विशाखापट्टनम में स्थापित होगी आंध्र प्रदेश की पहली सेमीकंडक्टर परियोजना
आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम (विजाग) को भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत राज्य की पहली सेमीकंडक्टर परियोजना के लिए चुना गया है। यह परियोजना एडवांस्ड सिस्टम इन पैकेज टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित एक आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओसैट) सुविधा है। यह पहल भारत में सेमीकंडक्टर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और देश को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स आपूर्ति श्रृंखला में महत्वपूर्ण स्थान दिलाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
ओसैट सुविधा क्या है?
ओसैट अर्थात आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट, सेमीकंडक्टर उद्योग की बैक-एंड विनिर्माण प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें चिप्स की असेंबली, पैकेजिंग और परीक्षण का कार्य किया जाता है। यह प्रक्रिया वेफर निर्माण के बाद की जाती है और तैयार चिप्स को इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोग के लिए उपयुक्त बनाती है। सेमीकंडक्टर मूल्य श्रृंखला में ओसैट इकाइयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है क्योंकि वे उत्पाद की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करती हैं।
परियोजना का स्थान और निवेश
यह सुविधा विशाखापट्टनम जिले के आनंदपुरम मंडल के तरलुवाडा गांव में स्थापित की जाएगी। परियोजना की कुल लागत 2,387.81 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है और इसे दो चरणों में विकसित किया जाएगा। पहले चरण में 542.19 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में 1,845.61 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस निवेश से क्षेत्र में औद्योगिक विकास और तकनीकी अवसंरचना को नई गति मिलने की उम्मीद है।
रोजगार और सरकारी प्रोत्साहन
परियोजना से लगभग 1,000 प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने का अनुमान है। इनमें पहले चरण में 200 और दूसरे चरण में 800 रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे। आंध्र प्रदेश सरकार ने इस परियोजना के लिए 30 एकड़ भूमि मात्र 1 रुपये प्रति एकड़ की दर से आवंटित की है। इसके अलावा राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश सेमीकंडक्टर एवं डिस्प्ले फैब नीति (4.0) 2024-29 के तहत विभिन्न प्रोत्साहन भी प्रदान किए हैं। सरकारी सहायता परियोजना लागत के अधिकतम 40 प्रतिशत तक सीमित रहेगी।
तकनीकी सहयोग और उत्पादन क्षमता
एडवांस्ड सिस्टम इन पैकेज टेक्नोलॉजीज इस सुविधा का संचालन दक्षिण कोरिया की एपीएसीटी कंपनी लिमिटेड के साथ तकनीकी सहयोग के माध्यम से करेगी। इस साझेदारी से आधुनिक तकनीक और वैश्विक विशेषज्ञता का लाभ परियोजना को मिलेगा। प्रस्तावित संयंत्र की वार्षिक उत्पादन क्षमता 9.6 करोड़ इकाइयों की होगी। परियोजना का भूमि पूजन समारोह 8 जून 2026 को आयोजित किया जाना प्रस्तावित है।
भारत के सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगा बल
भारत सरकार का इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन देश में सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया है। इस मिशन के अंतर्गत वेफर फैब्रिकेशन, डिस्प्ले फैब और ओसैट जैसी सुविधाओं को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। विशाखापट्टनम में यह परियोजना न केवल आंध्र प्रदेश बल्कि पूरे भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इससे देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षमता को भी मजबूती मिलेगी।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- ओसैट का पूर्ण रूप आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट है।
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए शुरू किया गया सरकारी कार्यक्रम है।
- विशाखापट्टनम आंध्र प्रदेश का प्रमुख तटीय और बंदरगाह शहर है।
- आंध्र प्रदेश सेमीकंडक्टर एवं डिस्प्ले फैब नीति (4.0) की अवधि 2024 से 2029 तक है।
विशाखापट्टनम में स्थापित होने वाली यह सेमीकंडक्टर परियोजना राज्य के औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और उच्च प्रौद्योगिकी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग में अपनी स्थिति को और मजबूत कर सकेगा।