स्पेसएक्स बनी दुनिया की पांचवीं सबसे मूल्यवान कंपनी, अमेज़न को पीछे छोड़ा

स्पेसएक्स बनी दुनिया की पांचवीं सबसे मूल्यवान कंपनी, अमेज़न को पीछे छोड़ा

एलन मस्क द्वारा वर्ष 2002 में स्थापित अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी कंपनी स्पेसएक्स (SpaceX) ने 16 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए बाजार पूंजीकरण (Market Capitalisation) के आधार पर दुनिया की पांचवीं सबसे मूल्यवान कंपनी का स्थान प्राप्त किया। कंपनी का मूल्यांकन अमेज़न से आगे निकल गया, जिससे यह वैश्विक कॉर्पोरेट जगत की शीर्ष कंपनियों में शामिल हो गई।

स्पेसएक्स का शेयर बाजार में प्रवेश

स्पेसएक्स ने 12 जून 2026 को अमेरिकी शेयर बाजार नैस्डैक (Nasdaq) में SPCX टिकर प्रतीक के साथ सूचीबद्ध होकर सार्वजनिक कंपनी के रूप में कारोबार शुरू किया। कंपनी के प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) ने इतिहास रच दिया। इस आईपीओ के माध्यम से प्रारंभिक रूप से 75 अरब अमेरिकी डॉलर जुटाए गए। बाद में अंडरराइटर्स द्वारा ओवर-अलॉटमेंट विकल्प का उपयोग किए जाने के बाद यह राशि बढ़कर 85.7 अरब डॉलर हो गई। यह राशि अब तक के सबसे बड़े आईपीओ में से एक मानी जा रही है।

बाजार पूंजीकरण में बड़ी छलांग

16 जून 2026 को स्पेसएक्स का बाजार मूल्यांकन एक समय 2.97 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। दिन के अंत में कंपनी का बाजार पूंजीकरण लगभग 2.66 ट्रिलियन डॉलर पर बंद हुआ। इसी दिन अमेज़न का बाजार पूंजीकरण लगभग 2.65 ट्रिलियन डॉलर था, जिसके कारण स्पेसएक्स उससे आगे निकल गई। विभिन्न वित्तीय विश्लेषणों के अनुसार उस दिन कंपनी का मूल्यांकन 2.75 ट्रिलियन डॉलर से 2.84 ट्रिलियन डॉलर के बीच भी आंका गया।

आईपीओ और शेयर बाजार की अवधारणा

आईपीओ (Initial Public Offering) वह प्रक्रिया है जिसके माध्यम से कोई निजी कंपनी पहली बार आम निवेशकों को अपने शेयर बेचती है। वहीं मार्केट कैपिटलाइजेशन किसी कंपनी के कुल जारी शेयरों की संख्या और उनके बाजार मूल्य के गुणनफल से प्राप्त होता है। स्पेसएक्स के सार्वजनिक होने के बाद निवेशकों की भारी रुचि ने इसके मूल्यांकन को तेजी से बढ़ाने में भूमिका निभाई।

वित्तीय प्रदर्शन

हालांकि कंपनी का मूल्यांकन बहुत ऊंचा पहुंच गया है, लेकिन वित्तीय आंकड़े बताते हैं कि स्पेसएक्स अभी भी घाटे में चल रही है। वर्ष 2025 में कंपनी ने—

  • 18.7 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया।
  • 4.9 अरब डॉलर का शुद्ध घाटा दर्ज किया।

वहीं 2026 की पहली तिमाही में—

  • 4.69 अरब डॉलर का राजस्व प्राप्त हुआ।
  • 4.27 अरब डॉलर का शुद्ध घाटा दर्ज किया गया।

कर्सर (Cursor) अधिग्रहण समझौता

16 जून 2026 को स्पेसएक्स ने एक और बड़ी घोषणा की। कंपनी ने एआई कोडिंग स्टार्टअप कर्सर (Cursor) के अधिग्रहण के लिए समझौता किया। कर्सर की मूल कंपनी एनिस्फीयर (Anysphere) है। यह सौदा लगभग 60 अरब डॉलर के स्टॉक के माध्यम से किया जाएगा और इसके 2026 की तीसरी तिमाही में पूरा होने की उम्मीद है। यह अधिग्रहण कृत्रिम बुद्धिमत्ता और सॉफ्टवेयर विकास के क्षेत्र में स्पेसएक्स की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत कर सकता है।

विश्लेषकों की प्रतिक्रिया

वित्तीय अनुसंधान संस्था मॉर्निंगस्टार (Morningstar) ने स्पेसएक्स के आईपीओ मूल्यांकन को कंपनी के वास्तविक वित्तीय प्रदर्शन की तुलना में अत्यधिक ऊंचा बताया। इसके बावजूद निवेशकों का विश्वास और भविष्य की विकास संभावनाओं ने कंपनी के शेयरों को मजबूत समर्थन प्रदान किया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • स्पेसएक्स की स्थापना 2002 में एलन मस्क ने की थी।
  • कंपनी 12 जून 2026 को नैस्डैक पर SPCX टिकर के साथ सूचीबद्ध हुई।
  • स्पेसएक्स का आईपीओ 85.7 अरब डॉलर जुटाने वाला इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ बना।
  • 16 जून 2026 को स्पेसएक्स दुनिया की पांचवीं सबसे मूल्यवान कंपनी बनी।
  • मार्केट कैपिटलाइजेशन किसी कंपनी के कुल शेयर मूल्य को दर्शाता है।
  • नैस्डैक अमेरिका का प्रमुख तकनीकी और विकासोन्मुख कंपनियों का स्टॉक एक्सचेंज है।
  • स्पेसएक्स ने एआई स्टार्टअप कर्सर के 60 अरब डॉलर के अधिग्रहण की घोषणा की।
  • कर्सर की मूल कंपनी एनिस्फीयर है।

स्पेसएक्स का दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों में शामिल होना अंतरिक्ष उद्योग और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। हालांकि कंपनी अभी लाभप्रदता हासिल नहीं कर सकी है, फिर भी निवेशकों का भरोसा, नवाचार क्षमता और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में इसकी अग्रणी भूमिका इसे वैश्विक कॉर्पोरेट जगत की सबसे प्रभावशाली कंपनियों में स्थान दिला रही है।

Originally written on June 17, 2026 and last modified on June 17, 2026.

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