ई-सरस: स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को राष्ट्रीय बाजार से जोड़ने वाला डिजिटल मंच
ग्रामीण महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों को देशभर के ग्राहकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से ई-सरस (eSARAS) की शुरुआत की गई। यह दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का आधिकारिक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है, जहां स्वयं सहायता समूहों (SHGs) और उनके महासंघों द्वारा निर्मित उत्पादों की बिक्री की जाती है। इस मंच का शुभारंभ 28 अक्टूबर 2022 को केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने किया था। इसका विकास डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत किया है।
ई-सरस का उद्देश्य और संस्थागत ढांचा
दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) ग्रामीण विकास मंत्रालय की प्रमुख आजीविका योजना है। ई-सरस इसी मिशन के अंतर्गत महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों को डिजिटल बाजार उपलब्ध कराता है। यह मंच उत्पादों की मार्केटिंग, ब्रांडिंग और लॉजिस्टिक्स जैसी सुविधाएं प्रदान करता है, जिससे ग्रामीण महिला उद्यमियों के उत्पाद राष्ट्रीय स्तर के ग्राहकों तक पहुंच सकें। फरवरी 2024 तक इस मंच के लगभग 85 प्रतिशत उपयोगकर्ता सीधे ग्रामीण विकास मंत्रालय के नेटवर्क से जुड़े हुए थे।
डिजिटल विस्तार और ओएनडीसी से जुड़ाव
1 जुलाई 2026 तक 8.62 करोड़ से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह सदस्यों को ई-सरस के माध्यम से अपना डिजिटल स्टोरफ्रंट उपलब्ध कराया जा चुका था। इस प्लेटफॉर्म को ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) और उमंग (UMANG) प्लेटफॉर्म से भी जोड़ा गया है। ओएनडीसी के माध्यम से ई-सरस के उत्पाद 11 से अधिक खरीदार एप्लिकेशन पर उपलब्ध हैं और 20 करोड़ से अधिक संभावित ग्राहकों तक पहुंच सकते हैं। इससे ग्रामीण उत्पादों को व्यापक बाजार और बेहतर व्यावसायिक अवसर मिल रहे हैं।
उत्पाद और पारंपरिक हस्तशिल्प
ई-सरस पर होम एंड लिविंग, पुरुष एवं महिला परिधान, फैशन एक्सेसरीज़, व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद, खाद्य सामग्री तथा बच्चों के खिलौनों सहित अनेक श्रेणियों के उत्पाद उपलब्ध हैं। इस मंच पर मध्य प्रदेश की प्रसिद्ध चंदेरी साड़ियां, राजस्थान की संगमरमर हस्तशिल्प कलाकृतियां तथा जम्मू-कश्मीर के पश्मीना उत्पाद जैसे पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प भी बिक्री के लिए सूचीबद्ध हैं। इससे स्थानीय कारीगरों और महिला उद्यमियों को अपनी कला को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने का अवसर मिल रहा है।
सरस आजीविका गैलरी और सरस शक्ति कलेक्शन
ग्रामीण उत्पादों के प्रचार-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए नई दिल्ली के बाबा खड़क सिंह मार्ग पर स्थायी सरस आजीविका गैलरी की स्थापना की गई है। इसके अलावा, राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन 2026 के दौरान ग्रामीण विकास मंत्रालय ने संस्थागत और कॉर्पोरेट खरीदारों के लिए सरस शक्ति कलेक्शन नामक प्रीमियम उत्पाद श्रृंखला भी लॉन्च की। इसका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले ग्रामीण उत्पादों को बड़े खरीदारों तक पहुंचाना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ई-सरस, दीनदयाल अंत्योदय योजना–राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) का आधिकारिक ऑनलाइन मार्केटप्लेस है।
- ओएनडीसी (ONDC) एक डिजिटल कॉमर्स नेटवर्क है, जो विभिन्न एप्लिकेशन के माध्यम से खरीदारों और विक्रेताओं को जोड़ता है।
- उमंग (UMANG) भारत सरकार का एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से अनेक सरकारी सेवाओं का लाभ लिया जा सकता है।
- स्वयं सहायता समूह (Self-Help Groups) ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आजीविका विकास के प्रमुख माध्यम हैं।
ई-सरस ग्रामीण महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह मंच स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों को राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उनकी आय बढ़ाने, पारंपरिक हस्तशिल्प को बढ़ावा देने और ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। डिजिटल तकनीक और ई-कॉमर्स के माध्यम से यह पहल आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत के निर्माण की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।