21 साल बाद मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगी राज्य संचालित बस सेवा

21 साल बाद मध्य प्रदेश में फिर शुरू होगी राज्य संचालित बस सेवा

मध्य प्रदेश सरकार ने 21 वर्षों के अंतराल के बाद राज्य संचालित सार्वजनिक बस सेवा को पुनः शुरू करने की योजना बनाई है। नई परिवहन व्यवस्था को “मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा” नाम दिया गया है, जिसका चरणबद्ध संचालन जुलाई-अगस्त 2026 से शुरू किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण के लिए इंदौर को मॉडल शहर के रूप में चुना गया है। सरकार का उद्देश्य राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में सुरक्षित, सुलभ और व्यवस्थित सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।

मध्य प्रदेश में राज्य परिवहन की पृष्ठभूमि

मध्य प्रदेश में पहले Madhya Pradesh State Road Transport Corporation राज्य स्तरीय बस सेवाओं का संचालन करता था। हालांकि लगातार वित्तीय घाटे के कारण वर्ष 2005 में इस निगम को बंद कर दिया गया था। अब राज्य सरकार नई परिवहन नीति के तहत एक आधुनिक और व्यापक बस नेटवर्क विकसित करने जा रही है, जो शहरों के भीतर, शहरों के बीच और अंतरराज्यीय मार्गों पर सेवाएं प्रदान करेगा। यह पहल राज्य में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

बसों का बड़ा नेटवर्क और संचालन योजना

नई व्यवस्था के अंतर्गत राज्यभर में 5,200 से अधिक बसें संचालित करने की योजना है। पहले चरण में इंदौर क्षेत्र के लिए 1,688 बसों की व्यवस्था की जाएगी। यह सेवा सात प्रमुख परिवहन क्षेत्रों—इंदौर, उज्जैन, भोपाल, जबलपुर, सागर, ग्वालियर और रीवा—के माध्यम से संचालित होगी। इन क्षेत्रों के बीच बेहतर संपर्क स्थापित करने से यात्रियों को अधिक सुविधाजनक और नियमित परिवहन विकल्प उपलब्ध होंगे।

सार्वजनिक-निजी भागीदारी मॉडल

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत संचालित किया जाएगा। इस मॉडल में सरकार और निजी क्षेत्र दोनों मिलकर सेवा संचालन की जिम्मेदारी निभाते हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में वैध परमिट के तहत संचालित निजी बस ऑपरेटरों की सेवाएं जारी रहेंगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य मौजूदा परिवहन ढांचे को प्रतिस्थापित करना नहीं, बल्कि उसे और अधिक व्यवस्थित तथा प्रभावी बनाना है।

इलेक्ट्रिक बसों को मिलेगा बढ़ावा

परियोजना के पहले चरण में केंद्र सरकार की पीएम ई-बस सेवा योजना के अंतर्गत 150 इलेक्ट्रिक बसों को शामिल किया जाएगा। इन बसों के जुलाई 2026 से इंदौर में संचालन शुरू होने की संभावना है। इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग से प्रदूषण कम करने, ईंधन लागत घटाने और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। यह पहल राज्य के सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप भी है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मध्य प्रदेश क्षेत्रफल के आधार पर भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक है और इसमें 55 जिले हैं।
  • इंदौर मध्य प्रदेश का प्रमुख शहरी और औद्योगिक केंद्र है।
  • मध्य प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को वर्ष 2005 में बंद कर दिया गया था।
  • सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल में सरकार और निजी क्षेत्र संयुक्त रूप से सेवाओं का संचालन करते हैं।
  • वर्ष 2026 में रक्षाबंधन का त्योहार 28 अगस्त को मनाया जाएगा।

मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा का शुभारंभ मध्य प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में एक नया अध्याय जोड़ सकता है। आधुनिक बस नेटवर्क, इलेक्ट्रिक वाहनों का समावेश और सार्वजनिक-निजी भागीदारी के माध्यम से यह परियोजना राज्य के लाखों यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और किफायती परिवहन सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

Originally written on June 4, 2026 and last modified on June 4, 2026.

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