तवांग में 14वां अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट, पूर्वोत्तर पर्यटन को नई रफ्तार

तवांग में 14वां अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट, पूर्वोत्तर पर्यटन को नई रफ्तार

अगले वर्ष 29 से 31 अक्टूबर 2026 तक अरुणाचल प्रदेश के तवांग में 14वां अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय और अरुणाचल प्रदेश सरकार के संयुक्त सहयोग से होगा और इसमें देश-विदेश के पर्यटन हितधारक, टूर ऑपरेटर और 27 देशों के इन्फ्लुएंसर शामिल होंगे।

पूर्वोत्तर पर्यटन को बढ़ावा देने का मंच

अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट हर साल भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित किया जाता है। इसका उद्देश्य पर्यटन से जुड़े विभिन्न पक्षों को एक मंच पर लाकर क्षेत्र के गंतव्यों, सांस्कृतिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को सामने लाना है। इस आयोजन के जरिए यात्रा उद्योग, मीडिया और स्थानीय पर्यटन इकाइयों के बीच सीधा संवाद भी स्थापित होता है।

तवांग क्यों है खास

तवांग पश्चिमी अरुणाचल प्रदेश का एक प्रमुख जिला है और यह ऊंचाई वाले पर्वतीय दृश्यों, बौद्ध मठों और सीमावर्ती भूगोल के लिए जाना जाता है। पूर्वी हिमालय में स्थित यह स्थान भारत के उत्तर-पूर्वी पर्यटन सर्किट का महत्वपूर्ण हिस्सा है। तवांग ने इससे पहले 2013 में भी अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट की मेजबानी की थी, इसलिए 2026 का आयोजन इस क्षेत्र के लिए एक बार फिर बड़ी पहचान लेकर आएगा।

तैयारियों की शुरुआत और क्षेत्रीय महत्व

कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के लिए तवांग सर्किट हाउस में एक प्रारंभिक समन्वय बैठक भी हो चुकी है। यह संकेत है कि आयोजन को लेकर प्रशासनिक और पर्यटन स्तर पर तैयारियां पहले से शुरू कर दी गई हैं। पूर्वोत्तर भारत को आधिकारिक दस्तावेजों और पर्यटन प्रचार में अक्सर “अष्ट लक्ष्मी” कहा जाता है, क्योंकि यह आठ राज्यों से मिलकर बना है और अपनी विविधता, जैविक संपदा तथा सांस्कृतिक पहचान के लिए जाना जाता है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का आयोजन भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में पर्यटन प्रचार के लिए किया जाता है।
  • पूर्वोत्तर भारत में कुल 8 राज्य हैं: अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम और त्रिपुरा।
  • तवांग ने इससे पहले 2013 में अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मार्ट की मेजबानी की थी।
  • अरुणाचल प्रदेश पूर्वोत्तर क्षेत्र के प्रमुख पर्यटन राज्यों में शामिल है और तवांग उसका महत्वपूर्ण पर्यटन केंद्र है।

तवांग में होने वाला यह आयोजन न केवल अरुणाचल प्रदेश, बल्कि पूरे पूर्वोत्तर की पर्यटन क्षमता को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और अधिक मजबूती से सामने लाने का अवसर बनेगा।

Originally written on October 6, 2026 and last modified on October 6, 2026.

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