18 स्मारकों की सूची से कटौती, संरक्षित धरोहर प्रबंधन पर नया सवाल
केंद्र सरकार ने 2021 के बाद से 18 स्मारकों को केंद्रीय संरक्षित स्थलों की सूची से हटा दिया है। इसके बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के अधीन देशभर में केंद्रीय रूप से संरक्षित स्मारकों और स्थलों की संख्या 3,688 रह गई है। यह बदलाव धरोहर संरक्षण, कानूनी स्थिति और प्रशासनिक जिम्मेदारी—तीनों स्तरों पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
केंद्रीय संरक्षित स्मारक क्या होते हैं
केंद्रीय संरक्षित स्मारक वे स्थल होते हैं जिन्हें प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1958 के तहत राष्ट्रीय महत्व का घोषित किया जाता है। ऐसे स्मारकों की देखरेख, संरक्षण और रखरखाव की जिम्मेदारी ASI की होती है, जो संस्कृति मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य उन ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थलों को सुरक्षित रखना है, जिनका महत्व केवल स्थानीय नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर का माना जाता है।
क्यों हटाए गए 18 स्मारक
अधिनियम की धारा 35 उन स्मारकों के लिए कानूनी आधार देती है, जो किसी कारण से राष्ट्रीय महत्व की श्रेणी में नहीं रह जाते। 8 मार्च 2024 की राजपत्र अधिसूचना के जरिए 18 स्मारकों के लिए डीलिस्टिंग की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
डीलिस्टिंग के बाद ASI की उस स्थल के संरक्षण और रखरखाव की वैधानिक जिम्मेदारी समाप्त हो जाती है। यानी स्मारक केंद्रीय संरक्षित सूची से बाहर आ जाता है और उसके प्रबंधन की स्थिति बदल जाती है।
सूची से बाहर आए प्रमुख स्थल
हटाए गए स्मारकों में दिल्ली का निकोलसन स्टैच्यू, गुरुग्राम का कोस मीनार संख्या 13, हरियाणा के शाहाबाद का कोस मीनार, दिल्ली का बारा खंबा कब्रिस्तान, झांसी में गनर बर्किल का मकबरा, वाराणसी के तेलिया नाला बौद्ध अवशेष और गाजीपुर, उत्तर प्रदेश में स्थित प्राचीन वटवृक्षों का उपवन शामिल हैं।
ये उदाहरण दिखाते हैं कि केंद्रीय सूची में केवल भव्य इमारतें ही नहीं, बल्कि छोटे लेकिन ऐतिहासिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल भी शामिल हो सकते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्वीय स्थल तथा अवशेष अधिनियम, 1958 भारत में राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को नियंत्रित करता है।
- भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) संस्कृति मंत्रालय के अधीन काम करता है।
- अधिनियम की धारा 35 स्मारकों की डीलिस्टिंग से जुड़ी कानूनी व्यवस्था बताती है।
- 18 स्मारकों के हटने के बाद ASI के पास 3,688 केंद्रीय संरक्षित स्मारक और स्थल बचे हैं।
धरोहर संरक्षण से जुड़ा व्यापक संदर्भ
संस्कृति मंत्रालय के अनुसार भारत ने जून 2026 तक विदेशों से 662 ऐतिहासिक कलाकृतियां वापस हासिल की हैं, जिनमें 589 कलाकृतियां अमेरिका से प्राप्त हुईं। यह तथ्य भारत की सांस्कृतिक धरोहर की वापसी और संरक्षण नीति को भी रेखांकित करता है।
कुल मिलाकर, 18 स्मारकों की डीलिस्टिंग केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं है, बल्कि यह बताती है कि राष्ट्रीय महत्व की परिभाषा, संरक्षण की प्राथमिकताएं और कानूनी जिम्मेदारियां समय के साथ कैसे बदलती हैं।