अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस को मिली संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक पहचान
हर साल 1 अक्टूबर को मनाया जाने वाला अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस 2026 में एक नए महत्व के साथ सामने आया है, क्योंकि इस बार इसे संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक मान्यता मिली है। कॉफी केवल एक पेय नहीं, बल्कि उत्पादन, व्यापार, उपभोग और इससे जुड़े लाखों लोगों की आजीविका से जुड़ी वैश्विक श्रृंखला का हिस्सा है।
संयुक्त राष्ट्र की मान्यता से बढ़ा महत्व
संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 10 मार्च 2026 को प्रस्ताव A/RES/80/248 अपनाकर 1 अक्टूबर को औपचारिक रूप से अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस घोषित किया। यह 2026 का आयोजन इस दिवस का पहला ऐसा संस्करण है, जिसे संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक स्थिति प्राप्त हुई है। इस मतदान के दौरान संयुक्त राज्य अमेरिका ने प्रस्ताव के खिलाफ वोट दिया, जबकि कनाडा ने मतदान से दूरी बनाई।
कॉफी उद्योग और लोगों से जुड़ा वैश्विक दिन
अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस का उद्देश्य कॉफी से जुड़े पूरे मूल्य-श्रृंखला तंत्र को रेखांकित करना है। इसमें किसान, श्रमिक, व्यापारी, निर्यातक, रोस्टर, कैफे संचालक और उपभोक्ता सभी शामिल हैं। यह दिन कॉफी उत्पादन से जुड़े सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर ध्यान दिलाता है, साथ ही उन लोगों की भूमिका को भी सामने लाता है जो हर कप कॉफी के पीछे काम करते हैं।
जिनेवा में 2026 का आयोजन और नई पहल
2026 के समारोह की मेजबानी जिनेवा में एफएओ संपर्क कार्यालय करेगा, जो इंडोनेशिया, रवांडा और तुर्किये के स्थायी मिशनों के सहयोग से आयोजित होगा। इस कार्यक्रम की थीम है: “Celebrating Coffee, Honouring the People Behind Every Cup”. इसी दिन अंतरराष्ट्रीय कॉफी संगठन ने “Coffee’s Next Generation” नामक पहल भी शुरू की, जिसका लक्ष्य कॉफी क्षेत्र में युवाओं और उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- अंतरराष्ट्रीय कॉफी दिवस हर साल 1 अक्टूबर को मनाया जाता है।
- संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 10 मार्च 2026 को प्रस्ताव A/RES/80/248 अपनाया।
- 2026 का आयोजन इस दिवस का पहला संस्करण है जिसे संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक मान्यता मिली है।
- अंतरराष्ट्रीय कॉफी संगठन ने 2026 में “Coffee’s Next Generation” पहल शुरू की।
कॉफी से जुड़ा यह दिवस अब केवल एक वैश्विक उत्सव नहीं, बल्कि उत्पादन से लेकर उपभोग तक पूरी श्रृंखला में जुड़े लोगों के योगदान को पहचान देने वाला अंतरराष्ट्रीय मंच बन गया है।