हरजीत सिंह ग्रेवाल बने राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के नए अध्यक्ष
केंद्र सरकार ने 16 जुलाई 2026 को वरिष्ठ भाजपा नेता हरजीत सिंह ग्रेवाल को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग (National Commission for Minorities – NCM) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया। इस संबंध में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने उसी दिन आधिकारिक अधिसूचना जारी की। यह पद अप्रैल 2025 से रिक्त था, जब तत्कालीन अध्यक्ष इकबाल सिंह लालपुरा का कार्यकाल समाप्त हो गया था। नई नियुक्ति के साथ आयोग को पुनः सक्रिय नेतृत्व प्राप्त हुआ है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का कानूनी आधार
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है, जिसकी स्थापना राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत की गई थी। यह आयोग केंद्र स्तर पर कार्य करता है और देश के अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित अधिकारों, सुरक्षा उपायों तथा कल्याणकारी नीतियों की निगरानी करता है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग संवैधानिक निकाय नहीं, बल्कि संसद द्वारा बनाए गए कानून के तहत गठित एक वैधानिक संस्था है।
आयोग की संरचना और नई नियुक्तियां
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग में एक अध्यक्ष, एक उपाध्यक्ष तथा अन्य सदस्य शामिल होते हैं, जिनकी नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है। हरजीत सिंह ग्रेवाल अपने पदभार ग्रहण करने की तिथि से तीन वर्ष तक अथवा सरकार के अगले आदेश तक अध्यक्ष पद पर कार्य करेंगे। उनके साथ मुनव्वरी बेगम को आयोग का उपाध्यक्ष तथा ग्लेन ई. सूज़ा टिकलो को सदस्य नियुक्त किया गया है। आयोग की स्वीकृत सदस्य संख्या सात है। नई नियुक्तियों के बाद आयोग की कार्यरत सदस्य संख्या बढ़कर चार हो गई है।
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के प्रमुख कार्य
राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का मुख्य कार्य अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के लिए उपलब्ध संवैधानिक और कानूनी सुरक्षा उपायों की निगरानी करना है। आयोग अल्पसंख्यकों से संबंधित शिकायतों की जांच करता है, उनके सामाजिक एवं आर्थिक मुद्दों का अध्ययन करता है और केंद्र सरकार को नीतिगत सुझाव प्रदान करता है। भारत में वर्तमान में अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों में मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी और जैन समुदाय शामिल हैं।
हरजीत सिंह ग्रेवाल का परिचय
हरजीत सिंह ग्रेवाल पंजाब के वरिष्ठ भाजपा नेता हैं। वे बरनाला जिले के धनौला से संबंध रखते हैं और उनकी आयु 69 वर्ष है। उन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के साथ विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। संगठनात्मक अनुभव और सार्वजनिक जीवन में लंबे योगदान के आधार पर उन्हें आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की स्थापना राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग अधिनियम, 1992 के तहत की गई थी।
- यह वैधानिक निकाय (Statutory Body) है, न कि संवैधानिक निकाय।
- भारत के अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदाय हैं— मुस्लिम, ईसाई, सिख, बौद्ध, पारसी और जैन।
- राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति केंद्र सरकार द्वारा की जाती है।
हरजीत सिंह ग्रेवाल की नियुक्ति राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के नेतृत्व को नई दिशा देने वाली महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। आयोग से अपेक्षा की जाती है कि वह अल्पसंख्यक समुदायों के अधिकारों की प्रभावी निगरानी, शिकायतों के समाधान और सरकार को रचनात्मक नीति सुझाव देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।