संशोधित उड़ान योजना से क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मिलेगी नई रफ्तार
भारत में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने संशोधित उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक के लिए मंजूरी दी है। इस योजना के तहत देश के दूरदराज और कम विकसित क्षेत्रों को बेहतर हवाई सेवाओं से जोड़ने पर विशेष जोर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से यात्रियों को सस्ती हवाई यात्रा उपलब्ध होने के साथ-साथ क्षेत्रीय आर्थिक विकास और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
संशोधित उड़ान योजना का दायरा और बजट
संशोधित उड़ान योजना को दस वर्षों के लिए लागू किया जाएगा। इसके लिए केंद्र सरकार ने कुल 28,840 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया है। यह योजना भारत में क्षेत्रीय हवाई संपर्क को विस्तार देने वाली मौजूदा उड़ान योजना की निरंतरता है। इसका मुख्य उद्देश्य छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को देश के प्रमुख हवाई नेटवर्क से जोड़ना है।
हवाई अड्डों और एयरस्ट्रिप का विकास
योजना के अंतर्गत 100 मौजूदा एयरस्ट्रिप को विकसित कर उन्हें उड़ान हवाई अड्डों के रूप में तैयार किया जाएगा। इस कार्य के लिए 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। इसके अलावा क्षेत्रीय हवाई अड्डों के शुरुआती वर्षों में संचालन एवं रखरखाव के लिए 2,500 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है, जिससे इन हवाई अड्डों का संचालन सुचारु रूप से किया जा सके।
हेलिपैड, वीजीएफ और स्वदेशी विमानन को बढ़ावा
संशोधित योजना में दुर्गम और दूरस्थ क्षेत्रों के लिए 200 आधुनिक हेलिपैड विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना पर अगले आठ वर्षों में 3,661 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। साथ ही एयरलाइंस को व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) के रूप में 10,000 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता जारी रहेगी। पहले यह सहायता तीन वर्षों तक उपलब्ध थी, जिसे अब बढ़ाकर पांच वर्ष कर दिया गया है। योजना में स्वदेशी विमानन क्षमताओं को भी प्रोत्साहन दिया गया है। इसके अंतर्गत एचएएल ध्रुव हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमानों जैसे भारतीय प्लेटफॉर्म का उपयोग बढ़ाने पर बल दिया गया है। यह पहल आत्मनिर्भर भारत अभियान के अनुरूप देश की घरेलू विमानन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जोधपुर हवाई अड्डे को नई सौगात
सरकार ने जोधपुर हवाई अड्डे पर 480 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए टर्मिनल भवन का भी उद्घाटन किया है। यह आधुनिक टर्मिनल प्रतिवर्ष लगभग 20 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है। इससे राजस्थान में हवाई संपर्क और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- उड़ान का पूरा नाम उड़े देश का आम नागरिक है।
- उड़ान योजना भारत के नागरिक उड्डयन क्षेत्र की क्षेत्रीय संपर्क योजना है।
- व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) उन परियोजनाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने की व्यवस्था है जो व्यावसायिक रूप से पूरी तरह लाभकारी नहीं होतीं।
- एचएएल ध्रुव एक स्वदेशी बहुउद्देश्यीय हेलीकॉप्टर है, जबकि डोर्नियर विमान कम दूरी की क्षेत्रीय हवाई सेवाओं में व्यापक रूप से उपयोग किए जाते हैं।
संशोधित उड़ान योजना भारत में संतुलित क्षेत्रीय विकास, बेहतर परिवहन व्यवस्था और सुलभ हवाई यात्रा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। छोटे शहरों, दूरस्थ क्षेत्रों और पर्यटन स्थलों को हवाई नेटवर्क से जोड़ने के साथ-साथ यह योजना स्वदेशी विमानन उद्योग को भी नई मजबूती प्रदान करेगी, जिससे आने वाले वर्षों में देश के नागरिक उड्डयन क्षेत्र को व्यापक लाभ मिलने की संभावना है।