अशुतोष परिडा को मिला 47वां सरला पुरस्कार

अशुतोष परिडा को मिला 47वां सरला पुरस्कार

ओडिशा के साहित्यिक परिदृश्य में इस बार सरला पुरस्कार की घोषणा ने खास ध्यान खींचा है। कवि, निबंधकार और पूर्व सीएसआईआर-आईएमएमटी वैज्ञानिक डॉ. अशुतोष परिडा को उनकी काव्य-संग्रह ‘बिश्वास दे पृथ्वी’ के लिए 47वें सरला पुरस्कार के लिए चुना गया है। यह सम्मान 25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में प्रदान किया जाएगा और इसके साथ प्रशस्ति-पत्र, तांबे की पट्टिका तथा 7 लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी।

ओडिया साहित्य में प्रतिष्ठित सम्मान

सरला पुरस्कार ओडिया साहित्य से जुड़ा एक प्रमुख साहित्यिक सम्मान है, जिसे भारतीय मेटल्स पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट (IMPaCT) प्रदान करता है। यह ट्रस्ट आईएमएफए की परोपकारी इकाई है। ओडिशा में यह पुरस्कार साहित्यिक उपलब्धियों के लिए सबसे चर्चित सम्मानों में गिना जाता है और हर वर्ष ओडिया रचनात्मकता को नई पहचान देता है।

डॉ. परिडा की रचना को 2026 में तैयार की गई सात पुस्तकों की अंतिम सूची में से चुना गया। इस सूची में अपर्णा मोहंती, पद्मजा पाल और अर्चना नायक सहित अन्य लेखकों की कृतियाँ भी शामिल थीं। निर्णायक मंडल ने विभिन्न साहित्यिक मानकों के आधार पर चयन किया।

डॉ. अशुतोष परिडा का साहित्यिक और वैज्ञानिक परिचय

डॉ. अशुतोष परिडा केवल कवि या निबंधकार नहीं हैं, बल्कि उनका वैज्ञानिक करियर भी उल्लेखनीय रहा है। वे सीएसआईआर-आईएमएमटी से जुड़े रहे हैं। साहित्य और विज्ञान, दोनों क्षेत्रों में उनकी सक्रियता उन्हें एक विशिष्ट व्यक्तित्व बनाती है। उनकी पुस्तक ‘बिश्वास दे पृथ्वी’ का प्रकाशन 2024 में प्रभा पब्लिकेशन से हुआ था।

ओडिया साहित्य में ऐसी कृतियाँ अक्सर सामाजिक संवेदना, मानवीय अनुभव और समकालीन जीवन के प्रश्नों को नई भाषा में सामने लाती हैं। इसी वजह से सरला पुरस्कार जैसे सम्मान केवल लेखक की उपलब्धि नहीं, बल्कि पूरी साहित्यिक परंपरा की पहचान भी बन जाते हैं।

अन्य सम्मान और चयन प्रक्रिया

IMPaCT ने 2026 के लिए इला-बंसीधर पांडा कला सम्मान की भी घोषणा की है, जो कला के क्षेत्र में आजीवन उत्कृष्टता के लिए दिया जाता है। इस बार यह सम्मान ओडिसी नृत्य के प्रख्यात गुरु दुर्गा चरण रणबीर और मूर्तिकार दामोदर बेहेरा को दिया जाएगा। इस सम्मान के साथ भी प्रशस्ति-पत्र, तांबे की पट्टिका और 2.5 लाख रुपये की नकद राशि शामिल है।

साहित्यिक पुरस्कारों के चयन में निर्णायक मंडल की भूमिका अहम होती है। इस बार अंतिम साहित्यिक जूरी में डॉ. सुचेता मिश्रा, डॉ. हृषिकेश मलिक, संग्राम जेना, स्वप्ना मिश्रा, प्रो. डॉ. नतबर सतपथी, डॉ. सरोजिनी साहू और अजय कुमार मोहापात्रा शामिल थे।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • सरला पुरस्कार ओडिया साहित्य से जुड़ा एक प्रमुख साहित्यिक सम्मान है।
  • यह पुरस्कार भारतीय मेटल्स पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट (IMPaCT) द्वारा दिया जाता है।
  • डॉ. अशुतोष परिडा कवि, निबंधकार और पूर्व सीएसआईआर-आईएमएमटी वैज्ञानिक हैं।
  • ‘बिश्वास दे पृथ्वी’ का प्रकाशन 2024 में प्रभा पब्लिकेशन से हुआ था।

25 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में होने वाला यह समारोह ओडिशा की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा को एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में लाएगा। डॉ. परिडा का चयन समकालीन ओडिया साहित्य में रचनात्मकता और विचारशीलता की अहमियत को रेखांकित करता है।

Originally written on August 21, 2026 and last modified on August 21, 2026.

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