हैदराबाद में टी-मोबाइल यूएसए ने खोला पहला वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र

हैदराबाद में टी-मोबाइल यूएसए ने खोला पहला वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र

अमेरिका की प्रमुख दूरसंचार कंपनी टी-मोबाइल यूएसए ने अपनी इकाई टीएमयूएस ग्लोबल सॉल्यूशंस के माध्यम से 4 जून 2026 को हैदराबाद में अपना वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र (ग्लोबल टेक्नोलॉजी सेंटर) शुरू किया। यह केंद्र हैदराबाद के हाईटेक सिटी क्षेत्र में स्थित है और लगभग 2.5 लाख वर्ग फुट क्षेत्र में फैला हुआ है। यह अमेरिका के बाहर टी-मोबाइल का पहला वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र है, जो कंपनी की अंतरराष्ट्रीय विस्तार रणनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र की विशेषताएं

यह नया केंद्र तकनीकी नवाचार और उन्नत डिजिटल इंजीनियरिंग गतिविधियों के लिए विकसित किया गया है। यहां सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, डेवऑप्स, उत्पाद विकास, डेटा एनालिटिक्स, साइबर सुरक्षा, क्लाउड प्रौद्योगिकी और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रों में कार्य किया जाएगा। कंपनी का उद्देश्य इस केंद्र के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म और तकनीकी क्षमताओं को और मजबूत बनाना है। आधुनिक तकनीकों पर आधारित यह सुविधा अनुसंधान, नवाचार और उत्पाद विकास के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

हैदराबाद का बढ़ता तकनीकी महत्व

हैदराबाद लंबे समय से भारत के प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी केंद्रों में से एक रहा है। विशेष रूप से हाईटेक सिटी क्षेत्र में अनेक बहुराष्ट्रीय कंपनियों, वैश्विक क्षमता केंद्रों, स्टार्टअप्स और अनुसंधान संस्थानों की मौजूदगी ने इसे तकनीकी नवाचार का प्रमुख केंद्र बना दिया है। टी-मोबाइल द्वारा हैदराबाद का चयन इस बात का संकेत है कि शहर वैश्विक प्रौद्योगिकी निवेश के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बनता जा रहा है। यहां उपलब्ध कुशल मानव संसाधन और मजबूत तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र विदेशी कंपनियों को आकर्षित कर रहे हैं।

रोजगार और विस्तार की योजना

कंपनी के अनुसार इस केंद्र में प्रारंभिक चरण में लगभग 300 पेशेवरों को शामिल किया जाएगा। भविष्य में इसका विस्तार करते हुए वर्ष 2027 तक कर्मचारियों की संख्या लगभग 1,000 तक पहुंचाने की योजना है। इस विस्तार से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और हैदराबाद के तकनीकी क्षेत्र को और मजबूती मिलेगी। विशेष रूप से सॉफ्टवेयर विकास, डेटा विज्ञान, साइबर सुरक्षा और कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े पेशेवरों को इसका लाभ मिल सकता है।

उद्घाटन और नेतृत्व

इस केंद्र का उद्घाटन तेलंगाना के सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स, संचार, उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने किया। कंपनी की भारत इकाई में चंद्र गुप्ता सूचना प्रौद्योगिकी के उपाध्यक्ष तथा साइट लीडर के रूप में कार्यरत हैं। टी-मोबाइल ने इस परियोजना में निवेश की सटीक राशि सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन कंपनी ने इसे प्रतिभा विकास और तकनीकी क्षमता निर्माण में दीर्घकालिक निवेश बताया है।

आधुनिक डिजिटल इंजीनियरिंग का केंद्र

आज के समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सुरक्षा और डेवऑप्स जैसी तकनीकें वैश्विक डिजिटल अर्थव्यवस्था की आधारशिला बन चुकी हैं। ऐसे में यह केंद्र न केवल टी-मोबाइल की तकनीकी आवश्यकताओं को पूरा करेगा, बल्कि भारत के तकनीकी विशेषज्ञों को वैश्विक परियोजनाओं पर कार्य करने का अवसर भी प्रदान करेगा।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • टीएमयूएस ग्लोबल सॉल्यूशंस के माध्यम से टी-मोबाइल यूएसए हैदराबाद केंद्र का संचालन करेगा।
  • हाईटेक सिटी हैदराबाद, तेलंगाना का प्रमुख सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र है।
  • डेवऑप्स सॉफ्टवेयर विकास और आईटी संचालन को एकीकृत करने वाली कार्यप्रणाली है।
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्लाउड प्रौद्योगिकी और साइबर सुरक्षा आधुनिक डिजिटल इंजीनियरिंग के प्रमुख क्षेत्र हैं।

हैदराबाद में टी-मोबाइल का पहला वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र भारत की तकनीकी क्षमता और वैश्विक निवेश आकर्षित करने की शक्ति को दर्शाता है। यह पहल न केवल रोजगार और नवाचार को बढ़ावा देगी, बल्कि भारत को वैश्विक प्रौद्योगिकी विकास के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में और मजबूत बनाएगी।

Originally written on June 5, 2026 and last modified on June 5, 2026.

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