सेबी का नया IT Resilience Index: शेयर बाजार की तकनीकी मजबूती पर कड़ी निगरानी

सेबी का नया IT Resilience Index: शेयर बाजार की तकनीकी मजबूती पर कड़ी निगरानी

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर इंस्टीट्यूशंस यानी एमआईआई के लिए Information Technology Resilience Index का ढांचा पेश किया है। यह पहल देश के शेयर बाजार की उन संस्थाओं की तकनीकी मजबूती, सुरक्षा और संचालन क्षमता को मापने के लिए है, जिन पर ट्रेडिंग, सेटलमेंट और कस्टडी जैसी अहम प्रक्रियाएं निर्भर करती हैं।

एमआईआई क्यों हैं इतने अहम

भारत के पूंजी बाजार में स्टॉक एक्सचेंज, क्लियरिंग कॉरपोरेशन और डिपॉजिटरी को एमआईआई कहा जाता है। ये संस्थाएं बाजार की रीढ़ मानी जाती हैं, क्योंकि इन्हीं के जरिए सौदों का निष्पादन, निपटान और प्रतिभूतियों की सुरक्षित रखवाली होती है। ऐसे में इनकी आईटी प्रणाली में किसी भी तरह की कमजोरी पूरे बाजार पर असर डाल सकती है।

सेबी का नया ढांचा इसी जोखिम को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, ताकि इन संस्थानों की तकनीकी तैयारी को एक समान मानकों पर परखा जा सके।

100 अंकों के पैमाने पर होगी रेटिंग

यह इंडेक्स कुल 100 अंकों पर आधारित है और इसमें नौ मानकों के जरिए मूल्यांकन किया जाएगा। इनमें Availability और Security को सबसे अधिक, यानी 20-20 अंक दिए गए हैं। इसके बाद Integrity, Governance, Reliability and Monitoring, Business Continuity और Modularity and Flexibility को 10-10 अंक मिले हैं। Scalability और Incident Handling के लिए 5-5 अंक तय किए गए हैं।

इस संरचना से साफ है कि सेबी केवल सिस्टम के चालू रहने पर नहीं, बल्कि उसकी सुरक्षा, निरंतरता, निगरानी और संकट के समय प्रतिक्रिया क्षमता पर भी जोर दे रहा है।

अर्ली वार्निंग सिस्टम और समयसीमा

सेबी ने एमआईआई को एक Early Warning System विकसित करने का निर्देश दिया है, ताकि इंडेक्स के मानकों में गिरावट के शुरुआती संकेतों को समय रहते पकड़ा जा सके। इसके साथ ही, एमआईआई को हर छह महीने में इंडेक्स स्कोर निकालना होगा और अवधि समाप्त होने के 60 दिनों के भीतर उसकी तुलनात्मक रिपोर्ट तैयार करनी होगी।

यह रिपोर्ट Standing Committee on Technology और संबंधित बोर्डों के समक्ष रखी जाएगी। साथ ही, इंडस्ट्री स्टैंडर्ड्स फोरम को हर मानक के उप-मानदंड और मापन पद्धति को अंतिम रूप देना होगा। सेबी ने इस पूरे ढांचे के पूर्ण क्रियान्वयन के लिए 28 फरवरी 2027 की समयसीमा तय की है, जिसमें रियल-टाइम सर्विस डिलीवरी मॉनिटरिंग भी शामिल होगी।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सेबी भारत में प्रतिभूति बाजार का वैधानिक नियामक है।
  • एमआईआई में स्टॉक एक्सचेंज, क्लियरिंग कॉरपोरेशन और डिपॉजिटरी शामिल होते हैं।
  • नया IT Resilience Index 100 अंकों के पैमाने पर आधारित है।
  • Standing Committee on Technology, एमआईआई में तकनीकी निगरानी से जुड़ा एक महत्वपूर्ण निकाय है।

कुल मिलाकर, यह ढांचा भारतीय पूंजी बाजार में तकनीकी जोखिमों को कम करने और संस्थागत मजबूती बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे बाजार ढांचे की विश्वसनीयता और संकट-प्रबंधन क्षमता को और मजबूत करने की उम्मीद है।

Originally written on August 24, 2026 and last modified on August 24, 2026.

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