जेम्स वेब टेलीस्कोप ने अंतरतारकीय धूमकेतु 3I/ATLAS में मीथेन का किया पहला प्रत्यक्ष पता
नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण खोज की घोषणा की है। वैज्ञानिकों ने जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की सहायता से अंतरतारकीय धूमकेतु 3I/ATLAS में मीथेन की प्रत्यक्ष पहचान की है। यह किसी अंतरतारकीय वस्तु में मीथेन का पहला प्रत्यक्ष अवलोकन माना जा रहा है। साथ ही, यह किसी ऐसे पिंड का पहला मध्य-अवरक्त रासायनिक फिंगरप्रिंट भी है, जो हमारे सौरमंडल के बाहर उत्पन्न हुआ और बाद में इसके भीतर प्रवेश किया।
जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप की भूमिका
James Webb Space Telescope दुनिया की सबसे उन्नत अंतरिक्ष वेधशालाओं में से एक है। इसे नासा, European Space Agency और Canadian Space Agency के सहयोग से विकसित किया गया है। इस टेलीस्कोप में लगा मिड-इन्फ्रारेड इंस्ट्रूमेंट (एमआईआरआई) अवरक्त तरंगदैर्ध्यों का अध्ययन करता है। यह उपकरण ठंडी गैसों, धूल, बर्फीली वस्तुओं और धूमकेतुओं की रासायनिक संरचना का विश्लेषण करने में अत्यंत उपयोगी है। इसी तकनीक की मदद से वैज्ञानिकों ने 3I/ATLAS में मीथेन की उपस्थिति की पुष्टि की।
अंतरतारकीय वस्तुएं क्या होती हैं?
अंतरतारकीय वस्तुएं वे प्राकृतिक खगोलीय पिंड होते हैं जिनकी उत्पत्ति हमारे सौरमंडल के बाहर होती है और जो बाद में इसकी सीमाओं से होकर गुजरते हैं। इनकी कक्षा सामान्यतः हाइपरबोलिक होती है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वे सूर्य के गुरुत्वाकर्षण से स्थायी रूप से बंधे नहीं हैं। 3I/ATLAS अब तक पहचानी गई तीसरी अंतरतारकीय वस्तु है। इससे पहले 1I/ʻOumuamua और 2I/Borisov की पहचान की जा चुकी है। 3I/ATLAS की खोज 1 जुलाई 2025 को चिली में स्थित एटलस सर्वेक्षण दूरबीन द्वारा की गई थी।
मीथेन और धूमकेतु रसायन विज्ञान
मीथेन एक हाइड्रोकार्बन यौगिक है जिसका रासायनिक सूत्र CH₄ है। धूमकेतुओं के अध्ययन में मीथेन, जल और कार्बन डाइऑक्साइड जैसे वाष्पशील तत्वों का विश्लेषण वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करता है कि ये पिंड किन परिस्थितियों में बने थे। 3I/ATLAS में असामान्य रूप से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा और मीथेन-जल अनुपात पाया गया है, जो सौरमंडल के कई धूमकेतुओं से अलग है। इससे संकेत मिलता है कि यह धूमकेतु किसी भिन्न तारकीय प्रणाली में अलग तापमान और रासायनिक परिस्थितियों के अंतर्गत बना होगा।
अनुसंधान का महत्व
वैज्ञानिकों ने 15-16 दिसंबर 2025 तथा 27 दिसंबर 2025 को जेम्स वेब टेलीस्कोप के माध्यम से ये अवलोकन किए थे। उस समय धूमकेतु सूर्य से लगभग 329 से 379 मिलियन किलोमीटर की दूरी पर था। इस अध्ययन के निष्कर्ष 8 अप्रैल 2026 को प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका The Astrophysical Journal Letters में प्रकाशित किए गए। यह खोज वैज्ञानिकों को अन्य तारकीय प्रणालियों में ग्रहों और धूमकेतुओं के निर्माण की प्रक्रियाओं को बेहतर ढंग से समझने में सहायता प्रदान कर सकती है। साथ ही, इससे ब्रह्मांड में रासायनिक विकास और जीवन के लिए आवश्यक तत्वों के वितरण के बारे में नई जानकारियां प्राप्त होने की संभावना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- 3I/ATLAS अब तक पहचानी गई तीसरी अंतरतारकीय वस्तु है।
- इसकी खोज 1 जुलाई 2025 को नासा समर्थित एटलस सर्वेक्षण दूरबीन द्वारा की गई थी।
- जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का मिड-इन्फ्रारेड इंस्ट्रूमेंट (एमआईआरआई) अवरक्त अवलोकनों के लिए उपयोग किया जाता है।
- मीथेन का रासायनिक सूत्र CH₄ होता है।
- 1I/ʻOumuamua और 2I/Borisov इससे पहले खोजी गई दो अंतरतारकीय वस्तुएं हैं।
3I/ATLAS में मीथेन की प्रत्यक्ष पहचान अंतरिक्ष विज्ञान और ग्रह निर्माण अनुसंधान के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह खोज न केवल अंतरतारकीय वस्तुओं की रासायनिक संरचना को समझने में मदद करेगी, बल्कि अन्य तारकीय प्रणालियों के विकास और ब्रह्मांड में पदार्थों के वितरण से जुड़े महत्वपूर्ण प्रश्नों के उत्तर खोजने में भी योगदान दे सकती है।