स्मार्ट सर्वे में मिली नई मिलीसेकंड पल्सर पीएसआर जे0125-5854 की खोज
खगोल विज्ञान के क्षेत्र में वैज्ञानिकों ने एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए दक्षिणी आकाश में संचालित स्मार्ट (SMART) सर्वे के दौरान नए मिलीसेकंड पल्सर पीएसआर जे0125-5854 की खोज की है। इस खोज को ऑस्ट्रेलिया स्थित मर्चिसन वाइडफील्ड एरे (एमडब्ल्यूए) रेडियो दूरबीन की सहायता से अंजाम दिया गया। इस शोध को 17 जून 2026 को प्रीप्रिंट के रूप में प्रकाशित किया गया तथा बाद में प्रतिष्ठित वैज्ञानिक पत्रिका में प्रकाशन के लिए स्वीकार किया गया। यह खोज रेडियो खगोल विज्ञान और न्यूट्रॉन तारों के अध्ययन में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
मिलीसेकंड पल्सर क्या होते हैं?
मिलीसेकंड पल्सर अत्यंत तेज़ गति से घूमने वाले न्यूट्रॉन तारे होते हैं, जिनकी घूर्णन अवधि सामान्यतः 30 मिलीसेकंड से कम होती है। ये प्रायः द्वितारा (बाइनरी) प्रणालियों में पाए जाते हैं और इनका अध्ययन मुख्य रूप से कम आवृत्ति वाली रेडियो तरंगों तथा विशाल रेडियो दूरबीनों के माध्यम से किया जाता है। इनकी नियमित रेडियो तरंगें वैज्ञानिकों को ब्रह्मांड की संरचना और गुरुत्वाकर्षण संबंधी अनेक रहस्यों को समझने में सहायता प्रदान करती हैं।
पीएसआर जे0125-5854 की प्रमुख विशेषताएँ
नव खोजे गए पल्सर की स्पिन अवधि 24 मिलीसेकंड है, जबकि इसका डिस्पर्शन माप 11.66 पीसी प्रति घन सेंटीमीटर दर्ज किया गया है। आगे किए गए अवलोकनों में यह स्पष्ट हुआ कि यह एक बाइनरी प्रणाली का हिस्सा है। प्रारंभिक अध्ययन में इसकी कक्षीय अवधि 290 दिनों से अधिक मानी गई थी, जबकि वर्तमान विश्लेषण के अनुसार इसकी संभावित कक्षीय अवधि 833.60 ± 0.04 दिन है। यह पल्सर लगभग -57 डिग्री गैलेक्टिक अक्षांश पर स्थित है और इसकी अनुमानित दूरी 0.5 से 1 किलोपार्सेक के बीच बताई गई है।
मर्चिसन वाइडफील्ड एरे और स्मार्ट सर्वे का महत्व
मर्चिसन वाइडफील्ड एरे पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया के मर्चिसन रेडियो-खगोल वेधशाला में स्थापित एक निम्न-आवृत्ति रेडियो दूरबीन है। यह भविष्य की विश्वस्तरीय स्क्वायर किलोमीटर एरे परियोजना के लिए अग्रदूत के रूप में कार्य कर रही है। दूसरी ओर, स्मार्ट सर्वे दक्षिणी आकाश में 140–170 मेगाहर्ट्ज़ आवृत्ति पर संचालित एक निरंतर पल्सर खोज अभियान है, जिसका उद्देश्य बार-बार किए जाने वाले निम्न-आवृत्ति अवलोकनों के माध्यम से नए पल्सरों की पहचान करना है। पीएसआर जे0125-5854 इस सर्वे के डीप-पास खोज अभियान में खोजा गया पहला मिलीसेकंड पल्सर है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- मर्चिसन वाइडफील्ड एरे पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया स्थित मर्चिसन रेडियो-खगोल वेधशाला में स्थापित है।
- स्क्वायर किलोमीटर एरे विश्व की अगली पीढ़ी की रेडियो खगोल विज्ञान परियोजना है, जिसके लिए एमडब्ल्यूए अग्रदूत की भूमिका निभा रहा है।
- स्मार्ट सर्वे 140–170 मेगाहर्ट्ज़ आवृत्ति बैंड में दक्षिणी आकाश के पल्सरों की खोज करता है।
- पीएसआर जे0125-5854 स्मार्ट सर्वे की डीप-पास खोज में प्राप्त पहला मिलीसेकंड पल्सर है।
नई मिलीसेकंड पल्सर की यह खोज ब्रह्मांड में न्यूट्रॉन तारों की उत्पत्ति, विकास और बाइनरी प्रणालियों की बेहतर समझ विकसित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। साथ ही, यह उपलब्धि निम्न-आवृत्ति रेडियो खगोल विज्ञान की बढ़ती क्षमता और भविष्य की उन्नत वेधशालाओं के लिए मजबूत आधार भी प्रस्तुत करती है।