नासा ने मावेन मिशन को घोषित किया समाप्त

नासा ने मावेन मिशन को घोषित किया समाप्त

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने 3 जून 2026 को आधिकारिक रूप से मावेन (मार्स एटमॉस्फियर एंड वोलाटाइल इवोल्यूशन) मिशन के समापन की घोषणा कर दी। यह निर्णय अंतरिक्ष यान से लंबे समय तक संपर्क न हो पाने के बाद लिया गया। नवंबर 2013 में प्रक्षेपित मावेन ने मंगल ग्रह की कक्षा में 11 वर्षों से अधिक समय तक सफलतापूर्वक कार्य किया और ग्रह के वायुमंडल से संबंधित महत्वपूर्ण वैज्ञानिक जानकारियां प्रदान कीं।

मावेन मिशन का उद्देश्य

मावेन का पूरा नाम “मार्स एटमॉस्फियर एंड वोलाटाइल इवोल्यूशन” है। यह नासा का एक कक्षीय अंतरिक्ष यान था, जिसे मंगल ग्रह के ऊपरी वायुमंडल और वहां होने वाली वायुमंडलीय गैसों की क्षति की प्रक्रिया का अध्ययन करने के लिए विकसित किया गया था। मिशन की मूल अवधि केवल एक वर्ष निर्धारित की गई थी, लेकिन इसकी उत्कृष्ट कार्यक्षमता के कारण इसे कई बार विस्तारित किया गया और यह एक दशक से अधिक समय तक वैज्ञानिक अनुसंधान करता रहा। इस दौरान इसने मंगल ग्रह के वातावरण और जलवायु इतिहास को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

संपर्क टूटने की घटना

मावेन के साथ अंतिम सफल संपर्क 6 दिसंबर 2025 को स्थापित हुआ था। इसके बाद अंतरिक्ष यान मंगल ग्रह के पीछे एक निर्धारित ऑकल्टेशन प्रक्रिया के दौरान गया। जब इसके पुनः संपर्क में आने की उम्मीद थी, तब नासा के डीप स्पेस नेटवर्क को कोई संकेत प्राप्त नहीं हुआ। सीमित टेलीमेट्री आंकड़ों से पता चला कि अंतरिक्ष यान सुरक्षित मोड में चला गया था और असामान्य रूप से तेज गति से घूमने लगा था। वैज्ञानिकों का मानना है कि अत्यधिक घूर्णन के कारण उसकी बैटरियां तेजी से समाप्त हो गईं, जिससे संचार प्रणाली को ऊर्जा मिलना बंद हो गया।

जांच और निष्कर्ष

फरवरी 2026 में नासा ने इस घटना की जांच के लिए एक विशेष समीक्षा बोर्ड का गठन किया। विस्तृत अध्ययन के बाद बोर्ड ने निष्कर्ष निकाला कि अंतरिक्ष यान को पुनः सक्रिय करना संभव नहीं है और वह अब न तो वैज्ञानिक अनुसंधान कर सकता है और न ही डेटा रिले सेवाएं प्रदान कर सकता है। नासा ने मिशन को औपचारिक रूप से समाप्त घोषित कर दिया है। घटना के मूल कारणों पर अंतिम रिपोर्ट वर्ष 2026 के अंत तक जारी किए जाने की संभावना है।

मंगल ग्रह के अध्ययन में योगदान

मावेन का सबसे महत्वपूर्ण योगदान यह समझने में रहा कि सूर्य और उसकी गतिविधियों ने समय के साथ मंगल ग्रह के अधिकांश वायुमंडल को कैसे समाप्त कर दिया। इसके आंकड़ों ने वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद की कि कभी गर्म और अपेक्षाकृत नम रहने वाला मंगल ग्रह धीरे-धीरे ठंडा और शुष्क क्यों बन गया। मिशन के दौरान प्राप्त आंकड़े मंगल ग्रह की जलवायु, भूगर्भीय इतिहास और संभावित जीवन की परिस्थितियों के अध्ययन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

डेटा रिले में भी निभाई महत्वपूर्ण भूमिका

मावेन केवल वैज्ञानिक अध्ययन तक सीमित नहीं था। यह नासा के क्यूरियोसिटी और परसेवरेंस रोवर के लिए डेटा रिले ऑर्बिटर के रूप में भी कार्य करता था। इसके माध्यम से मंगल की सतह से प्राप्त आंकड़े पृथ्वी तक पहुंचाए जाते थे। इस प्रकार मावेन ने मंगल अन्वेषण कार्यक्रम के कई महत्वपूर्ण मिशनों को समर्थन प्रदान किया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मावेन का पूर्ण रूप मार्स एटमॉस्फियर एंड वोलाटाइल इवोल्यूशन है।
  • मिशन का प्रक्षेपण नवंबर 2013 में किया गया था।
  • नासा का डीप स्पेस नेटवर्क गहरे अंतरिक्ष में स्थित अंतरिक्ष यानों से संपर्क स्थापित करने के लिए उपयोग किया जाता है।
  • मावेन ने क्यूरियोसिटी और परसेवरेंस रोवर से प्राप्त आंकड़ों को पृथ्वी तक पहुंचाने में सहायता की थी।

मावेन मिशन का समापन अंतरिक्ष विज्ञान के एक महत्वपूर्ण अध्याय का अंत है। 11 वर्षों से अधिक समय तक इस मिशन ने मंगल ग्रह के वातावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़ी अमूल्य जानकारियां उपलब्ध कराईं। इसके वैज्ञानिक निष्कर्ष भविष्य के मंगल अभियानों और ग्रहों के विकास संबंधी अध्ययनों के लिए लंबे समय तक उपयोगी बने रहेंगे।

Originally written on June 5, 2026 and last modified on June 5, 2026.

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