चीन की लो-अर्थ ऑर्बिट इंटरनेट सैटेलाइट योजना ने पकड़ी रफ्तार
चीन ने 16 अगस्त 2026 को अपनी लो-अर्थ ऑर्बिट इंटरनेट सैटेलाइट श्रृंखला का 24वां बैच सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में भेजा। यह प्रक्षेपण दक्षिणी चीन के हैनान प्रांत स्थित वेनचांग स्पेस लॉन्च साइट से किया गया, जहां से सैटनेट LEO ग्रुप 24 उपग्रहों को लॉन्ग मार्च-12 रॉकेट की Y8 उड़ान के जरिए निर्धारित कक्षाओं में स्थापित किया गया। यह मिशन चीन की उस बड़ी योजना का हिस्सा है, जिसके तहत वह कम ऊंचाई वाली कक्षा में उपग्रहों का नेटवर्क बनाकर व्यापक इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना चाहता है।
लो-अर्थ ऑर्बिट क्यों अहम है
लो-अर्थ ऑर्बिट यानी LEO पृथ्वी से लगभग 160 किलोमीटर से 2,000 किलोमीटर की ऊंचाई तक का क्षेत्र है। इस कक्षा में उपग्रह पृथ्वी की परिक्रमा करीब 90 से 120 मिनट में पूरी कर लेते हैं। इसी वजह से इनका उपयोग संचार, पृथ्वी अवलोकन, रिमोट सेंसिंग और वैज्ञानिक अभियानों में किया जाता है। इंटरनेट सेवाओं के लिए LEO उपग्रह खास तौर पर उपयोगी माने जाते हैं, क्योंकि ये जियोस्टेशनरी उपग्रहों की तुलना में कम विलंबता यानी कम सिग्नल देरी प्रदान करते हैं।
बैचों में बन रहा है उपग्रह नेटवर्क
सैटेलाइट इंटरनेट कॉन्स्टेलेशन में कई उपग्रह मिलकर एक नेटवर्क की तरह काम करते हैं। चीन अपनी राष्ट्रीय लो-ऑर्बिट सैटेलाइट प्रणाली को भी इसी मॉडल पर विकसित कर रहा है। ऐसे नेटवर्क में हर नए प्रक्षेपण के साथ उपग्रहों की संख्या बढ़ती है और कवरेज का दायरा मजबूत होता जाता है। सैटनेट LEO ग्रुप 24 का प्रक्षेपण इसी क्रम की एक और कड़ी है, जो चीन की अंतरिक्ष-आधारित डिजिटल अवसंरचना को आगे बढ़ाता है।
वेनचांग और लॉन्ग मार्च-12 की भूमिका
यह मिशन वेनचांग स्पेस लॉन्च साइट से हुआ, जो हैनान प्रांत में स्थित चीन का प्रमुख तटीय प्रक्षेपण केंद्र है। यहां हेनान कमर्शियल स्पेस लॉन्च सेंटर भी मौजूद है, जो वाणिज्यिक अंतरिक्ष अभियानों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। तटीय लॉन्च साइटों का उपयोग बड़े रॉकेट और भारी पेलोड वाले मिशनों के लिए किया जाता है, क्योंकि प्रक्षेपण के बाद रॉकेट समुद्र के ऊपर से गुजरता है। लॉन्ग मार्च-12 चीन के लॉन्ग मार्च रॉकेट परिवार का हिस्सा है और उपग्रह प्रक्षेपण अभियानों में इस्तेमाल किया जाता है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- लो-अर्थ ऑर्बिट पृथ्वी से लगभग 160 किमी से 2,000 किमी की ऊंचाई तक होती है।
- जियोस्टेशनरी ऑर्बिट पृथ्वी से लगभग 35,786 किमी ऊपर स्थित होती है।
- LEO उपग्रहों की कक्षा अवधि सामान्यतः 90 से 120 मिनट के बीच होती है।
- चीन का लॉन्ग मार्च-12 रॉकेट लॉन्ग मार्च श्रृंखला का हिस्सा है, जो देश का प्रमुख प्रक्षेपण परिवार है।
इस सफल प्रक्षेपण के साथ चीन ने अपने लो-ऑर्बिट इंटरनेट नेटवर्क के विस्तार की गति बनाए रखी है। उपग्रह-आधारित कनेक्टिविटी के क्षेत्र में यह कदम वैश्विक प्रतिस्पर्धा और अंतरिक्ष अवसंरचना के बढ़ते महत्व को भी दिखाता है।