भारत का पहला नॉन-जीएमओ हाई-एक्सपैंशन पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड लॉन्च

भारत का पहला नॉन-जीएमओ हाई-एक्सपैंशन पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड लॉन्च

भारत ने पॉपकॉर्न मक्का के क्षेत्र में एक अहम उपलब्धि हासिल करते हुए अपना पहला नॉन-जीएमओ हाई-एक्सपैंशन पॉपकॉर्न मक्का हाइब्रिड बीज लॉन्च किया। यह लॉन्च 24 अगस्त 2026 को आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले के मुसुनुरु स्थित Gourmet Popcornica सुविधा केंद्र में किया गया। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने इस बीज का लोकार्पण किया, जबकि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू भी समारोह में मौजूद रहे।

पॉपकॉर्न मक्का क्यों है खास

पॉपकॉर्न मक्का सामान्य मक्का से अलग एक विशेष किस्म है, जिसे गर्म करने पर दानों के फूलने की क्षमता के आधार पर चुना जाता है। हाई-एक्सपैंशन हाइब्रिड का मतलब ऐसे बीज से है, जिससे अधिक मात्रा में पॉपकॉर्न तैयार हो सके। खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में यह गुणवत्ता का एक महत्वपूर्ण मानक माना जाता है।

यह बीज नॉन-जीएमओ है, यानी इसे पारंपरिक प्रजनन विधियों से विकसित किया गया है और इसमें आनुवंशिक रूप से संशोधित गुण नहीं जोड़े गए हैं। मक्का में हाइब्रिड बीज उत्पादन नियंत्रित पर-परागण के जरिए किया जाता है, ताकि उपज, एकरूपता और प्रसंस्करण गुणवत्ता जैसे गुण एक साथ मिल सकें।

आईसीएआर-आईआईएमआर और निजी क्षेत्र की साझेदारी

इस हाइब्रिड को ICAR-Indian Institute of Maize Research (ICAR-IIMR) और Gourmet Popcornica की वैज्ञानिक एवं व्यावसायिक साझेदारी से विकसित किया गया। यह सहयोग फरवरी 2021 में शुरू हुआ था। ICAR-IIMR भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के तहत काम करने वाला मक्का अनुसंधान संस्थान है, जो मक्का प्रजनन, कृषि तकनीक और वैल्यू-चेन विकास पर काम करता है।

इस तरह की साझेदारी का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि इससे शोध संस्थानों की तकनीक सीधे उद्योग और किसानों तक पहुंचती है। इससे आयातित तकनीकों पर निर्भरता घटाने और देश में ही मूल्यवर्धित मक्का उत्पादन को बढ़ावा देने की संभावना बनती है।

किसानों, उद्योग और निर्यात के लिए क्या मायने

पॉपकॉर्न वैल्यू चेन से सीधे 17,500 से अधिक किसान परिवार जुड़े हुए हैं और लगभग 40,000 एकड़ भूमि इस नेटवर्क के दायरे में आती है। आधिकारिक लॉन्च के अनुसार यह नेटवर्क आठ भारतीय राज्यों में फैला है, जबकि फरवरी 2026 की एक पूर्व घोषणा में नौ राज्यों का उल्लेख किया गया था।

Gourmet Popcornica को एशिया के सबसे बड़े पॉपकॉर्न मक्का प्रसंस्करण संयंत्रों में से एक बताया जाता है। ऐसे में स्वदेशी हाइब्रिड बीज का विकास घरेलू प्रसंस्करण उद्योग के लिए रणनीतिक कदम माना जा रहा है। यह न केवल उत्पादन श्रृंखला को मजबूत कर सकता है, बल्कि निर्यातोन्मुख मक्का प्रसंस्करण को भी सहारा दे सकता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • मक्का Poaceae कुल की प्रमुख अनाज फसल है।
  • हाइब्रिड बीजों का उपयोग मक्का में उपज, एकरूपता और गुणवत्ता बढ़ाने के लिए किया जाता है।
  • पॉपकॉर्न मक्का में दानों के विस्तार की क्षमता उसकी प्रसंस्करण गुणवत्ता तय करती है।
  • आंध्र प्रदेश भारत के प्रमुख कृषि राज्यों में शामिल है और मक्का उत्पादन में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

यह लॉन्च भारतीय कृषि अनुसंधान, बीज नवाचार और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के बीच बढ़ते तालमेल का संकेत है। नॉन-जीएमओ स्वदेशी हाइब्रिड के साथ भारत ने पॉपकॉर्न मक्का के क्षेत्र में एक नई दिशा की ओर कदम बढ़ाया है।

Originally written on August 24, 2026 and last modified on August 24, 2026.

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