आरबीआई ने मौद्रिक नीति के लिए तीन महत्वपूर्ण घरेलू सर्वेक्षण शुरू किए
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 9 जुलाई 2026 को मौद्रिक नीति निर्माण को अधिक प्रभावी और सटीक बनाने के उद्देश्य से तीन महत्वपूर्ण घरेलू सर्वेक्षण शुरू किए हैं। इनमें जुलाई 2026 का घरेलू परिवारों का मुद्रास्फीति अपेक्षा सर्वेक्षण, ग्रामीण उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण तथा शहरी उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण शामिल हैं। इन सर्वेक्षणों से प्राप्त आंकड़े महंगाई, उपभोक्ता धारणा, आय, रोजगार और खर्च से जुड़ी अपेक्षाओं का आकलन करने में मदद करेंगे, जो मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के निर्णयों के लिए महत्वपूर्ण आधार बनते हैं।
आरबीआई और मौद्रिक नीति की भूमिका
भारतीय रिजर्व बैंक देश का केंद्रीय बैंक है, जिसकी स्थापना 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत हुई थी। देश में मौद्रिक नीति का संचालन आरबीआई के माध्यम से किया जाता है। मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) नियमित अंतराल पर बैठक कर नीतिगत रेपो दर निर्धारित करती है, जिसके माध्यम से महंगाई पर नियंत्रण और अर्थव्यवस्था में तरलता का संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। आगामी मौद्रिक नीति समिति की बैठक 3 से 5 अगस्त 2026 के बीच आयोजित होगी, जिसमें इन सर्वेक्षणों से प्राप्त निष्कर्षों का उपयोग नीति निर्माण में किया जाएगा।
मुद्रास्फीति अपेक्षा सर्वेक्षण का उद्देश्य
घरेलू परिवारों का मुद्रास्फीति अपेक्षा सर्वेक्षण लोगों की महंगाई संबंधी धारणा और भविष्य की कीमतों को लेकर उनकी अपेक्षाओं को समझने के लिए किया जाता है। जुलाई 2026 का यह सर्वेक्षण देश के 19 शहरों में आयोजित किया जा रहा है। इसमें परिवारों से वर्तमान महंगाई की स्थिति और निकट भविष्य में वस्तुओं एवं सेवाओं की कीमतों में संभावित बदलाव के बारे में उनकी राय ली जाएगी। यह सर्वेक्षण आरबीआई को यह समझने में मदद करता है कि आम नागरिक भविष्य में महंगाई को किस प्रकार देखते हैं और इसका उनके आर्थिक व्यवहार पर क्या प्रभाव पड़ सकता है।
ग्रामीण और शहरी उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण
ग्रामीण उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण का उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों की वर्तमान आर्थिक स्थिति और अगले एक वर्ष के लिए उनकी अपेक्षाओं का आकलन करना है। यह सर्वेक्षण 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में किया जा रहा है। इसमें सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार, कीमतों, आय और उपभोक्ता खर्च से संबंधित जानकारी एकत्र की जाती है। वहीं, शहरी उपभोक्ता विश्वास सर्वेक्षण देश के 19 प्रमुख शहरों, जैसे अहमदाबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, दिल्ली और मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। इसमें परिवारों से सामान्य आर्थिक स्थिति, रोजगार के अवसर, मूल्य स्तर, घरेलू आय और खर्च के संबंध में गुणात्मक प्रतिक्रियाएं प्राप्त की जाती हैं। इन दोनों सर्वेक्षणों से प्राप्त आंकड़े उपभोक्ता भावना और आर्थिक गतिविधियों की दिशा को समझने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं तथा भविष्य की आर्थिक नीतियों के निर्माण में उपयोग किए जाते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की स्थापना 1 अप्रैल 1935 को भारतीय रिजर्व बैंक अधिनियम, 1934 के तहत हुई थी।
- मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) में कुल 6 सदस्य होते हैं, जो नीतिगत रेपो दर निर्धारित करते हैं।
- रेपो दर वह प्रमुख नीति दर है जिस पर आरबीआई वाणिज्यिक बैंकों को अल्पकालिक ऋण उपलब्ध कराता है।
- घरेलू सर्वेक्षणों का उपयोग महंगाई, आय, रोजगार, उपभोक्ता खर्च और आर्थिक अपेक्षाओं का आकलन करने के लिए किया जाता है।
आरबीआई द्वारा शुरू किए गए ये तीनों सर्वेक्षण देश की आर्थिक स्थिति और उपभोक्ताओं की मानसिकता को समझने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। इनसे प्राप्त जानकारी महंगाई नियंत्रण, ब्याज दरों के निर्धारण और प्रभावी मौद्रिक नीति निर्माण में अहम भूमिका निभाएगी, जिससे देश की आर्थिक स्थिरता और विकास को मजबूती मिलेगी।