श्रीलंका की दिग्गज गायिका नंदा मालिनी का निधन, तीन दिन का राष्ट्रीय शोक
श्रीलंका की प्रसिद्ध गायिका और संगीतकार विशारद डॉ. नंदा मालिनी का 20 अगस्त 2026 को 82 वर्ष की आयु में निधन हो गया। लगभग सात दशक लंबे करियर में उन्होंने सिंहली संगीत को नई पहचान दी और सामाजिक-सांस्कृतिक विषयों से जुड़े गीतों के लिए विशेष सम्मान अर्जित किया।
सिंहली संगीत की सशक्त आवाज
नंदा मालिनी श्रीलंका की सबसे चर्चित प्लेबैक और मंचीय गायिकाओं में गिनी जाती थीं। उनके गीतों में केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और जन-जीवन की झलक भी मिलती थी। इसी कारण वे आम श्रोताओं के साथ-साथ सांस्कृतिक जगत में भी अत्यंत सम्मानित रहीं।
अपने लंबे करियर के दौरान उन्होंने कई पीढ़ियों के संगीत प्रेमियों को प्रभावित किया और सिंहली संगीत को लोकप्रियता के नए आयाम दिए। उनकी पहचान एक ऐसी कलाकार के रूप में बनी, जिनके गायन में भावनात्मक गहराई और सामाजिक सरोकार दोनों मौजूद थे।
सम्मान, शोक और अंतिम संस्कार की व्यवस्था
नंदा मालिनी के निधन के बाद श्रीलंका सरकार ने 21, 22 और 23 अगस्त 2026 के लिए तीन दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की। संसद में 21 अगस्त को सुबह के सत्र के दौरान एक मिनट का मौन रखा गया। यह मौन प्रधानमंत्री हरिनी अमरासूर्या के प्रस्ताव के बाद रखा गया।
उनके पार्थिव शरीर को नुगेगोडा स्थित विजायाबा मावथा, नवल रोड पर उनके आवास और नंदा मालिनी म्यूजिक अकादमी, जिसे संगेetha आश्रमया भी कहा जाता है, में रखा गया। 21 अगस्त को सुबह 10 बजे से सार्वजनिक श्रद्धांजलि शुरू हुई, जबकि अंतिम संस्कार 22 अगस्त को बोरेला कब्रिस्तान में तय किया गया।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नंदा मालिनी श्रीलंका की जानी-मानी गायिका और संगीतकार थीं, जिनका करियर लगभग 70 वर्षों का रहा।
- उन्हें 11 सरस्विया पुरस्कार मिले, जो श्रीलंकाई सिनेमा और संगीत से जुड़े प्रमुख सम्मान माने जाते हैं।
- उन्होंने सर्वश्रेष्ठ महिला गायिका के लिए 8 राष्ट्रपति पुरस्कार भी प्राप्त किए।
- बोरेला कब्रिस्तान श्रीलंका की राजधानी कोलंबो का एक प्रमुख दफन स्थल है।
नंदा मालिनी का निधन श्रीलंका के सांस्कृतिक जीवन के लिए एक बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके गीत और योगदान लंबे समय तक देश की संगीत परंपरा का हिस्सा बने रहेंगे।