सीसीपीए ने ई-कॉमर्स कंपनियों को भेजा नोटिस
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण यानी सीसीपीए ने 16 मई 2026 को अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और जियोमार्ट जैसी प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनियों को कथित रूप से हर्बिसाइड उत्पादों की बिक्री को लेकर नोटिस जारी किया है। इससे पहले जनवरी 2026 में प्राधिकरण ने अवैध रूप से वॉकी-टॉकी बेचने के मामले में कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर जुर्माना भी लगाया था। यह कार्रवाई उपभोक्ता सुरक्षा और विनियमित उत्पादों की ऑनलाइन बिक्री पर निगरानी को लेकर महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
क्या है केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण एक वैधानिक नियामक संस्था है, जिसकी स्थापना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत की गई थी। यह उपभोक्ता मामलों के विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है। सीसीपीए का मुख्य उद्देश्य अनुचित व्यापार प्रथाओं, भ्रामक विज्ञापनों और उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन पर कार्रवाई करना है। यह संस्था स्वयं संज्ञान लेकर भी जांच और दंडात्मक कार्रवाई कर सकती है।
वॉकी-टॉकी बिक्री पर पहले भी हुई थी कार्रवाई
16 जनवरी 2026 को सीसीपीए ने कई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर अवैध वॉकी-टॉकी बिक्री के मामले में जुर्माना लगाया था। जांच के दौरान पाया गया कि कुछ वॉकी-टॉकी उपकरणों को “लाइसेंस-फ्री” और “100 प्रतिशत कानूनी” बताकर बेचा जा रहा था, जबकि वे लाइसेंस मुक्त श्रेणी में नहीं आते थे। भारत में रेडियो उपकरणों को लाइसेंसिंग नियमों, फ्रीक्वेंसी आवंटन और इक्विपमेंट टाइप अप्रूवल जैसे मानकों का पालन करना आवश्यक होता है।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की जिम्मेदारी
सीसीपीए ने अपनी जांच में 16,900 से अधिक गैर-अनुपालन वाली वॉकी-टॉकी लिस्टिंग दर्ज की थीं। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया कि ऐसे प्लेटफॉर्म जो विनियमित उत्पादों की लिस्टिंग, प्रचार और बिक्री को सक्षम बनाते हैं, उन्हें केवल निष्क्रिय मध्यस्थ नहीं माना जा सकता। वर्ष 2025 में सीसीपीए ने रेडियो उपकरणों और वॉकी-टॉकी की अवैध ऑनलाइन बिक्री रोकने के लिए विशेष दिशानिर्देश भी जारी किए थे। ये नियम भारत में रेडियो उपकरण बेचने वाले सभी ऑनलाइन मार्केटप्लेस पर लागू होते हैं।
जुर्माने और कानूनी प्रावधान
जनवरी 2026 में अमेजन, फ्लिपकार्ट, मीशो और मेटा प्लेटफॉर्म्स पर 10-10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। वहीं जियोमार्ट, टॉक प्रो, चिमिया और मास्कमैन टॉयज पर 1-1 लाख रुपये का दंड लगाया गया। यह कार्रवाई इस बात को दर्शाती है कि सरकार अब ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर बेचे जाने वाले नियंत्रित उत्पादों की निगरानी को और सख्त बना रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
” उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत सीसीपीए की स्थापना हुई थी। ” इक्विपमेंट टाइप अप्रूवल रेडियो और वायरलेस उपकरणों के अनुपालन से जुड़ा प्रमाणन है। ” अल्ट्रा हाई फ्रीक्वेंसी बैंड का उपयोग कई संचार उपकरणों में होता है। ” स्वतः संज्ञान यानी सुओ मोटू कार्रवाई किसी प्राधिकरण द्वारा स्वयं शुरू की गई कार्रवाई होती है। सीसीपीए की यह कार्रवाई ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म की जवाबदेही और उपभोक्ता सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है। इससे ऑनलाइन बाजार में विनियमित उत्पादों की बिक्री पर निगरानी और सख्त होने की संभावना है।