विश्वनाथन आनंद बने FIDE के अंतरिम अध्यक्ष, शतरंज प्रशासन में नई जिम्मेदारी

विश्वनाथन आनंद बने FIDE के अंतरिम अध्यक्ष, शतरंज प्रशासन में नई जिम्मेदारी

भारत के दिग्गज शतरंज खिलाड़ी और पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद को अंतरराष्ट्रीय शतरंज महासंघ (FIDE) का अंतरिम अध्यक्ष बनाया गया है। 24 जुलाई 2026 को उन्होंने यह जिम्मेदारी संभाली, जब मौजूदा FIDE अध्यक्ष अर्कादी द्वोर्कोविच ने यूरोपीय संघ और स्विस प्रतिबंधों के बाद अपने कर्तव्यों को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया।

FIDE में नेतृत्व परिवर्तन क्यों अहम है

FIDE दुनिया भर में शतरंज का सर्वोच्च प्रशासनिक निकाय है। यह विश्व चैंपियनशिप, खिताबी नियमों और अंतरराष्ट्रीय रेटिंग प्रणाली जैसी अहम व्यवस्थाओं का संचालन करता है। ऐसे में इसके शीर्ष पद पर बदलाव केवल औपचारिक नहीं होता, बल्कि वैश्विक शतरंज प्रशासन की दिशा पर भी असर डालता है। आनंद का अंतरिम अध्यक्ष बनना भारतीय शतरंज के लिए भी एक महत्वपूर्ण क्षण है, क्योंकि वे लंबे समय से इस खेल के सबसे प्रतिष्ठित चेहरों में रहे हैं।

अर्कादी द्वोर्कोविच और प्रतिबंधों का संदर्भ

अर्कादी द्वोर्कोविच 2018 से FIDE का नेतृत्व कर रहे थे। इससे पहले वे 2012 से 2018 तक रूस के उप-प्रधानमंत्री भी रह चुके हैं। उन्हें यूरोपीय संघ के 21वें प्रतिबंध पैकेज में शामिल किया गया, जो रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े उपायों का हिस्सा है। इसी कारण उन्होंने FIDE अध्यक्ष के रूप में अपने दायित्वों को फिलहाल रोक दिया।FIDE के नियमों और प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत ऐसी स्थिति में नेतृत्व का अस्थायी हस्तांतरण किया जाता है, ताकि संगठन का कामकाज प्रभावित न हो।

विश्वनाथन आनंद की भूमिका और आगे की स्थिति

विश्वनाथन आनंद अगस्त 2022 में FIDE के उपाध्यक्ष चुने गए थे। अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि वे उपाध्यक्ष पद के लिए दोबारा चुनाव नहीं लड़ेंगे। हालांकि, वे सितंबर में समरकंद में होने वाले चुनावों के लिए द्वोर्कोविच की अभियान टीम का हिस्सा बने रहेंगे।आनंद का शतरंज करियर भारतीय खेल इतिहास में विशेष स्थान रखता है। वे 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने थे और विश्व शतरंज चैंपियनशिप पांच बार जीत चुके हैं। खेल के मैदान से प्रशासनिक भूमिका तक उनकी यह यात्रा भारतीय शतरंज की बढ़ती वैश्विक उपस्थिति को भी दर्शाती है।

खबर से जुड़े जीके तथ्य

  • FIDE का पूरा नाम Fédération Internationale des Échecs है, जो फ्रेंच भाषा से लिया गया है।
  • FIDE की स्थापना 1924 में हुई थी और यह शतरंज की वैश्विक शासी संस्था है।
  • विश्वनाथन आनंद 1988 में भारत के पहले ग्रैंडमास्टर बने थे।
  • समरकंद उज्बेकिस्तान का ऐतिहासिक शहर है और कई अंतरराष्ट्रीय शतरंज आयोजनों की मेजबानी कर चुका है।

इस घटनाक्रम ने एक बार फिर दिखाया है कि विश्वनाथन आनंद केवल शतरंज के महान खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय खेल प्रशासन में भी एक भरोसेमंद और सम्मानित नाम हैं।

Originally written on July 24, 2026 and last modified on July 24, 2026.

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