सर्वम एआई बनी भारत की नई यूनिकॉर्न, सीरीज-बी फंडिंग में जुटाए 234 मिलियन डॉलर
बेंगलुरु स्थित फुल-स्टैक संप्रभु कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Sovereign AI) स्टार्टअप सर्वम एआई (Sarvam AI) ने 15 जून 2026 को अपनी सीरीज-बी फंडिंग के पहले चरण में 234 मिलियन डॉलर जुटाए। इस निवेश के बाद कंपनी का मूल्यांकन 1.5 अरब डॉलर (1.5 बिलियन डॉलर) हो गया, जिसके साथ ही सर्वम एआई भारत के यूनिकॉर्न स्टार्टअप क्लब में शामिल हो गई। यूनिकॉर्न उन निजी स्टार्टअप कंपनियों को कहा जाता है जिनका मूल्यांकन 1 अरब डॉलर या उससे अधिक होता है।
सीरीज-बी फंडिंग राउंड की प्रमुख बातें
इस निवेश दौर का नेतृत्व एचसीएलटेक (HCLTech) ने किया, जिसने 150 मिलियन डॉलर का निवेश किया। इस निवेश के बदले एचसीएलटेक ने सर्वम एआई में 10.46 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की और कंपनी का रणनीतिक निवेशक बन गया। फंडिंग राउंड में बेसेमर वेंचर पार्टनर्स नए निवेशक के रूप में शामिल हुआ, जबकि खोसला वेंचर्स और पीक XV पार्टनर्स ने मौजूदा निवेशकों के रूप में भागीदारी जारी रखी। कंपनी का लक्ष्य कुल 300 मिलियन डॉलर की सीरीज-बी फंडिंग जुटाना है।
सर्वम एआई की स्थापना
सर्वम एआई की स्थापना वर्ष 2023 में विवेक राघवन और प्रत्युष कुमार ने की थी। कंपनी स्वयं को एक संप्रभु एआई (Sovereign AI) स्टार्टअप के रूप में प्रस्तुत करती है। इस अवधारणा का अर्थ ऐसे एआई मॉडल और प्रणालियां विकसित करना है जो घरेलू डेटा, स्थानीय अवसंरचना और राष्ट्रीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार किए जाएं।
एआई मॉडल विकास पर फोकस
कंपनी जुटाई गई पूंजी का उपयोग अगली पीढ़ी के कृत्रिम बुद्धिमत्ता मॉडल विकसित करने में करेगी। इनका उपयोग मुख्य रूप से निम्न क्षेत्रों में किया जाएगा—
- एजेंटिक एआई (Agentic AI)
- कोडिंग और सॉफ्टवेयर विकास
- साइबर सुरक्षा
- भारतीय भाषाओं पर आधारित एआई समाधान
फरवरी 2026 में कंपनी ने 30 अरब और 105 अरब पैरामीटर वाले ओपन-सोर्स एआई मॉडल लॉन्च किए थे, जिन्हें भारत में विकसित और प्रशिक्षित किया गया था।
भारतीय भाषाओं पर विशेष जोर
सर्वम एआई के मॉडल भारतीय भाषाओं और स्थानीय उपयोग मामलों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं। इसका उद्देश्य भारत की भाषाई विविधता को एआई तकनीक से जोड़ना और डिजिटल सेवाओं को अधिक समावेशी बनाना है।
व्यावसायिक और सरकारी उपयोग
कंपनी ने कई बड़े स्तर की परियोजनाओं में अपनी तकनीक का उपयोग किया है। इसके बहुभाषी वॉयस एजेंट्स का उपयोग कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के लिए लगभग 1.7 करोड़ किसानों से डेटा संग्रह करने में किया गया। इसके अलावा कंपनी की एआई प्रणालियों ने एक प्रमुख बीमा कंपनी के लगभग 4.5 करोड़ पॉलिसीधारकों के पॉलिसी नवीनीकरण कार्यों में भी सहायता प्रदान की।
एजेंटिक एआई क्या है?
एजेंटिक एआई ऐसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता सिस्टम को कहा जाता है जो सीमित मानव हस्तक्षेप के साथ स्वयं निर्णय लेकर कार्य करने में सक्षम होते हैं। ये प्रणालियां जटिल कार्यों को स्वायत्त रूप से पूरा कर सकती हैं और भविष्य की एआई तकनीक में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मानी जाती हैं।
भारत के एआई पारिस्थितिकी तंत्र में महत्व
सर्वम एआई की यूनिकॉर्न स्थिति भारत के तेजी से विकसित हो रहे एआई पारिस्थितिकी तंत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। यह दर्शाता है कि भारतीय स्टार्टअप न केवल वैश्विक स्तर की एआई तकनीक विकसित कर रहे हैं, बल्कि भारतीय भाषाओं और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान भी तैयार कर रहे हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- सर्वम एआई ने 15 जून 2026 को 234 मिलियन डॉलर की सीरीज-बी फंडिंग जुटाई।
- कंपनी का मूल्यांकन 1.5 बिलियन डॉलर होने के बाद यह यूनिकॉर्न क्लब में शामिल हुई।
- एचसीएलटेक ने 150 मिलियन डॉलर निवेश कर 10.46 प्रतिशत हिस्सेदारी हासिल की।
- सर्वम एआई की स्थापना 2023 में विवेक राघवन और प्रत्युष कुमार ने की थी।
- यूनिकॉर्न वह निजी स्टार्टअप होता है जिसका मूल्यांकन 1 बिलियन डॉलर या उससे अधिक हो।
- फरवरी 2026 में कंपनी ने 30 अरब और 105 अरब पैरामीटर वाले एआई मॉडल लॉन्च किए थे।
- एजेंटिक एआई अधिक स्वायत्त रूप से कार्य करने वाली कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली को कहा जाता है।
- कंपनी ने 1.7 करोड़ किसानों के लिए बहुभाषी वॉयस एजेंट तैनात किए हैं।
सर्वम एआई का यूनिकॉर्न बनना भारत की कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षमता और तकनीकी नवाचार के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। भारतीय भाषाओं, स्थानीय डेटा और स्वदेशी एआई विकास पर केंद्रित यह कंपनी भविष्य में भारत की डिजिटल और तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।