शिक्षा से रोजगार जोड़ने के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति
नीति आयोग ने 22 मई 2026 को नई दिल्ली में “हाई पावर्ड एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट एंड एंटरप्राइज स्टैंडिंग कमेटी” की पहली बैठक आयोजित की। यह समिति केंद्रीय बजट 2026-27 के तहत गठित की गई है, जिसका उद्देश्य शिक्षा और कौशल विकास प्रणाली को श्रम बाजार की मांग के अनुरूप बनाना तथा सेवा क्षेत्र को मजबूत करना है।
समिति की संरचना और उद्देश्य
नीति आयोग की मुख्य कार्यकारी अधिकारी निधि छिब्बर ने इस उद्घाटन बैठक की अध्यक्षता की। समिति को रोजगार क्षमता, उद्यमिता, उद्योग आधारित कौशल विकास और सेवा क्षेत्र की वृद्धि से जुड़े व्यावहारिक सुझाव तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। यह समिति शिक्षा प्रणाली और रोजगार बाजार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की दिशा में काम करेगी।
शिक्षा, कौशल और रोजगार का संबंध
समिति भारत में शिक्षा परिणामों, skill acquisition और workforce requirements के बीच संबंधों का अध्ययन कर रही है। इसके एजेंडे में labour force participation, युवाओं के रोजगार, शिक्षा और कौशल के बीच सामंजस्य तथा औपचारिक और अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में रोजगार की तैयारी जैसे मुद्दे शामिल हैं। इस पहल का उद्देश्य युवाओं को बदलती आर्थिक जरूरतों के अनुसार तैयार करना है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोजगार
बैठक में Artificial Intelligence जैसी frontier technologies के रोजगार और कौशल आवश्यकताओं पर प्रभाव पर भी चर्चा हुई। Artificial Intelligence कंप्यूटर विज्ञान की वह शाखा है, जिसमें मशीनों को pattern recognition, language processing और decision support जैसे कार्य करने योग्य बनाया जाता है। AI के बढ़ते उपयोग के कारण रोजगार के नए अवसर और नई कौशल आवश्यकताएं तेजी से उभर रही हैं।
सेवा क्षेत्र और जनसांख्यिकीय लाभ
समिति का लक्ष्य वर्ष 2047 तक वैश्विक सेवा बाजार में भारत की हिस्सेदारी 10 प्रतिशत तक पहुंचाने में योगदान देना है। सेवा क्षेत्र में सूचना प्रौद्योगिकी, वित्त, पर्यटन, परिवहन और professional services जैसे क्षेत्र शामिल हैं। भारत की demographic dividend स्थिति भी इस पहल से जुड़ी हुई है। इसका अर्थ वह समय होता है, जब देश की कामकाजी आयु वाली आबादी आश्रित आबादी से अधिक होती है।
केंद्र-राज्य और संस्थागत समन्वय
समिति में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, उद्योग जगत, शैक्षणिक संस्थानों और skill ecosystem के बीच समन्वय पर विशेष जोर दिया गया है। भारत की औपचारिक अर्थव्यवस्था श्रम, कर और सामाजिक सुरक्षा कानूनों के तहत संचालित होती है, जबकि अनौपचारिक अर्थव्यवस्था में असंगठित और कम विनियमित कार्य शामिल होते हैं।
खबर से जुड़े जीके तथ्य
- नीति आयोग भारत सरकार का नीति थिंक टैंक है, जिसने 2015 में योजना आयोग का स्थान लिया।
- Labour force participation rate कामकाजी आयु की आबादी में रोजगार या रोजगार तलाशने वालों की हिस्सेदारी को दर्शाता है।
- सेवा क्षेत्र में IT, बैंकिंग, पर्यटन और परिवहन जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
- Artificial Intelligence का उपयोग स्वास्थ्य, बैंकिंग, लॉजिस्टिक्स और शिक्षा क्षेत्रों में बढ़ रहा है।
यह समिति भारत की शिक्षा और रोजगार प्रणाली को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। इससे युवाओं के कौशल विकास, रोजगार अवसरों और सेवा क्षेत्र की वैश्विक प्रतिस्पर्धा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।