद्योग मंत्रालय ने 15 जुलाई 2026 को देश में 10 गीगावाट-घंटा (जीडब्ल्यूएच) क्षमता वाली गीगा-स्तरीय एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (एसीसी) बैटरी निर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए वैश्विक निविदाएं आमंत्रित की हैं। यह क्षमता विशेष रूप से ग्रिड-स्केल स्टेशनरी स्टोरेज अनुप्रयोगों के लिए आरक्षित की गई है। यह पहल राष्ट्रीय एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी भंडारण कार्यक्रम के अंतर्गत की जा रही है, जो घरेलू बैटरी निर्माण को बढ़ावा देने वाली उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का हिस्सा है।
एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी योजना
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मई 2021 में राष्ट्रीय एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी भंडारण कार्यक्रम को मंजूरी दी थी। इस योजना के लिए 18,100 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। योजना का लक्ष्य भारत में 50 जीडब्ल्यूएच एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल निर्माण क्षमता विकसित करना है। इसका उद्देश्य इलेक्ट्रिक वाहनों, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स तथा ग्रिड-आधारित ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में उपयोग होने वाली बैटरी कोशिकाओं का घरेलू उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और मजबूत बैटरी विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र तैयार करना है।
निविदा प्रक्रिया और क्षमता आवंटन
10 जीडब्ल्यूएच क्षमता के लिए निविदा दस्तावेज 15 जुलाई 2026 से उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस चरण के लिए 29 जुलाई 2026 को प्री-बिड सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जबकि निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। तकनीकी बोलियां 14 अक्टूबर 2026 को खोली जाएंगी। 50 जीडब्ल्यूएच के कुल लक्ष्य में से 40 जीडब्ल्यूएच क्षमता पहले ही पूर्व चरणों में आवंटित की जा चुकी है। वर्तमान चरण के माध्यम से शेष क्षमता के आवंटन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की जाएगी।
पहले से चयनित कंपनियां
योजना के पहले चरणों में रिलायंस न्यू एनर्जी बैटरी लिमिटेड, ओला इलेक्ट्रिक और राजेश एक्सपोर्ट्स को लाभार्थी के रूप में चुना गया था। इन कंपनियों को क्रमशः 15 जीडब्ल्यूएच, 20 जीडब्ल्यूएच और 5 जीडब्ल्यूएच निर्माण क्षमता प्रदान की गई थी। बाद में 17 फरवरी 2025 को रिलायंस न्यू एनर्जी बैटरी लिमिटेड को इस क्षमता के अंतर्गत 10 जीडब्ल्यूएच का आवंटन प्राप्त हुआ। इन परियोजनाओं का उद्देश्य भारत में आधुनिक बैटरी निर्माण और ऊर्जा भंडारण उद्योग का विस्तार करना है।
योजना के उद्देश्य और चुनौतियां
एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरियां इलेक्ट्रिक वाहन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और बड़े ऊर्जा भंडारण संयंत्रों में व्यापक रूप से उपयोग की जाती हैं। ग्रिड-स्केल स्टेशनरी स्टोरेज ऐसी बड़ी बैटरी प्रणालियां होती हैं जो विद्युत ग्रिड के लिए बिजली का भंडारण करती हैं और मांग के समय ऊर्जा उपलब्ध कराती हैं। इस योजना का उद्देश्य घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देकर ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना, वैश्विक निवेश आकर्षित करना और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भागीदारी बढ़ाना है। हालांकि, फरवरी 2026 तक योजना के अंतर्गत प्रोत्साहन राशि का कोई वितरण नहीं हुआ था। इसके पीछे उन्नत तकनीक की सीमित उपलब्धता, कुशल मानव संसाधन की कमी तथा आवश्यक मशीनरी के आयात में देरी जैसी चुनौतियां प्रमुख कारण बताई गईं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल (एसीसी) बैटरियां इलेक्ट्रिक वाहन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और ऊर्जा भंडारण प्रणालियों में उपयोग की जाती हैं।
- ग्रिड-स्केल स्टेशनरी स्टोरेज बड़े बैटरी सिस्टम होते हैं, जो विद्युत ग्रिड के लिए बिजली का भंडारण करते हैं।
- उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना का उद्देश्य विनिर्माण उत्पादन बढ़ाने के लिए कंपनियों को प्रोत्साहन देना है।
- राष्ट्रीय एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी भंडारण कार्यक्रम को मई 2021 में 18,100 करोड़ रुपये के बजट के साथ मंजूरी दी गई थी।
एडवांस्ड केमिस्ट्री सेल बैटरी निर्माण के लिए नई वैश्विक निविदाएं भारत को ऊर्जा भंडारण और स्वच्छ प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे घरेलू बैटरी उद्योग को मजबूती मिलेगी, विदेशी निवेश आकर्षित होगा और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी तथा नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र के विकास को नई गति प्राप्त होगी।