एंथ्रोपिक ने भारत सहित 15 से अधिक देशों में क्लॉड मिथोस एआई की पहुंच बढ़ाई
कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र की प्रमुख कंपनी एंथ्रोपिक ने 2 जून 2026 को अपने उन्नत एआई मॉडल क्लॉड मिथोस प्रीव्यू की पहुंच का विस्तार किया है। यह विस्तार प्रोजेक्ट ग्लासविंग के तहत किया गया है, जिसके अंतर्गत भारत सहित 15 से अधिक देशों की लगभग 150 संस्थाओं को इस मॉडल तक नियंत्रित पहुंच प्रदान की गई है। इस पहल का उद्देश्य महत्वपूर्ण अवसंरचना क्षेत्रों में एआई आधारित सुरक्षा और विश्लेषण क्षमताओं को बढ़ाना है। इनमें बिजली ग्रिड, जल आपूर्ति प्रणाली, स्वास्थ्य सेवाएं और दूरसंचार नेटवर्क जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
एंथ्रोपिक और क्लॉड एआई क्या हैं?
Anthropic अमेरिका स्थित एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी है, जो अपने क्लॉड नामक बड़े भाषा मॉडल परिवार के लिए जानी जाती है। क्लॉड एआई का उपयोग पाठ निर्माण, कोडिंग, डेटा विश्लेषण, अनुसंधान और विभिन्न व्यावसायिक अनुप्रयोगों में किया जाता है। कंपनी का लक्ष्य सुरक्षित, जिम्मेदार और मानव-केंद्रित एआई प्रणालियों का विकास करना है, ताकि उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता का उपयोग समाज और उद्योग के हित में किया जा सके।
प्रोजेक्ट ग्लासविंग और मिथोस एआई
प्रोजेक्ट ग्लासविंग वह विशेष कार्यक्रम है जिसके अंतर्गत क्लॉड मिथोस प्रीव्यू मॉडल की पहुंच प्रदान की जा रही है। मिथोस एआई को अत्यधिक उन्नत साइबर क्षमताओं वाला मॉडल माना जाता है, जिसके कारण इसकी उपलब्धता सीमित और नियंत्रित रखी गई है। कंपनी के अनुसार यह मॉडल डिजिटल प्रणालियों का गहन विश्लेषण करने और जटिल साइबर सुरक्षा चुनौतियों को समझने में सक्षम है। इसी वजह से इसके दुरुपयोग की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए केवल चयनित संस्थाओं को ही इसकी पहुंच दी जा रही है।
भारत में एंथ्रोपिक की बढ़ती मौजूदगी
भारत एंथ्रोपिक के लिए तेजी से महत्वपूर्ण बाजार बनकर उभरा है। कंपनी ने अक्टूबर 2025 में भारत में अपना पहला कार्यालय खोलने की घोषणा की थी और वर्ष 2026 की शुरुआत में इसका संचालन बेंगलुरु से प्रारंभ हुआ। 11 अक्टूबर 2025 को एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Dario Amodei ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री Narendra Modi तथा केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री Ashwini Vaishnaw से मुलाकात की थी। इस बैठक में भारत में एआई नवाचार, अनुसंधान और सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा की गई थी।
भारत में उपयोग और विस्तार
एंथ्रोपिक के अनुसार अमेरिका के बाद भारत क्लॉड एआई सेवाओं का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बन गया है। जून 2025 के बाद से भारत में क्लॉड कोड के उपयोग में पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी ने अपनी भारत रणनीति को स्टार्टअप, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, कृषि और उद्यम क्षेत्रों के साथ जोड़ा है। इससे देश में एआई आधारित समाधानों के विकास और उपयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है।
ग्लोबल एआई समिट 2026
भारत और एंथ्रोपिक मिलकर ग्लोबल एआई समिट 2026 की मेजबानी करने वाले हैं। इस सम्मेलन में तकनीकी विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं, स्टार्टअप संस्थापकों और नीति निर्माताओं को एक मंच पर लाने की योजना है। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य जिम्मेदार और सुरक्षित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास पर वैश्विक सहयोग को बढ़ावा देना होगा। इससे एआई शासन, नवाचार और नैतिक उपयोग से जुड़े विषयों पर व्यापक चर्चा की संभावना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- एंथ्रोपिक एक अमेरिकी कृत्रिम बुद्धिमत्ता कंपनी है।
- क्लॉड एंथ्रोपिक द्वारा विकसित बड़े भाषा मॉडलों का परिवार है।
- प्रोजेक्ट ग्लासविंग के अंतर्गत क्लॉड मिथोस प्रीव्यू की नियंत्रित पहुंच प्रदान की गई है।
- बेंगलुरु में एंथ्रोपिक का भारत का पहला कार्यालय स्थित है।
- महत्वपूर्ण अवसंरचना में बिजली ग्रिड, जल आपूर्ति, स्वास्थ्य सेवाएं और दूरसंचार नेटवर्क शामिल होते हैं।
भारत सहित कई देशों में क्लॉड मिथोस एआई की पहुंच का विस्तार उन्नत कृत्रिम बुद्धिमत्ता के वैश्विक उपयोग में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नियंत्रित वातावरण में इसकी तैनाती महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा और संचालन को मजबूत कर सकती है, जबकि जिम्मेदार एआई विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग को भी नई दिशा प्रदान कर सकती है।