विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस पर दिल्ली चिड़ियाघर में जागरूकता अभियान
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर दिल्ली स्थित राष्ट्रीय प्राणी उद्यान में 28 जुलाई 2026 को पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इस मौके पर प्लास्टिक हटाने का अभियान, आगंतुकों के लिए जागरूकता सत्र और प्रकृति संरक्षण पर आधारित रचनात्मक गतिविधियाँ कराई गईं।
प्रकृति संरक्षण दिवस का संदेश
विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हर वर्ष 28 जुलाई को मनाया जाता है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक संसाधनों, जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन के संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। यह दिन इस बात पर जोर देता है कि स्वच्छ पर्यावरण और टिकाऊ जीवनशैली केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि नागरिकों की भागीदारी से भी संभव है।
दिल्ली चिड़ियाघर में क्या हुआ
राष्ट्रीय प्राणी उद्यान, जिसे आम तौर पर दिल्ली चिड़ियाघर कहा जाता है, में इस अवसर पर लगभग 35 सफाईकर्मियों ने परिसर में प्लास्टिक हटाने का अभियान चलाया। इस दौरान करीब 230 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एकत्र किया गया, जिसमें बोतलें और सिंगल-यूज वस्तुएँ शामिल थीं।इसके साथ ही आगंतुकों के लिए एक इंटरैक्टिव जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें LiFE यानी Lifestyle for Environment पहल पर चर्चा की गई। सत्र में कचरे के पृथक्करण और उसे उपयोगी उत्पादों में बदलने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
जनभागीदारी से जुड़ा संरक्षण अभियान
चिड़ियाघरों और अन्य सार्वजनिक संस्थानों में ऐसे कार्यक्रम केवल प्रतीकात्मक आयोजन नहीं होते, बल्कि वे लोगों को पर्यावरणीय जिम्मेदारी से जोड़ने का माध्यम भी बनते हैं। प्रकृति संरक्षण से जुड़े अभियानों में आमतौर पर कचरा प्रबंधन, जैव विविधता शिक्षा और आगंतुकों की भागीदारी पर विशेष ध्यान दिया जाता है।राष्ट्रीय प्राणी उद्यान जैसे संस्थान वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ पर्यावरणीय व्यवहार में बदलाव लाने की दिशा में भी काम करते हैं। प्लास्टिक कचरे में कमी, संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग और स्वच्छता के प्रति जागरूकता ऐसे प्रयासों के प्रमुख लक्ष्य हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस हर साल 28 जुलाई को मनाया जाता है।
- LiFE का पूरा नाम Lifestyle for Environment है।
- राष्ट्रीय प्राणी उद्यान को आम तौर पर दिल्ली चिड़ियाघर कहा जाता है।
- दिल्ली चिड़ियाघर में आयोजित अभियान में लगभग 230 किलोग्राम प्लास्टिक कचरा एकत्र किया गया।
इस तरह, विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस ने एक बार फिर यह संदेश दिया कि पर्यावरण की रक्षा केवल नीतियों का विषय नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदतों और सामूहिक जिम्मेदारी से जुड़ा सार्वजनिक दायित्व है।