इतिहासकार सुमित सरकार का निधन, आधुनिक भारत के अध्ययन को मिली नई दिशा

इतिहासकार सुमित सरकार का निधन, आधुनिक भारत के अध्ययन को मिली नई दिशा

आधुनिक भारतीय इतिहास के प्रमुख मार्क्सवादी इतिहासकार प्रोफेसर सुमित सरकार का नई दिल्ली में 13 अगस्त 2026 को 87 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। राष्ट्रीयता, उपनिवेशवाद और सामाजिक इतिहास पर उनके शोध ने भारतीय इतिहास लेखन को नई दृष्टि दी और विश्वविद्यालयी पाठ्यक्रमों में उनकी रचनाओं की विशेष पहचान बनी रही।

आधुनिक भारत के इतिहास लेखन में अहम योगदान

सुमित सरकार का जन्म 1939 में कलकत्ता में एक बंगाली ब्रह्मो परिवार में हुआ था। उनका पारिवारिक और बौद्धिक परिवेश भी अकादमिक परंपरा से जुड़ा था। वे इतिहासकार सुशोभन चंद्र सरकार और सांख्यिकीविद प्रशांत चंद्र महालनोबिस से जुड़े अकादमिक परिवार का हिस्सा थे।

उन्होंने आधुनिक भारतीय इतिहास के अध्ययन में औपनिवेशिक शासन, राष्ट्रवाद और सामाजिक आंदोलनों को केंद्र में रखा। उनकी पुस्तक The Swadeshi Movement in Bengal, 1903-1908 1973 में प्रकाशित हुई और बंगाल के स्वदेशी आंदोलन पर एक महत्वपूर्ण शोध मानी जाती है।

‘हिस्ट्री फ्रॉम बिलो’ की पहचान

सुमित सरकार की 1983 में प्रकाशित पाठ्यपुस्तक Modern India: 1885–1947 को इतिहास लेखन की उस पद्धति से जोड़ा जाता है जिसे “history from below” कहा जाता है। इस दृष्टिकोण में इतिहास को केवल शासकों, नेताओं या अभिजात वर्ग के नजरिए से नहीं, बल्कि किसानों, मजदूरों, आदिवासी समुदायों और अन्य हाशिये के समूहों के अनुभवों के माध्यम से समझा जाता है।

यही कारण है कि उनकी रचनाएं आधुनिक भारत के सामाजिक-आर्थिक बदलावों को समझने के लिए आज भी महत्वपूर्ण मानी जाती हैं।

शिक्षण, सम्मान और वैचारिक प्रतिबद्धता

सुमित सरकार ने 1974 से 2004 तक दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास पढ़ाया। इससे पहले वे कलकत्ता विश्वविद्यालय और बर्दवान विश्वविद्यालय में भी अध्यापन से जुड़े रहे। शिक्षण के साथ-साथ वे शोध और वैचारिक बहसों में भी सक्रिय रहे।

उन्हें 2004 में पश्चिम बंगाल सरकार का रवींद्र पुरस्कार मिला था, लेकिन 2007 में सिंगुर और नंदीग्राम में किसानों की बेदखली के विरोध में उन्होंने यह सम्मान लौटा दिया। यह कदम उनकी सामाजिक और राजनीतिक संवेदनशीलता का प्रतीक माना गया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सुमित सरकार का जन्म 1939 में हुआ था और उनका निधन 2026 में 87 वर्ष की आयु में हुआ।
  • उनकी प्रमुख पुस्तक The Swadeshi Movement in Bengal, 1903-1908 1973 में प्रकाशित हुई थी।
  • Modern India: 1885–1947 1983 में प्रकाशित हुई और “history from below” से जुड़ी मानी जाती है।
  • उन्होंने 1974 से 2004 तक दिल्ली विश्वविद्यालय में इतिहास पढ़ाया।

सुमित सरकार का निधन भारतीय इतिहास-लेखन की एक महत्वपूर्ण आवाज के शांत हो जाने जैसा है। उनकी किताबें और दृष्टिकोण आधुनिक भारत के सामाजिक इतिहास को समझने वालों के लिए लंबे समय तक संदर्भ बने रहेंगे।

Originally written on August 14, 2026 and last modified on August 14, 2026.

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