असम ने किसान रजिस्ट्री पोर्टल में चाय बागान भूमि को किया शामिल, छोटे चाय उत्पादकों को मिलेगा बड़ा लाभ

असम ने किसान रजिस्ट्री पोर्टल में चाय बागान भूमि को किया शामिल, छोटे चाय उत्पादकों को मिलेगा बड़ा लाभ

असम सरकार ने 26 जून 2026 को कृषि क्षेत्र के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए किसान रजिस्ट्री पोर्टल में चाय और प्लांटेशन श्रेणी की भूमि को शामिल कर दिया। इस नई व्यवस्था के तहत राज्य के छोटे चाय उत्पादक अब विशिष्ट किसान आईडी (Farmer ID) प्राप्त कर सकेंगे और अपने चाय बागान से संबंधित भूमि रिकॉर्ड को डिजिटल कृषि सेवाओं से जोड़ सकेंगे। इस पहल का उद्देश्य छोटे चाय उत्पादकों को सरकारी योजनाओं, संस्थागत ऋण और प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) जैसी सुविधाओं तक सरल और पारदर्शी पहुंच उपलब्ध कराना है।

किसान रजिस्ट्री पोर्टल क्या है?

किसान रजिस्ट्री पोर्टल एक डिजिटल मंच है, जहां किसानों की पहचान और उनकी कृषि भूमि से संबंधित जानकारी दर्ज की जाती है। इस पोर्टल के माध्यम से किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ एकीकृत प्रणाली के जरिए उपलब्ध कराया जाता है। चाय बागान भूमि को इस पोर्टल में शामिल किए जाने से असम के छोटे चाय उत्पादक भी राज्य के आधिकारिक किसान डेटाबेस का हिस्सा बन जाएंगे। इससे उन्हें सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ अधिक सुगमता से प्राप्त होगा।

छोटे चाय उत्पादकों को क्या लाभ मिलेगा?

नई व्यवस्था के तहत छोटे चाय उत्पादकों को एक विशिष्ट किसान आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे उनकी पहचान और भूमि संबंधी विवरण डिजिटल रूप से दर्ज होंगे। इसके माध्यम से वे उर्वरकों की उपलब्धता, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं, संस्थागत ऋण तथा प्रत्यक्ष लाभ अंतरण जैसी सुविधाओं का लाभ एक ही मंच से प्राप्त कर सकेंगे। यह प्रणाली किसानों को साहूकारों और बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में भी मदद करेगी तथा वित्तीय संस्थानों तक उनकी पहुंच को आसान बनाएगी।

कृषि भूमि रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण

चाय बागान भूमि का पंजीकरण असम में कृषि भूमि के व्यापक डिजिटलीकरण अभियान का हिस्सा है। डिजिटल भूमि रिकॉर्ड से सेवा वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, प्रशासनिक प्रक्रियाएँ सरल होंगी और सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक अधिक प्रभावी ढंग से पहुँच सकेगा। डिजिटल रिकॉर्ड के माध्यम से कृषि प्रशासन को भी किसानों की वास्तविक स्थिति का सटीक आंकलन करने और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी।

चाय बागान श्रमिकों के भूमि अधिकार

इस पहल से पहले 10 फरवरी 2026 को असम सरकार ने असम भूमि धारण सीमा निर्धारण (संशोधन) अधिनियम, 2025 के तहत 3.5 लाख से अधिक चाय बागान श्रमिक परिवारों को भूमि के स्वामित्व प्रमाण-पत्र (पट्टे) प्रदान करने की घोषणा की थी। यह कदम चाय बागान समुदायों के भूमि अधिकारों को मजबूत करने और उनके सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में राज्य सरकार की व्यापक कल्याणकारी नीति का हिस्सा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • 26 जून 2026 को असम ने चाय और प्लांटेशन श्रेणी की भूमि को किसान रजिस्ट्री पोर्टल में शामिल किया।
  • छोटे चाय उत्पादकों को इस प्रणाली के तहत विशिष्ट किसान आईडी (Farmer ID) प्रदान की जाएगी।
  • 10 फरवरी 2026 को 3.5 लाख से अधिक चाय बागान श्रमिक परिवारों को भूमि के पट्टे देने की घोषणा की गई थी।
  • असम भारत के सबसे बड़े चाय उत्पादक राज्यों में से एक है और चाय राज्य की प्रमुख बागान फसलों में शामिल है।

किसान रजिस्ट्री पोर्टल में चाय बागान भूमि को शामिल करना असम के कृषि डिजिटलीकरण और किसान कल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे छोटे चाय उत्पादकों को सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता और डिजिटल सेवाओं तक बेहतर पहुंच मिलेगी तथा राज्य के चाय उद्योग को अधिक संगठित, पारदर्शी और सशक्त बनाने में सहायता प्राप्त होगी।

Originally written on June 27, 2026 and last modified on June 27, 2026.

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