समुद्री निर्यात में विशाखापत्तनम बंदरगाह की बढ़ती भूमिका
भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात में विशाखापत्तनम बंदरगाह, जिसे विजाग पोर्ट भी कहा जाता है, ने वित्त वर्ष 2024-25 में 50.87% हिस्सेदारी के साथ सबसे बड़ी भूमिका निभाई। इसके बाद वित्त वर्ष 2025-26 में भी इसकी हिस्सेदारी 48.89% रही, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में यह 29.67% थी। यह रुझान बताता है कि पूर्वी तट पर स्थित यह बंदरगाह समुद्री उत्पादों की ढुलाई और निर्यात के लिए देश का एक प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।
विशाखापत्तनम बंदरगाह क्यों अहम है
विशाखापत्तनम बंदरगाह आंध्र प्रदेश के पूर्वी तट पर स्थित भारत के प्रमुख बंदरगाहों में शामिल है। यह बंगाल की खाड़ी के किनारे कार्गो आवाजाही के लिए एक महत्वपूर्ण द्वार की तरह काम करता है। यहां बल्क, कंटेनर और निर्यात कार्गो का संचालन होता है, जिससे यह केवल समुद्री उत्पादों ही नहीं बल्कि व्यापक व्यापारिक गतिविधियों के लिए भी उपयोगी है। समुद्री उत्पादों के निर्यात में बंदरगाह की यह मजबूत स्थिति लॉजिस्टिक्स, कोल्ड-चेन और निर्यात अवसंरचना की अहमियत को भी सामने लाती है। खासकर ऐसे समय में जब भारत वैश्विक समुद्री बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, किसी एक बंदरगाह का इतना बड़ा योगदान नीति और व्यापार दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत के समुद्री निर्यात की तस्वीर
समुद्री उत्पादों में मुख्य रूप से फ्रोजन श्रिम्प, फ्रोजन फिश, कटलफिश, स्क्विड, केकड़ा और अन्य सीफूड शामिल होते हैं। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात का मूल्य ₹72,325.82 करोड़ यानी 8.28 अरब डॉलर रहा, जबकि मात्रा 1.93 मिलियन टन दर्ज की गई। इन आंकड़ों से यह स्पष्ट है कि समुद्री निर्यात केवल मूल्य के लिहाज से ही नहीं, बल्कि मात्रा के स्तर पर भी भारत के कृषि-सम्बद्ध निर्यात ढांचे का अहम हिस्सा है। इसमें फ्रोजन श्रिम्प सबसे बड़ा निर्यात उत्पाद बना रहा और उसने कुल निर्यात आय में दो-तिहाई से अधिक योगदान दिया।
MPEDA की भूमिका और निर्यात डेटा का महत्व
समुद्री उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण यानी MPEDA, वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन एक वैधानिक निकाय है। यह समुद्री निर्यात से जुड़ा डेटा संकलित और प्रकाशित करता है तथा गुणवत्ता नियंत्रण, निर्यात संवर्धन और बाजार विकास में सहायता देता है। समुद्री निर्यात के आंकड़े वित्तीय वर्ष के आधार पर मूल्य और मात्रा, दोनों रूपों में ट्रैक किए जाते हैं। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि किस उत्पाद की मांग बढ़ रही है, कौन-से बंदरगाह बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं और वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति किस दिशा में जा रही है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- विशाखापत्तनम बंदरगाह आंध्र प्रदेश के पूर्वी तट पर स्थित है।
- MPEDA का पूरा नाम Marine Products Export Development Authority है।
- वित्त वर्ष 2025-26 में भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात का मूल्य ₹72,325.82 करोड़ रहा।
- फ्रोजन श्रिम्प भारत का सबसे बड़ा समुद्री निर्यात उत्पाद बना रहा।
समुद्री निर्यात में विशाखापत्तनम बंदरगाह की बढ़ती हिस्सेदारी भारत की निर्यात क्षमता, बंदरगाह दक्षता और समुद्री व्यापार अवसंरचना की मजबूती को दर्शाती है।