सत्यनिष्ठा से समृद्धि: सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026
भारत में सतर्कता जागरूकता सप्ताह 26 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक मनाया जा रहा है। केंद्रीय सतर्कता आयोग ने इस वर्ष की थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” रखी है। सप्ताह की शुरुआत 26 अक्टूबर को सुबह 11 बजे सरकारी विभागों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और बैंकों में अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा सत्यनिष्ठा की शपथ लेने के साथ हुई।
भ्रष्टाचार रोकथाम और सार्वजनिक विश्वास पर जोर
इस सप्ताह का उद्देश्य केवल भ्रष्टाचार के विरुद्ध संदेश देना नहीं, बल्कि सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और नैतिक आचरण को मजबूत करना भी है। “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” थीम इस विचार को रेखांकित करती है कि सार्वजनिक संस्थानों में ईमानदार और जिम्मेदार कार्यप्रणाली से नागरिकों का भरोसा बढ़ता है और विकास के लाभ अधिक प्रभावी ढंग से लोगों तक पहुंचते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 अक्टूबर को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं। सप्ताह के दौरान सरकारी संस्थानों के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों और बैंकों में भी जागरूकता संबंधी गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं।
केंद्रीय सतर्कता आयोग की भूमिका
केंद्रीय सतर्कता आयोग केंद्र सरकार के संगठनों के लिए देश की शीर्ष सतर्कता संस्था है। इसकी स्थापना 1964 में एक कार्यकारी प्रस्ताव के माध्यम से हुई थी। बाद में केंद्रीय सतर्कता आयोग अधिनियम, 2003 के तहत इसे वैधानिक दर्जा मिला। अधिनियम के अनुसार आयोग में एक केंद्रीय सतर्कता आयुक्त और अधिकतम दो सतर्कता आयुक्त हो सकते हैं।
राष्ट्रपति इन पदों पर नियुक्तियां ऐसी समिति की सिफारिश पर करते हैं, जिसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं। समिति में केंद्रीय गृह मंत्री और लोकसभा में विपक्ष के नेता भी शामिल होते हैं। आयोग केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों और निर्धारित सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों के सतर्कता प्रशासन पर निगरानी रखता है। इस भूमिका के कारण यह भ्रष्टाचार-निरोधक व्यवस्था को दिशा देने वाली प्रमुख संस्था है।
तीन महीने का अभियान और जनभागीदारी
सप्ताह के साथ 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक तीन महीने का निवारक सतर्कता अभियान भी चल रहा है। इसके प्रमुख क्षेत्रों में लंबित शिकायतों और मामलों का निपटारा, कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाना, डिजिटल पहल और ठेकों का बेहतर प्रबंधन शामिल हैं। निवारक सतर्कता का जोर अनियमितता होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय प्रक्रियाओं को ऐसा बनाने पर है, जिससे गड़बड़ी की आशंका कम हो।
भाग लेने वाले संगठन कार्यशालाएं, जागरूकता कार्यक्रम, वाद-विवाद, प्रश्नोत्तरी और डिजिटल अभियान चला रहे हैं। कर्मचारियों और उनके परिवारों को आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध ई-सत्यनिष्ठा शपथ लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में जागरूकता ग्राम सभाओं के माध्यम से भ्रष्टाचार से मुकाबले तथा सार्वजनिक शिकायत निवारण के तरीकों की जानकारी साझा की जाएगी। सप्ताह से जुड़ी गतिविधियों की रिपोर्ट संगठनों को 30 नवंबर 2026 तक आयोग को भेजनी है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- केंद्रीय सतर्कता आयोग की स्थापना 1964 में हुई और इसे 2003 के अधिनियम से वैधानिक दर्जा मिला।
- केंद्रीय सतर्कता आयुक्त की नियुक्ति राष्ट्रपति करते हैं; संबंधित चयन समिति की अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते हैं।
- सतर्कता जागरूकता सप्ताह 2026 की अवधि 26 अक्टूबर से 1 नवंबर है और इसकी थीम “सत्यनिष्ठा से समृद्धि” है।
- निवारक सतर्कता अभियान 17 अगस्त से 16 नवंबर 2026 तक चलेगा; गतिविधियों की रिपोर्ट 30 नवंबर तक जमा करनी है।
सप्ताह की गतिविधियां संस्थागत जवाबदेही के साथ नागरिकों की जागरूकता को भी केंद्र में रखती हैं। शिकायत निवारण की जानकारी और पारदर्शी प्रक्रियाएं भ्रष्टाचार रोकने के प्रयासों को व्यापक आधार दे सकती हैं।