BHASHINI–नीति आयोग साझेदारी से बहुभाषी एआई को नई रफ्तार
डिजिटल इंडिया BHASHINI डिवीजन और नीति आयोग ने 12 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में एक Statement of Intent पर हस्ताक्षर किए। इस साझेदारी का उद्देश्य सार्वजनिक शासन में बहुभाषी और वॉइस-फर्स्ट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग को बढ़ाना है, ताकि सरकारी सेवाओं और संचार को अधिक सुलभ, स्थानीय और नागरिक-केंद्रित बनाया जा सके।
क्या है इस साझेदारी का मकसद
इस समझौते के तहत BHASHINI की भाषा-तकनीक को नीति आयोग के डिजिटल प्लेटफॉर्म और संचार प्रक्रियाओं में जोड़ा जाएगा। इसमें भाषा अनुवाद एपीआई और रेफरेंस एप्लिकेशन का उपयोग होगा, जिससे विभिन्न भारतीय भाषाओं में सूचना, संवाद और सेवा-प्रवाह को बेहतर बनाया जा सके।
BHASHINI भारत की राष्ट्रीय भाषा प्रौद्योगिकी मिशन है, जो मशीन अनुवाद, स्पीच-टू-टेक्स्ट, टेक्स्ट-टू-स्पीच और अन्य भाषा सेवाओं पर काम करती है। इसका लक्ष्य डिजिटल सेवाओं को केवल अंग्रेजी या सीमित भाषाओं तक न रखकर अधिक व्यापक भारतीय भाषाई आधार तक पहुंचाना है।
नीति आयोग की भूमिका और डिजिटल शासन पर असर
नीति आयोग सरकार का नीति-निर्माण और नवाचार से जुड़ा प्रमुख थिंक टैंक है। डिजिटल शासन, योजना और तकनीकी नवाचार से जुड़े कई प्रयासों में इसकी भूमिका अहम रहती है। इस साझेदारी के जरिए आयोग के कार्यप्रवाह में बहुभाषी एआई टूल्स का उपयोग बढ़ेगा, जिससे नीति संचार, दस्तावेजीकरण और जमीनी स्तर तक पहुंच आसान हो सकती है।
समझौते पर डिजिटल इंडिया BHASHINI डिवीजन के सीईओ श्री अमिताभ नाग और नीति आयोग के निदेशक श्री शोयब अहमद कलाल ने हस्ताक्षर किए। यह सहयोग खास तौर पर उन डिजिटल सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां भाषा की बाधा नागरिकों और प्रशासन के बीच दूरी पैदा करती है।
पांच फ्लैगशिप उप-कार्यक्रमों की खासियत
इस साझेदारी के तहत पांच प्रमुख उप-कार्यक्रम शुरू किए गए हैं—BHASHINI Udyat, BHASHINI Mitra, BHASHINI AppMitra, BHASHINI Sahayogi और BHASHINI Pravakta। इनका फोकस अलग-अलग स्तरों पर बहुभाषी शासन, सेक्टर-विशिष्ट अनुप्रयोगों और वॉइस-आधारित डिजिटल टूल्स के विस्तार पर है।
BHASHINI Sahayogi में BhashaDaan प्लेटफॉर्म के जरिए अधिकारियों और नागरिकों को टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो डेटा देने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे भाषा डेटासेट मजबूत होंगे। वहीं BHASHINI Pravakta के तहत जिलों में प्रशिक्षण, तकनीकी सहायता और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि स्थानीय स्तर पर एआई-आधारित भाषा टूल्स को अपनाया जा सके।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- BHASHINI का पूरा नाम National Language Translation Mission है और यह इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत काम करता है।
- BHASHINI मशीन अनुवाद, स्पीच-टू-टेक्स्ट और टेक्स्ट-टू-स्पीच जैसी भाषा सेवाएं उपलब्ध कराता है।
- BhashaDaan एक क्राउडसोर्सिंग प्लेटफॉर्म है, जहां भाषा डेटासेट के लिए टेक्स्ट, ऑडियो और वीडियो जुटाए जाते हैं।
- नीति आयोग की स्थापना 2015 में योजना आयोग के स्थान पर की गई थी।
यह साझेदारी भारत में बहुभाषी डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि इसे प्रभावी ढंग से लागू किया गया, तो सरकारी सेवाओं तक पहुंच भाषा-आधारित बाधाओं से काफी हद तक मुक्त हो सकती है।