सीआरपीएफ राइजिंग डे: देश की आंतरिक सुरक्षा में अहम भूमिका
27 जुलाई 2026 को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने अपना 88वां स्थापना दिवस मनाया। यह दिन बल के गठन, उसके ऐतिहासिक सफर और देश की आंतरिक सुरक्षा में उसकी निरंतर भूमिका को याद करने का अवसर है। सीआरपीएफ भारत के सबसे बड़े केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में से एक है और यह गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
सीआरपीएफ की स्थापना और नाम परिवर्तन
सीआरपीएफ की शुरुआत 27 जुलाई 1939 को ब्रिटिश काल में क्राउन रिप्रेजेंटेटिव्स पुलिस के रूप में हुई थी। स्वतंत्रता के बाद इसे नया स्वरूप मिला और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल अधिनियम, 1949 के तहत इसका वर्तमान नाम और कानूनी ढांचा तय हुआ। इसी वजह से राइजिंग डे केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि बल की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक भी है।
आंतरिक सुरक्षा में सीआरपीएफ की भूमिका
सीआरपीएफ का दायरा राज्य पुलिस से अलग और व्यापक है। यह कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहायता, दंगा नियंत्रण, चुनाव ड्यूटी, आतंकवाद-रोधी और उग्रवाद-रोधी अभियानों, तथा महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा जैसे कार्यों में तैनात किया जाता है। कई बार प्राकृतिक आपदाओं या बड़े सुरक्षा संकटों के दौरान भी यह बल राज्य सरकारों की मदद करता है।जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर भारत और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सीआरपीएफ की तैनाती लंबे समय से रही है। विशेषकर नक्सल प्रभावित इलाकों में यह बल सुरक्षा अभियानों की रीढ़ माना जाता है।
2026 में राइजिंग डे से जुड़े प्रमुख आयोजन
2026 में सीआरपीएफ राइजिंग डे से जुड़े कार्यक्रमों ने भी ध्यान खींचा। 21 फरवरी 2026 को गुवाहाटी के सरुसजाई स्टेडियम में 87वें राइजिंग डे परेड का आयोजन हुआ, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि रहे। इससे पहले 19 फरवरी 2026 को गुवाहाटी में डायरेक्टर जनरल्स परेड आयोजित की गई, जो पहली बार पूर्वोत्तर क्षेत्र में हुई।इसके अलावा 10 मार्च 2026 को बेंगलुरु में ग्रुप सेंटर सीआरपीएफ और कॉम्पोजिट हॉस्पिटल सीआरपीएफ ने भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के साथ एक मेगा रक्तदान शिविर भी आयोजित किया। ऐसे आयोजन बल की सामाजिक भागीदारी और जनसेवा की भावना को भी दर्शाते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सीआरपीएफ की स्थापना 27 जुलाई 1939 को हुई थी।
- यह बल गृह मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
- सीआरपीएफ एक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल है, राज्य पुलिस बल नहीं।
- केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल अधिनियम, 1949 ने इसे वर्तमान कानूनी पहचान दी।
सीआरपीएफ राइजिंग डे देश को यह याद दिलाता है कि आंतरिक सुरक्षा, चुनाव व्यवस्था और संकट प्रबंधन में इस बल की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।