OPEC+ का सितंबर उत्पादन बढ़ोतरी फैसला, तेल बाजार पर नई नजर

OPEC+ का सितंबर उत्पादन बढ़ोतरी फैसला, तेल बाजार पर नई नजर

वैश्विक कच्चे तेल बाजार के लिए OPEC+ का ताजा फैसला अहम माना जा रहा है। संगठन ने 2 अगस्त 2026 को हुई वर्चुअल बैठक में सितंबर 2026 के लिए उत्पादन 1,88,000 बैरल प्रतिदिन बढ़ाने को मंजूरी दी। यह कदम ऐसे समय आया है जब आपूर्ति, अनुपालन और भू-राजनीतिक तनावों के कारण तेल बाजार लगातार अस्थिर बना हुआ है।

सितंबर के लिए कितना बढ़ेगा उत्पादन

यह बढ़ोतरी OPEC+ के उन सात प्रमुख सदस्यों से जुड़ी है, जिनमें सऊदी अरब, रूस, इराक, कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं। सितंबर का यह फैसला 2023 में तय की गई 16.5 लाख बैरल प्रतिदिन की स्वैच्छिक कटौती को चरणबद्ध तरीके से वापस लेने की प्रक्रिया का अंतिम हिस्सा है।इसके बावजूद लगभग 20 लाख बैरल प्रतिदिन की एक अलग कटौती व्यवस्था अभी भी लागू रहेगी, जिसे 2022 में शुरू किया गया था और जो 2026 के अंत तक जारी रहने वाली है। यानी उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ OPEC+ अभी भी बाजार में आपूर्ति को नियंत्रित रखने की नीति पर कायम है।

किस देश की कितनी हिस्सेदारी

ताजा योजना के तहत सऊदी अरब और रूस सितंबर में अपने-अपने उत्पादन में 62,000 बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी करेंगे। इराक का उत्पादन 26,000 बैरल प्रतिदिन बढ़ने की उम्मीद है, जिससे उसका कुल उत्पादन लगभग 44 लाख बैरल प्रतिदिन तक पहुंच सकता है।यह बढ़ोतरी केवल उत्पादन संख्या नहीं, बल्कि OPEC+ के भीतर संतुलन साधने की कोशिश भी है। संगठन बार-बार यह संकेत देता रहा है कि वह बाजार की स्थिति, मांग और अनुपालन की समीक्षा के आधार पर ही आगे कदम उठाएगा।

अनुपालन और बाजार दबाव की भूमिका

जॉइंट मिनिस्टीरियल मॉनिटरिंग कमेटी ने 2 अगस्त 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक कर मई और जून 2026 के उत्पादन आंकड़ों की समीक्षा की। बैठक में सातों प्रमुख सदस्यों ने Declaration of Cooperation के तहत पूर्ण अनुपालन की प्रतिबद्धता दोहराई, जिसमें जनवरी 2024 के बाद हुई अधिक उत्पादन की भरपाई भी शामिल है।हाल के महीनों में खाड़ी क्षेत्र, रूस और कजाखस्तान से होने वाले निर्यात में बाधाओं ने वैश्विक बाजार तक पहुंचने वाली आपूर्ति को प्रभावित किया है। इन व्यवधानों का संबंध ईरान और यूक्रेन से जुड़े संघर्षों से भी जोड़ा जा रहा है। ऐसे में OPEC+ का हर फैसला सीधे अंतरराष्ट्रीय कीमतों और ऊर्जा सुरक्षा पर असर डाल सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • OPEC की स्थापना 1960 में बगदाद में हुई थी।
  • इसके शुरुआती पांच सदस्य ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब और वेनेजुएला थे।
  • OPEC+ में OPEC सदस्य देशों के साथ गैर-OPEC तेल उत्पादक देश भी शामिल होते हैं।
  • बैरल प्रति दिन को संक्षेप में bpd कहा जाता है, जो कच्चे तेल उत्पादन की मानक इकाई है।

OPEC+ की अगली बैठक 6 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है, जिसमें बाजार की स्थिति और अक्टूबर के उत्पादन स्तर पर फैसला लिया जाएगा। संयुक्त अरब अमीरात के मई 2026 में OPEC से बाहर होने के बाद कोटा वार्ता और भी जटिल हो गई है।

Originally written on August 3, 2026 and last modified on August 3, 2026.

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