सोलोमन द्वीप संसद में जेरेमिया मनेले के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित

सोलोमन द्वीप संसद में जेरेमिया मनेले के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित

दक्षिण प्रशांत महासागर स्थित Solomon Islands में राजनीतिक संकट गहरा गया है। 7 मई 2026 को देश की राष्ट्रीय संसद में प्रधानमंत्री Jeremiah Manele के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया। 50 सदस्यीय संसद में 26 सांसदों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि 22 सदस्यों ने विरोध किया। दो सदस्य मतदान के दौरान अनुपस्थित रहे। यह प्रस्ताव साउथ वेला लावेला निर्वाचन क्षेत्र के सांसद Frederick Kologeto द्वारा पेश किया गया, जो पीपुल्स फर्स्ट पार्टी से जुड़े हैं।

सोलोमन द्वीप की संसद व्यवस्था

सोलोमन द्वीप की राष्ट्रीय संसद एकसदनीय यानी यूनिकैमरल विधायिका है, जिसमें कुल 50 सदस्य होते हैं। देश की राजधानी Honiara है, जहां संसद स्थित है। अविश्वास प्रस्ताव संसदीय लोकतंत्र की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है, जिसके माध्यम से यह जांचा जाता है कि सरकार के पास सदन में बहुमत का समर्थन है या नहीं। वेस्टमिंस्टर शैली की संसदीय व्यवस्था वाले देशों में यह प्रक्रिया आम है।

2026 का राजनीतिक संकट

सोलोमन द्वीप में राजनीतिक संकट की शुरुआत मार्च 2026 में हुई, जब कई मंत्रियों ने सामूहिक इस्तीफा दे दिया और सरकार के दो सहयोगी दल “गवर्नमेंट फॉर नेशनल यूनिटी एंड ट्रांसफॉर्मेशन” गठबंधन से बाहर हो गए। इसके बाद छह राजनीतिक दलों के विपक्षी गठबंधन ने दावा किया कि उनके पास संसद में 27 सदस्यों का समर्थन है। बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच संसद को नए प्रधानमंत्री के चुनाव की प्रक्रिया के लिए स्थगित कर दिया गया।

गवर्नर-जनरल की भूमिका

हालांकि अविश्वास प्रस्ताव पारित हो चुका है, लेकिन संवैधानिक प्रक्रिया पूरी होने तक जेरेमिया मनेले पद पर बने रहेंगे। Sir David Tiva Kapu औपचारिक रूप से उन्हें पद से हटाएंगे। वेस्टमिंस्टर प्रणाली में सरकार प्रमुख तब तक पद पर बना रहता है, जब तक उसके उत्तराधिकारी की नियुक्ति की संवैधानिक प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।

नए प्रधानमंत्री की संभावनाएं

पूर्व विदेश मंत्री Peter Shanel Agovaka को नए प्रधानमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। उन्होंने 2024 पैसिफिक गेम्स और पिछले वर्ष आयोजित पैसिफिक आइलैंड्स फोरम से जुड़े फंड का भी उल्लेख किया है। राजनीतिक नेतृत्व में बदलाव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि हाल के वर्षों में सोलोमन द्वीप ने बीजिंग के साथ करीबी संबंध बनाए हैं।

चीन और सामरिक महत्व

सोलोमन द्वीप प्रशांत क्षेत्र में रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। चीन के साथ बढ़ते संबंधों के कारण यहां की राजनीतिक गतिविधियों पर पश्चिमी देशों और राजनयिकों की विशेष नजर रहती है। होनियारा में नेतृत्व परिवर्तन को प्रशांत क्षेत्र की भू-राजनीतिक स्थिति से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सोलोमन द्वीप दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित एक संप्रभु राष्ट्र है।
  • होनियारा सोलोमन द्वीप की राजधानी है और यह ग्वाडलकैनाल द्वीप पर स्थित है।
  • अविश्वास प्रस्ताव संसदीय लोकतंत्र की महत्वपूर्ण प्रक्रिया मानी जाती है।
  • सर डेविड टिवा कापू सोलोमन द्वीप के गवर्नर-जनरल हैं।

सोलोमन द्वीप में उत्पन्न यह राजनीतिक संकट देश की आंतरिक राजनीति के साथ-साथ प्रशांत क्षेत्र की सामरिक राजनीति पर भी प्रभाव डाल सकता है। आने वाले दिनों में नए प्रधानमंत्री का चुनाव और सरकार गठन क्षेत्रीय कूटनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जाएगा।

Originally written on May 7, 2026 and last modified on May 7, 2026.

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