वी.ओ.सी. पोर्ट बना देश का पहला स्कोप-2 उत्सर्जन-मुक्त प्रमुख बंदरगाह

वी.ओ.सी. पोर्ट बना देश का पहला स्कोप-2 उत्सर्जन-मुक्त प्रमुख बंदरगाह

तमिलनाडु के तूतीकोरिन स्थित वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट अथॉरिटी ने 10 अगस्त 2026 को एक बड़ी पर्यावरणीय उपलब्धि हासिल की। यह भारत का पहला प्रमुख बंदरगाह बन गया है, जिसे स्कोप-2 उत्सर्जन-मुक्त दर्जा मिला है। साथ ही, यह देश का पहला बंदरगाह भी बन गया है, जिसे ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली के लिए आईएसओ 50001:2018 प्रमाणन प्राप्त हुआ है।

स्कोप-2 उत्सर्जन क्या होते हैं

स्कोप-2 उत्सर्जन सीधे किसी गतिविधि से नहीं, बल्कि खरीदी गई बिजली, भाप, हीटिंग या कूलिंग जैसी ऊर्जा सेवाओं से जुड़े अप्रत्यक्ष ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन होते हैं। किसी बंदरगाह या उद्योग के लिए स्कोप-2 उत्सर्जन शून्य तब माना जाता है, जब उसकी नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता तय अवधि में उसकी कुल बिजली खपत से अधिक हो जाए।

स्वतंत्र सत्यापन में यह पुष्टि हुई कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में वी.ओ.सी. पोर्ट की नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन मात्रा उसकी बिजली खपत से अधिक रही। पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में भी नवीकरणीय ऊर्जा ने बंदरगाह की कुल बिजली खपत का 93.89% हिस्सा पूरा किया।

हरित बुनियादी ढांचे से मिली बढ़त

बंदरगाह की इस उपलब्धि के पीछे उसके हरित ऊर्जा निवेश की अहम भूमिका रही है। वर्तमान में यहां 7.04 मेगावाट सौर क्षमता और 2 मेगावाट पवन क्षमता मौजूद है। इसके अलावा, बंदरगाह ने 2 मेगावाट ग्राउंड-माउंटेड सौर क्षमता, 17 मेगावाट पवन क्षमता के साथ 5 मेगावाट-घंटा बैटरी भंडारण और एक ग्रीन हाइड्रोजन हब की भी योजना बनाई है।

ब्यूरो वेरिटास ने इसे स्कोप-2 उत्सर्जन-मुक्त के रूप में मान्यता दी, जबकि इंडियन रजिस्टर क्वालिटी सिस्टम्स ने आईएसओ 50001:2018 प्रमाणन प्रदान किया। यह मानक ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली को स्थापित करने, लागू करने, बनाए रखने और बेहतर बनाने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकार किया जाता है।

सतत विकास, लॉजिस्टिक्स और डिजिटल नवाचार

वी.ओ.सी. पोर्ट ने केवल ऊर्जा क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि संस्थागत और डिजिटल मोर्चे पर भी कदम बढ़ाए हैं। 23 जून 2026 को केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने इस बंदरगाह की पहली सस्टेनेबिलिटी रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट के अनुसार, स्वच्छ ऊर्जा की ओर बदलाव से बंदरगाह के शुद्ध कार्बन उत्सर्जन में 45% की कमी आई।

इसी दिन बंदरगाह ने गति शक्ति विश्वविद्यालय के साथ लॉजिस्टिक्स शिक्षा के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। साथ ही, इसने पोर्टGPT नामक एक एंटरप्राइज-ग्रेड जनरेटिव एआई मोबाइल ऐप भी लॉन्च किया, जो किसी भारतीय प्रमुख बंदरगाह में लागू किया गया अपनी तरह का पहला ऐप बताया गया।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • वी.ओ. चिदंबरनार पोर्ट तमिलनाडु के तूतीकोरिन में स्थित भारत का एक प्रमुख बंदरगाह है।
  • स्कोप-2 उत्सर्जन खरीदी गई बिजली और अन्य ऊर्जा सेवाओं से जुड़े अप्रत्यक्ष उत्सर्जन होते हैं।
  • आईएसओ 50001:2018 ऊर्जा प्रबंधन प्रणाली के लिए अंतरराष्ट्रीय मानक है।
  • बैटरी भंडारण का उपयोग सौर और पवन ऊर्जा जैसी अनियमित नवीकरणीय आपूर्ति को संतुलित करने में किया जाता है।

यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत के प्रमुख बंदरगाह अब केवल व्यापारिक केंद्र नहीं, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा और टिकाऊ संचालन के मॉडल भी बन रहे हैं।

Originally written on August 11, 2026 and last modified on August 11, 2026.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *