NIELIT का CYBER KUSHTI 2026: साइबर सुरक्षा और एआई पर राष्ट्रीय हैकाथॉन
राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) ने 15 अगस्त 2026 को CYBER KUSHTI 2026 हैकाथॉन की शुरुआत की। यह राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता 3rd National Conference on Cyber Security, Digital Forensics and Intelligence (NCCDFI 2026) से जुड़ी है और इसका फोकस साइबर सुरक्षा तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर है।
क्या है CYBER KUSHTI 2026
यह हैकाथॉन भारतीय छात्रों और स्वतंत्र शोधकर्ताओं के लिए खुला है, बशर्ते उनकी आयु 16 वर्ष या उससे अधिक हो। इसमें भाग लेने के लिए पंजीकरण निःशुल्क रखा गया है और आवेदन 15 अगस्त 2026 से 10 सितंबर 2026 तक किए जा सकते हैं। प्रत्येक टीम में तीन सदस्य होंगे।
इस आयोजन का उद्देश्य ऐसे तकनीकी समाधान तलाशना है जो साइबर खतरों की पहचान, विश्लेषण और प्रतिक्रिया क्षमता को मजबूत करें। प्रतियोगिता को NIELIT और MeitY के साथ मिलकर Information Sharing and Analysis Center (ISAC Foundation) ने National Security Database (NSD) के तहत सह-आयोजित किया है।
तीन चरणों में होगी प्रतियोगिता
हैकाथॉन को तीन स्तरों में बांटा गया है। पहला ऑनलाइन चरण 15 सितंबर 2026 से शुरू होगा, जिसे Akhada नाम दिया गया है। इसमें प्रतिभागियों को एक जानबूझकर त्रुटिपूर्ण Security Assessment Package का विश्लेषण कर उसे सुधारना होगा। इस पैकेज में वास्तविक और AI-जनित गलत निष्कर्षों का मिश्रण होगा, ताकि प्रतिभागियों की जांच क्षमता परखी जा सके।
दूसरा ऑनलाइन चरण Dangal 24 सितंबर 2026 को होगा। इसमें केवल शीर्ष 50 टीमें आगे बढ़ेंगी। यह चरण साइबर सुरक्षा संदर्भ में adversarial reasoning यानी विरोधी की रणनीति को समझने और उसका जवाब देने की क्षमता की परीक्षा लेगा।
तीसरा और अंतिम भौतिक चरण Kesari 9 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित होगा। इस चरण में फाइनलिस्ट टीमें अपने तकनीकी निर्णयों का बचाव आयोजकों के सामने प्रत्यक्ष रूप से करेंगी।
क्यों अहम है यह पहल
आज के समय में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा, डिजिटल अर्थव्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ा मुद्दा बन चुकी है। ऐसे में NIELIT का यह हैकाथॉन युवाओं को व्यावहारिक समस्या-समाधान, फोरेंसिक सोच और एआई-आधारित विश्लेषण की दिशा में तैयार करने का प्रयास है।
इस आयोजन में CERT-In को Knowledge Partner बनाया गया है। CERT-In भारत में साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने वाली राष्ट्रीय नोडल एजेंसी है और यह सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत काम करती है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- NIELIT इलेक्ट्रॉनिक्स, सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल स्किलिंग के क्षेत्र में काम करने वाली MeitY के अधीन एक स्वायत्त वैज्ञानिक संस्था है।
- CERT-In भारत में साइबर सुरक्षा घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने वाली राष्ट्रीय नोडल एजेंसी है।
- ISAC का पूरा नाम Information Sharing and Analysis Center है, जिसका उपयोग साइबर खतरे की जानकारी साझा करने के लिए किया जाता है।
- Hackathon एक प्रतिस्पर्धी तकनीकी आयोजन होता है, जिसमें सीमित समय में समस्या का समाधान तैयार किया जाता है।
CYBER KUSHTI 2026 जैसे आयोजन भारत में साइबर सुरक्षा प्रतिभा को पहचान देने के साथ-साथ नई पीढ़ी को डिजिटल सुरक्षा की चुनौतियों के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं।